कलेक्ट्रेट में डॉगी मास्क पहन पहुंचा था, 'जेन-जी स्टाइल' प्रोटेस्ट के बाद अब सता रहा जान का खतरा; क्या वजह?
मध्यप्रदेश के खंडवा में एक शख्स अपनी मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट में डॉगी मास्क पहन पहुंचा था जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल है। हालांकि युवक अब अपनी जान को खतरा बता रहा है।

मध्यप्रदेश के खंडवा का एक मामला इस समय सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है । दरअसल यहां मंगलवार को जिला कलेक्टर कार्यालय में जनसुनवाई जारी थी। उसी बीच निगम के नेता प्रतिपक्ष दीपक उर्फ मुल्लू राठौर एक युवक को कुत्ते का मास्क पहनाकर अधिकारियों की टेबल तक ले आए। उन्होंने निगम द्वारा संचालित श्वान बधियाकरण केंद्र को लेकर 40 लाख का भ्रष्टाचार होने के आरोप लगाए थे। यह मामला मीडिया की सुर्खियों में बना था। जिस पर अब निगम प्रशासन का पक्ष भी सामने आया है। निगम आयुक्त प्रियंका राजावत के अनुसार बीते 4 सालों में 7768 कुत्तों की नसबंदी की गई है, साथ ही श्वान बधियाकरण केंद्र के संचालन की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से ई टेंडर के माध्यम से होना बताया है।
इधर वायरल हुआ डॉगी का मास्क पहना फरियादी अब खुद को जान से खतरा बता रहा है। डॉग का सॉन्ग रचने वाले व्यक्ति को अपनी जान का खतरा है। उसका कहना है कि उसका कैरेक्टर इतना ज्यादा वायरल हो गया है कि, अब उसे उन लोगों से खतरा है। जिनके खिलाफ उसमें यह आवाज उठाई है। इसलिए ना तो वह अपना नाम सार्वजनिक करना चाहता है, ना ही अपना चेहरा। उसे डर है कि ऐसा करने पर उसके या उसके परिवार के साथ कोई ना कोई घटना हो सकती है। हालांकि इसका यह भी मानना है कि उसके आवाज उठाने के बाद उसे इतना विश्वास है कि उसकी बात सुनी जाएगी और जिस समस्या के लिए उसने आवाज उठाई है, उसे हल किया जाएगा। जिन लोगों ने भ्रष्टाचार किया है। उनकी निष्पक्ष जांच कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
भाजपा बोली- सस्ती लोकप्रियता पाने के लिए
तो वहीं उसे लेकर पहुंचे निगम के नेता प्रतिपक्ष को उम्मीद है कि देशभर में वायरल होने के बाद कुत्तों की समस्या से निजात मिल सकेगी। वहीं इस मामले में भाजपा एमआईसी सदस्यों के द्वारा कांग्रेस पर सस्ती लोकप्रियता पाने के लिए किए गए स्टंट का आरोप लगाने का जवाब देते हुए जिला कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा रघुवंशी का कहना है की ये जेन जी का जमाना है। इसमें प्रोटेस्ट के नए तरीके इस्तेमाल किए जाते हैं।
पूरे देश में चर्चा का विषय बन चुका
बता दें कि, फिलहाल खंडवा का डॉगी मास्क पहने जनसुनवाई में एक फरियादी के पहुंचने का यह मामला जमकर पूरे देश में चर्चा का विषय बना हुआ है। इस मामले में डॉग बाइट से पीड़ित और पशु प्रेमी दोनों ही पक्षों की अलग-अलग राय सोशल मीडिया पर सामने आ रही है।
बीते महीने खंडवा में कितने डॉग बाइट के मामले?
इसी बीच खंडवा के नंद कुमार सिंह चौहान मेडिकल कॉलेज के रेबीज कंट्रोल विभाग के प्रभारी डॉक्टर योगेश शर्मा का कहना था कि बीते महीने खंडवा में 250 से अधिक डॉग बाइट के मामले सामने आए थे। तो वहीं 2022 से लेकर अब तक बीते 4 सालों में 12000 से अधिक डॉग बाईट के मामले जिले भर से सामने आए हैं। हालांकि इसमें अच्छी बात यह है कि मध्य प्रदेश सरकार के द्वारा रेबीज कंट्रोल को लेकर जो प्रोग्राम चलाया जा रहा है, उसमें खंडवा जिला खासी प्रोग्रेस कर रहा है। और इसी के चलते बीते 5 सालों में अब तक एक भी केस रैबीज से मौत का यहां देखने में नहीं आया है। और जितने भी पीड़ित अस्पताल तक पहुंचे हैं सभी स्वस्थ होकर लौटे हैं।


