आरक्षण के बयानों से शुरू हुई कानूनी जंग का अंत, मानहानि केस में दोष मुक्त हुए शिवराज; कैसे माने विवेक तन्खा?

Mar 12, 2026 07:08 pm ISTMohit लाइव हिन्दुस्तान, जबलपुर
share

सीएम शिवराज सिंह चौहान ने बयान दिया था इस बयान को अपमानजनक और छवि को नुकसान पहुंचाने वाला करार देते हुए विवेक तन्खा ने 10 करोड़ का मानहानि का मुकदमा दायर किया था ओर आपराधिक शिकायत में आईपीसी की धारा 500 के तहत कार्यवाही की मांग की थी।

मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान सहित खजुराहो सांसद वीडी शर्मा और भाजपा विधायक भूपेंद्र सिंह को जबलपुर की विशेष कोर्ट ने राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा द्वारा दायर किया गया मानहानि के मामले में दोष मुक्त कर दिया है, यह फैसला आपसी सहमति के बाद किया गया है। बताया जा रहा है कि प्रकरण में अंतिम फैसले के पहले परिवादी विवेक तन्खा की ओर से मानहानि का प्रकरण वापिस लेने का आवेदन प्रस्तुत किया गया था।

जबलपुर के एमपी/एमएलए कोर्ट के विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट डीपी सूत्रकर की अदालत ने विवेक तन्खा के आवेदन को स्वीकार करते हुए तीनों बड़े नेताओं को मानहानि केस से दोष मुक्त किया है। मामला मध्य प्रदेश पंचायत चुनाव के दौरान ओबीसी आरक्षण से जुड़े केस में विवेक तन्खा की पैरवी को लेकर तत्कालीन सीएम शिवराज सिंह चौहान ने बयान दिया था इस बयान को अपमानजनक और छवि को नुकसान पहुंचाने वाला करार देते हुए विवेक तन्खा ने 10 करोड़ का मानहानि का मुकदमा दायर किया था ओर आपराधिक शिकायत में आईपीसी की धारा 500 के तहत कार्यवाही की मांग की थी। जबलपुर की एमपी-एमएलए कोर्ट में विचाराधीन रहने के दौरान प्रकरण निरस्त कराने शिवराज सहित अन्य पहले हाई कोर्ट और बाद में सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गए थे।

बयानों से उनकी छवि को नुकसान पहुंचा

मामला 2021 में हुए मध्य प्रदेश के पंचायत चुनावों से जुड़ा था। उन दिनों विवेक तन्खा वरिष्ठ अधिवक्ता के तौर पर सुप्रीम कोर्ट में पंचायत चुनावों में ओबीसी आरक्षण से जुड़े एक केस में पेश हुए थे। तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इसे लेकर कुछ बयान दिए थे। तन्खा का कहना था कि इन बयानों से उनकी छवि को नुकसान पहुंचा। उन्हें सार्वजनिक आलोचना का सामना करना पड़ा। इसे आधार बनाते हुए उन्होंने सिविल और क्रिमिनल मानहानि केस दर्ज करवाए। सिविल केस में 10 करोड़ रुपये के हर्जाने की मांग की गई थी। जब यह मामला सुप्रीम कोर्ट भी पहुंचा गया था। सुप्रीम कोर्ट के सौहार्दपूर्ण समाधान खोजने के सुझाव के बाद, शिवराज और तन्खा ने लंबी कानूनी लड़ाई के बजाय बातचीत का रास्ता चुना।

संसद में हुई मुलाकात ओर बातचीत से निकला हल

मिली जानकारी के अनुसार संसद में शिवराज सहित अन्य नेताओं से मुलाकात और बातचीत के बाद राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा ने चुनाव के दौरान दिए गए बयानों के संबंध में दायर किए गए सिविल और आपराधिक मानहानि के मामलों को वापस लेने का फैसला किया। समझौते को अभिलेख पर लेते हुए सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति एमएम सुंदरेश और न्यायमूर्ति एनके सिंह की युगलपीठ ने मानहानि के प्रकरण को निरस्त करने का राहत कारी आदेश पारित कर दिया था।

