MP सरकार 46 लाख से ज्यादा को फ्री रजिस्ट्री के साथ देगी जमीन; ऐसा करने वाला पहला राज्य
मध्य प्रदेश सरकार ने मंगलवार को हुई कैबिनेट की बैठक में एक बड़ा निर्णय लिया। मोहन यादव सरकार स्वामित्व योजना के तहत 46.80 लाख लोगों को मुफ्त जमीन की रजिस्ट्री देगी। विस्तृत जानकारी के लिए पढ़ें यह रिपोर्ट…

मध्य प्रदेश सरकार ने सीएम मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट की बैठक में कई बड़े फैसले लिए। कैबिनेट ने स्वामित्व योजना के तहत 46.80 लाख लोगों को पट्टे की जमीन रजिस्ट्री के साथ देने का फैसला किया। जमीन की रजिस्ट्री के दस्तावेज मुफ्त में दिए जाएंगे। इस पर 3800 करोड़ रुपए का खर्च आने का अनुमान है जिसे सरकार खुद वहन करेगी। दावा है कि एमपी ऐसा करने वाला देश का पहला राज्य होगा। इसके साथ ही कैबिनेट ने कुछ और फैसले किए हैं।
ऐसा करने वाला एमपी देश का पहला राज्य
कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए मंत्री चैतन्य कश्यप ने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार ने कैबिनेट में स्वामित्व योजना में बडा फैसला लिया है। इस योजना के तहत सरकार 48 लाख से अधिक लोगों को पट्टे पर दी गई जमीन रजिस्ट्री कराकर देगी। इस पर सरकार को 3800 करोड़ रुपए का खर्च उठाना पड़ेगा। मध्य प्रदेश ऐसी पहल करने वाला देश का पहला राज्य होगा जो आबादी की जमीन पर बसे लोगों को रजिस्टर्ड दस्तावेज देने का काम करने जा रहा है।
कई अन्य सुविधाएं मिल सकेंगी
बताया जा रहा है कि रजिस्ट्रीकृत दस्तावेज मिलने से लाभार्थी परिवारों को जमीन पर लोन लेने समेत कई अन्य सुविधाएं मिल सकेंगी। प्रदेश सरकार ने इस पहले के लिए सभी 55 जिलों में 48.32 लाख निजी लोगों की पहचान की है। वहीं इसके लिए 19 लाख शासकीय संपत्तियों को पहचाना गया है।
55 जिलों में 48.32 लाख लोगों की पहचान
मंत्री चैतन्य कश्यप ने कहा कि स्वामित्व योजना केंद्र सरकार ने लागू की है। इसके तहत ड्रोन और सैटेलाइट इमेज के जरिये आबादी की जमीन पर बसे लोगों की पहचान करने का काम किया गया है। पूरी कार्रवाई के बाद प्रदेश के सभी 55 जिलों में 48.32 लाख लोग चिह्नित किए गए हैं। इन सबको रजिस्ट्री के दस्तावेज देने का फैसला किया गया है। रजिस्ट्री में लगने वाले सभी तरह के शुल्क सरकार भरेगी।
स्कूली बच्चों को दी जाएंगी 2 ड्रेस
कैबिनेट ने स्कूली शिक्षा विभाग के उस प्रस्ताव को भी मंजूरी प्रदान कर दी है जिसके तहत कक्षा-1 से 8वीं तक के विद्यार्थियों को इस बार दो ड्रेस देने के लिए रकम देने के बजाय सिलाई कराकर तैयार ड्रेस ही दी जाएगी। इससे पहले की व्यवस्था के तहत बच्चों के खातों में डीबीटी के माध्यम से 600 रुपए भेज दिए जाते थे। इस व्यवस्था में खामियों की शिकायतें सामने आने के बाद सरकार ने इस नीति में बदलाव करने का फैसला किया है। नई व्यवस्था के तहत गारमेंट इंडस्ट्री से टेंडर प्रक्रिया के जरिए कपड़ा खरीदा जाएगा। इसके बाद ड्रेस सिलवाकर उपलब्ध कराए जाएंगे।
सीएम सुगम बस सेवा पर भी फैसला
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने परिवहन विभाग की बैठक भी ली। प्रदेश में सीएम सुगम बस सेवा के तहत कुल 5206 बसें चलाई जानी हैं। ये बसें संभाग से संभाग और जिलों को जोड़ेंगी। इनमें इंदौर से भोपाल समेत अनूपपुर, भिंड, महैर, मऊगंज आलीराजपुर के लिए बसें चलाई जाएंगी। पहले चरण में इंदौर क्षेत्र के 121 मार्गों पर 608 बसें, उज्जैन क्षेत्र में 120 मार्गों पर 371 बसें, भोपाल क्षेत्र के 104 मार्गों के लिए 358 बसें, जबलपुर क्षेत्र के 83 मार्ग पर 309 बसें चलाई जाएंगी। तीसरे चरण में मध्य प्रदेश से बाहर के राज्यों के लिए अगले 2 वर्षों में 436 मार्गों पर 1196 बसें चलाई जाएंगी।
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Krishna Bihari Singhकृष्ण बिहारी सिंह वरिष्ठ पत्रकार और स्टेट टीम का हिस्सा (दिल्ली-NCR, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, राजस्थान और गुजरात )
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