
MP में मस्जिद की जमीन खुदाई में मिली भगवान राम सीता की मूर्ति! खूब बवाल
मध्य प्रदेश के सागर जिले में मस्जिद की जमीन पर नींव की खुदाई के दौरान हिंदू देवी-देवताओं की मूर्तियां निकली हैं। मूर्तियां भगवान राम और माता सीता की बताई जा रही हैं। सूचना पर हिंदूवादी संगठन के लोग मौके पर पहुंचे ओर पूजा अर्चना की।
मध्य प्रदेश के सागर जिले में मस्जिद की जमीन पर नींव की खुदाई के दौरान हिंदू देवी-देवताओं की मूर्तियां निकली हैं। मूर्तियां भगवान राम और माता सीता की बताई जा रही हैं। सूचना पर हिंदूवादी संगठन के लोग मौके पर पहुंचे और पूजा अर्चना की। हालांकि मुस्लिम पक्ष का कहना है कि ये मूर्तियां नहीं है, चंदेली कालीन साधारण पत्थर हैं। मामले के बाद गांव में हड़कंप मच गया। पुलिस और प्रशासन मौके पर पहुंचा और दोनों पक्षों को समझाइश देकर स्थिति नियंत्रित कर निर्माण कार्य रुकवा दिया गया है और पुरातत्व विभाग को इसकी सूचना दी गई है। वंही हिंदू पक्ष ने मंदिर होने का दावा किया है।

दरअसल सागर जिले के बंडा विकासखंड के ग्राम पापेट में शुक्रवार को जामा मस्जिद की जमीन पर हो रही खुदाई के दौरान कुछ प्राचीन आकृतियां मिली। बताया जा रहा है कि ये आकृतियां हिंदू देवी-देवताओं की मूर्तियां हैं। मूर्तियां मिलते ही हिंदू पक्ष के लोग मौके पर पहुंचे और निर्माण कार्य रुकवा दिया। ग्रामीणों के साथ मिलकर उन्होंने मूर्तियों की पूजा-अर्चना भी की। गांव में भीड़ देखकर सुरक्षा के लिहाज से पुलिस बल पहुंचा। लोगों को समझा कर शांत कराया। पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने मामले में पुरातत्व विभाग को सूचना देकर मौके पर बुलाया है। मूर्ति की जांच कराई जाएगी। जांच के बाद मूर्ति कब की है और किसकी है, यह स्पष्ट हो सकेगा।
ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार गांव में स्थित मस्जिद परिसर में कमरों के पुर्ननिर्माण का काम चल रहा है। परिसर में खुदाई चल रही थी। तभी कुछ मूर्तियां मिली हैं। मजदूरों ने मूर्तियां मिलने की जानकारी लोगों को दी। इसके बाद ग्रामीण और हिंदू संगठन मौके पर पहुंचे और नारेबाजी शुरू कर दी। उन्होंने कहा कि मूर्तियां उक्त स्थान पर ही रहेंगी। चबूतरा बनाकर लोगों ने मूर्तियां को बैठाया है। पूजा-अर्चना की गई है।
मस्जिद प्रबंधन के सगीर खान ने कहा कि मस्जिद की जमीन पर मूर्तियां नहीं निकली है, यह चंदेली पत्थर है, मूर्ति नहीं, बाउंड्रीवाल का निर्माण किया जा रहा था। उन्होंने कहा कि पास में बनीं पत्थरों की खखरी से मूर्तियां मिली हैं। उन्हें मस्जिद परिसर में रखा गया है। कुछ लोगों ने परिसर में मूर्तियां रखकर पूजा की है। मामले की जांच होना चाहिए। करीब 200 साल पहले यह जमीन मस्जिद को दी थी।
एसडीएम नवीन ठाकुर ने बताया कि ग्रामवासियों की सूचना पर प्रशासन मौके पर पहुंचा। निर्माण कार्य के दौरान नींव की खुदाई में कुछ आकृतियां मिली हैं, जिनकी जांच पुरातत्व विभाग करेगा। उन्होंने कहा कि जहां मूर्तियां निकलने की बात कही जा रही है उक्त जमीन मस्जिद की है। जांच पूरी होने तक सभी प्राप्त वस्तुओं को पुलिस अभिरक्षा में सुरक्षित रखा जाएगा। फिलहाल यथास्थिति बनाए रखी जाएगी और निर्माण कार्य स्थगित रहेगा। वर्तमान में यह भूमि मस्जिद समिति के स्वामित्व में है और आबादी क्षेत्र के अंतर्गत आती है।
बजरंग दल के संयोजक सोनू सेन का कहना है कि जहां खुदाई हुई है, वहां पहले मंदिर था, जिसे तोड़कर मस्जिद का निर्माण किया गया होगा और शेष भूमि पर भी कब्जा कर लिया गया था। उनका दावा है कि यदि पूरी खुदाई कराई जाए तो मंदिर के अवशेष मिल सकते हैं। उन्होंने कहा कि पुरातत्व विभाग से वैज्ञानिक तरीके से खुदाई करवाकर जांच करनी चाहिए। यदि ये मूर्तियां वास्तव में देवी-देवताओं की सिद्ध होती हैं, तो इस भूमि पर मंदिर निर्माण कराया जाएगा और मूर्तियों की विधिवत स्थापना की जाएगी।
थाना प्रभारी कमल किशोर मौर्य ने पुष्टि की कि खुदाई के दौरान मूर्ति जैसी आकृति मिली है। बजरंग दल इसे हनुमान जी की मूर्ति बता रहा है, लेकिन अभी स्पष्ट रूप से नहीं कहा जा सकता कि ये मूर्तियां किस काल या किस देवता की हैं। उन्होंने कहा कि यह भी संभव है कि आकृतियां खजुराहो शैली की प्राचीन मूर्तियों से संबंधित हों। पुरातत्व विभाग की जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति साफ होगी।
रिपोर्ट विजेन्द्र यादव