तन्खा का आरोप

विवेक तन्खा ने आरोप लगाया था कि शिवराज सिंह चौहान ने उन्हें पंचायत चुनावों पर रोक के लिए दोषी ठहराया, ऐसा करने के लिए उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के अंतरिम आदेशों को गलत तरीके से पेश किया, इसी से व्यथित होकर उन्होंने मानहानि का नोटिस भेज दिया था। बाद में अदालत में मानहानि का मुकदमा दायर कर दिया।

परिवादी अधिवक्ता श्यामसुंदर यादव ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के आग्रह पर विवेक तन्खा द्वारा लगाया गया मानहानि दावे को वापस लिया गया है। मामला यह था कि उस दौरान शिवराज और भूपेंद्र सिंह और वीडी शर्मा पर ओबीसी आरक्षण पर ट्रायल होने का चल रहा था हालांकि इसमें सहमति बनने पर मामले में दोष मुक्त किया गया।

रिपोर्ट: विजेंद्र यादव

Mohit

लेखक के बारे में

Mohit

मोहित पिछले 10 साल से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिंदुस्तान में स्टेट टीम के लिए क्षेत्रीय समाचारों और महत्वपूर्ण घटनाओं को कवर कर रहे हैं। वे विशेष रूप से दिल्ली-एनसीआर, उत्तराखंड, झारखंड, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, हिमाचल प्रदेश, गुजरात जैसे राज्यों की खबरों को कवर करते हैं।


विस्तृत बायो:

मोहित एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें भारतीय मीडिया जगत के प्रतिष्ठित संस्थानों में एक दशक से ज्यादा का अनुभव हासिल है। वे साल 2016 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वर्तमान में हिंदुस्तान डिजिटल के साथ कार्यरत, मोहित अपनी लेखनी के जरिए खबरों की गहराई और सत्यता को पाठकों तक पहुंचा रहे हैं। इनका पत्रकारिता का सफर केवल समाचार देने तक सीमित नहीं है, बल्कि इनके पास जटिल विषयों को सरल और सटीक भाषा में समझाने का विशेष कौशल है। बदलते समय के साथ विजुअल स्टोरीटेलिंग के क्षेत्र में भी महारत हासिल की और न्यूज वेब स्टोरीज के जरिए लाखों पाठकों तक सटीक जानकारी पहुंचाई।


अनुभव:

मोहित साल 2021 से ही हिंदुस्तान डिजिटल से जुड़े हैं। वर्तमान में स्टेट (State) टीम के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। वे क्षेत्रीय समाचारों और महत्वपूर्ण घटनाओं की कवरेज कर रहे हैं। इससे पहले वेब स्टोरी टीम में वैल्यू-एडेड कंटेंट तैयार कर चुके हैं। हिंदुस्तान से जुड़ने से पहले जनसत्ता डिजिटल, एनडीटीवी, उमर उजाला डिजिटल में अलग-अलग पदों पर रहते हुए राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय राजनीति से जुड़े मुद्दों, ब्रेकिंग न्यूज, स्पोर्ट्स और यूटिलिटी की खबरों के जरिए पाठकों को जागरूक करने का काम कर चुके हैं।


शैक्षणिक पृष्ठभूमि:

हिंदी पत्रकारिता में मास्टर डिग्री है और देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन (IIMC) से हिंदी पत्रकारिता में ही पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा होने के कारण मोहित के पास खबरों की ठोस समझ है। विशेष रूप से स्पोर्ट्स, ऑटो-टेक और राजनीति जैसे क्षेत्रों में निरंतर रिसर्च और लेखन ने उन्हें इन विषयों पर एक विश्वसनीय 'विषय विशेषज्ञ' बनाया है।


पत्रकारिता का उद्देश्य:

एक दशक के पत्रकारिता सफर और IIMC जैसे प्रतिष्ठित संस्थान के मूल्यों को आत्मसात करते हुए, मोहित का मानना है कि पत्रकारिता केवल सूचनाओं का प्रसारण नहीं, बल्कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में समाज के प्रति एक गहरी जवाबदेही है। ये जवाबदेही निष्पक्ष और तथ्यपरक सूचनाएं देने से पूरी होती है।


विशेषज्ञता

राजनीतिक खबरें
स्पोर्ट्स टेक्नोलॉजी गैजेट्स कंटेट
यूटिलिटी कंटेट
विजुअल स्टोरीटेलिंग

और पढ़ें

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।