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ATS अधिकारी बन जबलपुर के बुजुर्ग को रोज 10 घंटे रखा डिजिटल अरेस्ट, 32 लाख निकलवाए

ATS अधिकारी बन जबलपुर के बुजुर्ग को रोज 10 घंटे रखा डिजिटल अरेस्ट, 32 लाख निकलवाए

संक्षेप:

जबलपुर जिले के मदन महल थाना क्षेत्र में रहने वाले बिजली विभाग से 72 वर्षीय रिटायर्ड अधिकारी अविनाश चंद्र दीवान को 1 दिसम्बर को पुणे ATS अधिकारी बनकर साइबर ठगों ने कॉल किया कर कहा कि हमने अफजल सहित कुछ आतंकियों को पकड़ा है,उनसे पूछताछ के दौरान उन्होंने यह बताया कि अविनाश चंद्र भी हमारे साथ शामिल है। 

Dec 07, 2025 12:37 pm ISTUtkarsh Gaharwar लाइव हिन्दुस्तान, जबलपुर
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मध्यप्रदेश के जबलपुर जिले में बिजली विभाग के 72 वर्षीय रिटायर्ड एडमिनिस्ट्रेशन ऑफिसर ठगी का शिकार हो गए। जालसाजों ने एटीएस अधिकारी बनकर टेरर फंडिंग का डर दिखाया और झूठे दस्तावेज दिखाकर 5 दिनों तक रोज 10 घंटे डिजीटल अरेस्ट रखा। इस दौरान ठगों ने उनसे 32 लाख रुपए ट्रांसफर करवा लिए। इस ठगी का खुलासे को उनके बेटे ने उजागर किया जब वह जबलपुर पहुंचे और आशंका होने पर पुलिस को शिकायत की गई, इस दौरान साइबर ऑफिस में शिकायत दर्ज कराते समय ठग ने पुलिस के सामने ही कॉल कर कहा- 'हां, हमने पैसा लिया है…अब आप हमारा कुछ नहीं कर सकते, बस अपने पिता का ध्यान रखिए।' मदनमहल थाना पुलिस ने मामले में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

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जबलपुर जिले के मदन महल थाना क्षेत्र में रहने वाले बिजली विभाग से 72 वर्षीय रिटायर्ड अधिकारी अविनाश चंद्र दीवान को 1 दिसम्बर को पुणे एटीएस अधिकारी बनकर साइबर ठगों ने कॉल किया कर कहा कि हमने अफजल सहित कुछ आतंकियों को पकड़ा है,उनसे पूछताछ के दौरान उन्होंने यह बताया कि अविनाश चंद्र भी हमारे साथ शामिल है, तुम्हारे खाते और आधार कार्ड के जरिए फंड ट्रांजैक्शन हुए हैं। इस दौरान ठगों ने अविनाश चंद्र को डराने के लिए झूठे दस्तावेज दिखाए और उन्हें धमकाते हुए कहा कि अगर जल्द से जल्द इसका समाधान नहीं हुआ तो ना सिर्फ तुम गिरफ्तार होगे,बल्कि तुम्हारे बेटे को भी गिरफ्तार किया जाएगा, इसके साथ ही तुम्हारी सारी संपत्ति भी सीज हो जाएगी। यह सुन अविनाश चंद्र डर गए और जल्द समाधान के लिए तैयार हो गए इस दौरान ठगों ने उन्हें पांच दिनों तक डिजिटल अरेस्ट में रखा।

10 घंटे रोज रखते थे डिजिटल अरेस्ट

रिटायर्ड अधिकारी अविनाश चंद्र बताते है कि 1 दिसंबर की दोपहर को पत्नी के साथ घर पर बैठे हुए थे, तभी उनके मोबाइल पर एक कॉल आता है। सामने से आवाज आती है कि मैं एटीएस पुणे से बोल रहा हूं। इतना सुनते ही बुजुर्ग डर गए। साइबर ठगों ने बोला कि जो भी पूछा जाए सच-सच बताना नहीं तो 18 साल की सजा और 5 लाख तक का जुर्माना भी साथ में होगा। साइबर ठग जैसे-जैसे बुजुर्ग को डराते रहे, वैसे-वैसे वो सब बताते गए। रोजाना दिन में 10 घंटे तक अविनाश चंद्र का मोबाइल चालू रहता था। पुलिस अधिकारी की ड्रेस पहनकर वीडियो कॉल में साइबर ठग सुबह 9 बजे से लेकर रात 7 बजे तक वीडियो कॉल​​​ पर बुजुर्ग को देखते रहते थे।

