देश में बढ़ा रहे हिंदी का मान, पद्म श्री के लिए चुने गए MP के सीनियर पत्रकार कौन?
कैलाश चंद्र पंत मध्य प्रदेश के सीनियर जर्नलिस्ट हैं। हिंदी भाषा के सम्मान में किया जा रहा उनका काम वाकई सराहनीय है। अपनी शानदार पत्रकारिता के करियर को विराम देने के बाद बीते दो दशकों से वह जनधर्म नाम की साप्ताहिक मैगजीन निकालते हैं।

गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर आज पद्म पुरस्कार पाने वाले लोगों की लिस्ट आ गई है। इनमें देश के कई राज्यों के उन लोगों को चुना गया है जिन्होंने अपने काम से देश का मान बढ़ाया है। इनमें एक नाम मध्य प्रदेश के वरिष्ठ प्रत्रकार कैलाशचंद्र पंत का भी है। सरकार ने उन्हें पद्म श्री के लिए चुना है। हिंदी भाषा के लिए किया जा रहा उनका उल्लेखनीय काम सराहनीय है। वह इस भाषा का मान पूरे भारत में बढ़ा रहे हैं। आइए जानते हैं उनके बारे में-
कौन हैं कैलाश चंद्र पंत?
कैलाश चंद्र पंत मध्य प्रदेश के सीनियर जर्नलिस्ट हैं। हिंदी भाषा के सम्मान में किया जा रहा उनका काम वाकई सराहनीय है। अपनी शानदार पत्रकारिता के करियर को विराम देने के बाद बीते दो दशकों से वह जनधर्म नाम की साप्ताहिक मैगजीन निकालते हैं। यहीं नहीं उन्होंने महू में स्वध्याय विद्यापीठ की स्थापना की। यही नहीं कैलाश चंद्र पंत ने भोपाल में हिंदी भवन न्यास और कृषि भवन को भी विकसित किया।
कैलाश चंद्र पंत भोपाल से प्रकाशित होने वाली पत्रिका अक्षरा के भी संपादक हैं। उन्हें बृजलाल द्विवेदी सम्मान से नवाजा गया है। यही वजह है कि कैलाश चंद्र पंत को साहित्य और शिक्षा के क्षेत्र में उनके अभूतपूर्व योगदान के लिए इस साल पद्म श्री अवार्ड से नवाजा गया है। वे साहित्य और पत्रकारिता से जुड़े सेमिनारों (संगोष्ठियों) में शामिल रहे हैं, जहां उन्होंने अध्यक्ष या मुख्य वक्ता के रूप में अपनी सेवाएं दी हैं।
पीटीआई (PTI) से बात करते हुए उन्होंने कहा, “बिना किसी संदेह के, हिंदी पत्रकारिता के लिए ऐसा सम्मान मिलना मेरे लिए गर्व का क्षण है। यह इस बात का भी प्रमाण है कि एक पत्रिका समाज पर कितना प्रभाव डाल सकती है, इसलिए मैं यह पुरस्कार सभी हिंदी प्रेमियों को समर्पित करता हूं। दुनिया भर में ऐसे कई लोग हैं जो हिंदी में काम कर रहे हैं, भले ही यह पुरस्कार मुझे मिला है, लेकिन कई लोग इस क्षेत्र में सक्रिय रूप से योगदान दे रहे हैं।”
कुल 45 लोगों को मिलेगा पद्म श्री
बता दें कि इस बार भी भारत सरकार ने गुमनाम हीरोज(Unsung Heroes) को पद्म पुरस्कार के लिए चुना है। इनमें एक पूर्व बस कंडक्टर भी है जिसने दुनिया का सबसे बड़ा मुफ्त पुस्तकालय खोला है। एशिया का पहला मिल्क बैंक खोलने वाले एक बाल रोग विशेषज्ञ और 90 साल की उम्र में अत्यंत दुर्लभ वाद्य यंत्र बजाने वाले व्यक्ति को भी इसके लिए चुना गया है।





