MP के नागदा में लॉरेंस गैंग के गुर्गे का सरेंडर; बोला- वो बच्चियों पर गलत नजर रखता था, इसलिए फायरिंग कराई
राजपाल ने पुलिस पर अपने परिवार को परेशान करने का आरोप लगाया। उसने कहा कि देशभर की सुरक्षा एजेंसियां और कई राज्यों की पुलिस पहले भी उससे पूछताछ कर चुकी हैं। इसी वजह से वह सरेंडर करने को मजबूर हुआ।

मध्य प्रदेश में उज्जैन जिले के नागदा में कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई गैंग के एक गुर्गे ने गुरुवार को पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। आरोपी की पहचान राजपाल के रूप में हुई है और उसने अपने गांव रत्न्यखेड़ी में सरेंडर किया। पुलिस के सामने पेश होने से पहले उसने मीडिया से बात की और खरगोन के एक व्यापारी दिलीप सिंह राठौड़ के घर पर फायरिंग करवाने की बात कबूल ली। हालांकि राजपाल का कहना है कि जिस व्यापारी दिलीप राठौड़ के घर गोली चलवाई गई थी, वह छोटी बच्चियों पर गलत नजर रखता है और किसानों के साथ अत्याचार करता है। इसी वजह से उसे सबक सिखाने के लिए यह वारदात कराई गई।
नागदा के रत्न्यखेड़ी गांव में गुरुवार दोपहर राजपाल ने सरेंडर किया। सरेंडर से पहले घर के बाहर खड़े होकर उसने बताया कि– 'पहले मेरे साथियों ने व्यापारी पर हमला करने की कोशिश की, लेकिन वे सफल नहीं हुए। इसके बाद हैरी बॉक्सर नाम के साथी के जरिए इस वारदात को अंजाम दिया गया।'
रॉकेट लॉन्चर हमले में भी आया था नाम
राजपाल का नाम पंजाब के मोहाली स्थित पुलिस खुफिया विभाग मुख्यालय पर हुए रॉकेट लॉन्चर हमले में भी आ चुका है। साथ ही दीपक रंगा को पनाह देने के मामले में NIA भी राजपाल और उसके साथी योगेश भाटी को हिरासत में लेकर पूछताछ कर चुकी है।
पुलिस पर लगाया परेशान करने का आरोप
राजपाल ने पुलिस पर अपने परिवार को परेशान करने का आरोप लगाया। उसने कहा कि देशभर की सुरक्षा एजेंसियां और कई राज्यों की पुलिस पहले भी उससे पूछताछ कर चुकी हैं। इसी वजह से वह सरेंडर करने को मजबूर हुआ।
'हम प्रशासन की मदद करते हैं, वो हमारी मदद करता है'
सरेंडर से पहले राजपाल ने चेतावनी भी दी और कहा, 'जो भी गलत काम करेगा, लॉरेंस गैंग के लोग उसे नहीं छोड़ेंगे। हम प्रशासन की मदद करते रहे हैं और आगे भी करेंगे। प्रशासन भी हमारी मदद करता है।' गिरफ्तारी के बाद राजपाल को दोपहर बाद नागदा कोर्ट में पेश किया गया।
16 मार्च को हुई थी व्यापारी के घर फायरिंग
बता दें कि 16 मार्च को खरगोन के बीलगांव में दिलीप सिंह राठौड़ के घर पर तीन नकाबपोश बदमाशों ने बाइक से गोलियां चलाई थीं। CCTV में पूरी घटना कैद हुई थी। लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने खुद इसकी जिम्मेदारी ली थी। परिवार को इंटरनेशनल नंबरों से धमकियां मिलीं और 10 करोड़ की फिरौती मांगी गई। आरोपियों ने डराने के लिए खुद ही फायरिंग का वीडियो बनाकर भेजा भी था।
लेखक के बारे में
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