बैंक में ही भरवाए फॉर्म ओर ट्रांसफर किये रुपये

ठगों ने बुजुर्ग पर इतनी दहशत बना दी थी कि वीडियो कॉल चालू रखते हुए बुजुर्ग बैंक जाते और बैंक में ही फॉर्म भरवाए और वहीं पर खाते नंबर मैसेज किए। इसके बाद ठगों के खाते में अलग-अलग दिन 10 लाख, 8 लाख, 7 लाख करते हुए तीन दिन में 32 लाख रुपए जमा करवाए। इस दौरान उन्हें डराया भी गया कि अगर किसी से कोई जिक्र किया तो तुम्हारे पूरे परिवार को परेशान आ सकती है।

विधानसभा में उठा प्रश्न

पिछले दो साल में मध्यप्रदेश में साइबर फ्रॉड के 992 मामले सामने आए हैं। ठगों ने लगभग 152 करोड़ रुपए की ठगी की है। कांग्रेस विधायक प्रताप ग्रेवाल के सवाल के जवाब में विधानसभा में यह जानकारी सामने आई है। डिजिटल अरेस्ट और साइबर फ्रॉड के मामले सरकार और समाज दोनों के लिए चिंता का विषय बनते जा रहे हैं। ठग नए-नए तरीके अपनाकर लोगों की मेहनत की कमाई चंद मिनटों में उड़ा देते हैं।

मामले का खुलासा-बेटे ने बनाया दबाव तो लगी जानकारी

अवनीश चंद्र 5 दिसंबर की रात को जब परेशान नजर आए, तब उनके बेटे आशीष ने दबाव बनाकर पूछा तो मामला सामने आया ओर अपने साथ हुई घटना बताई। जानकारी लगते ही बेटा 5 तारीख को साइबर ऑफिस में इस मामले पर शिकायत करने गए थे, उस दौरान भी पुलिस के सामने चार से पांच बार कॉल करते हुए माना कि मैंने फ्रॉड किया है, अब आप लोग मेरा कुछ नहीं कर सकते हो। हमने अविनाश चंद्र से 32 लाख रुपए लिए हैं, वो तो आपको वापस मिलेंगे नहीं, बस आप अपने पिता का ध्यान रखिए। हमने तो अपना काम कर लिया है, बस उनको संभालना।

एएसपी जितेंद्र सिंह ने बताया की अविनाश चंद्र की शिकायत पर मदन महल थाना पुलिस ने अज्ञात ठगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। ठग ने 32 लाख रुपए लेने के बाद यह उन्हें यह आश्वासन दिया था कि 5 से 6 दिन में सारा पैसा वापस मिल जाएगा। इसके लिए ठगों ने बुजुर्ग के मोबाइल पर रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के मिनिस्ट्री ऑफ डिफेंस का लेटर भी भेजा है। बढ़ते साइबर अपराधों को लेकर उन्होंने कहा कि ठगों के झांसे में ना आए ठग बुजुर्ग को निशाना बना रहे है। पहले उन्हें डराते हैं फिर डिजीटल अरेस्ट करते हैं। उन्होंने सभी से अपील करते हुए कहा है कि कोई भी पुलिस बनकर अगर कॉल करता है, तो सबसे पहले संबंधित थाने में जाकर पुलिस को जानकारी दें।

रिपोर्ट विजेन्द्र यादव

Utkarsh Gaharwar

लेखक के बारे में

Utkarsh Gaharwar
एमिटी और बेनेट विश्वविद्यालय से पत्रकारिता के गुर सीखने के बाद अमर उजाला से करियर की शुरुआत हुई। अमर उजाला में बतौर एंकर सेवाएं देने के बाद 3 साल नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के पद पर काम किया। वर्तमान में लाइव हिंदुस्तान में डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हूं। एंकरिंग और लेखन के अलावा मिमिक्री और थोड़ा बहुत गायन भी कर लेता हूं। और पढ़ें
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