जबलपुर क्रूज हादसा: मौत के तांडव के बीच 'देवदूत' बने मजदूर, रस्सियों के सहारे बचाई दर्जन भर जानें
मध्य प्रदेश के जबलपुर में हुआ क्रूज हादसा रूह कंपा देने वाला है। गुरुवार को अचानक आए तूफान में क्रूज बोट पलट गई और 9 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई।

मध्य प्रदेश के जबलपुर में हुआ क्रूज हादसा रूह कंपा देने वाला है। गुरुवार को अचानक आए तूफान में क्रूज बोट पलट गई और 9 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के बाद एक तरफ जहां पीड़ितों की रुला देने वाली कहानियां सामने आ रही हैं तो वहीं कुछ कहानी उन गुमनाम चेहरों की भी है जिनमें मिनटों की सूचबूध से कई लोगों की जान बचा ली। दरअसल हादसे के वक्त पास ही में कुछ मजदूर जल जीवन मिशन के तहत निर्माण कार्य कर रहे थे। जैसे ही उन्होंने लोगों की चीख पुकार सुनी, बिना अपनी जान की परवाह किए, उन्होंने पानी में छलांग लगा दी। रेस्क्यू टीम के पहुंचने से पहले ही ये मजदूरों पीड़ितों के लिए देवदूत बनकर पहुंच गए और करीब एक दर्जन लोगों की जान बचा ली।
जानकारी के मुताबिक इन मजदूरों ने केवल रस्सियों के सहारे एक अस्थायी रेस्क्यू टीम बनाई और डूबते हुए लगभग एक दर्जन लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक पश्चिम बंगाल के 22 साल के रमजान की बहादूरी की इस दौरान काफी चर्चा रही।
अकेले मजदूर 6 लोगों को बचाया
उन्होंने अकेले 6 लोगों को बाहर निकाला, जिनमें से चार की जान बच गई, जबकि दो अन्य को नहीं बचाया जा सका। इसी तरह बिहार के पश्चिम चंपारण के रहने वाले 28 साल के बिंद्रा कुमार यादव ने बताया कि वहां लगभग 35 मजदूर काम कर रहे थे। उन्होंने नाव को अनियंत्रित होते देख पायलट को रुकने के लिए चिल्लाकर आगाह भी किया था, लेकिन देखते ही देखते जहाज उनकी पहुंच से दूर होकर पानी में समा गया।
बरगी बांध में क्रूज हादसे के बाद लापता एक शख्स और तीन बच्चों की तलाश के लिए शनिवार को सेना के गोताखोरों और आपदा राहत टीम ने खोज अभियान का दायरा बढ़ा दिया। अधिकारियों के अनुसार, हादसे में नौ लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि क्रूज में सवार 41 में से 28 यात्रियों को सुरक्षित बचा लिया गया। उन्होंने बताया कि पुलिस घटना के संबंध में एफआईआर दर्ज करने की तैयारी कर रही है।
अनुमंडलीय पुलिस अधिकारी अंजुल अयंक मिश्रा ने बताया कि नर्मदा नदी पर बने इस बांध के 'बैकवॉटर' क्षेत्र में तलाशी का दायरा बढ़ाकर पांच किलोमीटर कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि इस घटना में नौ लोगों की मौत हो चुकी है, 28 लोगों को बचा लिया गया है और लापता चार लोगों की तलाश जारी है। पुलिस ने बताया कि शनिवार सुबह पांच बजे से आगरा से हवाई मार्ग के जरिए पहुंचे सेना के 20 गोताखोर समेत 200 से अधिक बचावकर्मी तलाश अभियान में जुटे हैं।
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Aditi Sharmaअदिति शर्मा
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