CBI ने शुरू की 'टनल व्यू इनवेस्टिगेशन'- जल्द पता चलेगा ट्विशा की मौत से पहले क्या हुआ था?
अब तक का सबसे बड़ा सवाल- ट्विशा शर्मा के साथ आखिरी घंटों में क्या हुआ था? हर कोई इस बात को जानने को बेताब है। इसी राज को बेपर्दा करने के लिए सीबीआई ने एक खास तरकीब की मदद से जांच शुरू की है। जांच के इस तरीके का नाम है- 'टनल व्यू इन्वेस्टिगेश मेथड।'

अब तक का सबसे बड़ा सवाल- ट्विशा शर्मा के साथ आखिरी घंटों में क्या हुआ था? हर कोई इस बात को जानने को बेताब है। इसी राज को बेपर्दा करने के लिए सीबीआई ने एक खास तरकीब की मदद से जांच शुरू की है। जांच के इस तरीके का नाम है- 'टनल व्यू इन्वेस्टिगेश मेथड।' अब आपके मन में एक और सवाल आ रहा होगा, आखिर ये क्या बला है? तो लाइव हिन्दुस्तान आपको बताएगा, हर जरूरी बात।
मौते से पहले क्या हुआ, जांच में जुटी CBI
आसान शब्दों में कहें तो सीबीआई ट्विशा शर्मा की मौत से पहले के कुछ घंटों की बारीकी से जांच करेगा। और सरल करके बताएं तो मिनट-टू-मिनट घटी घटनाओं पर नजर रखी जाएगी। आखिरी घंटे के रीक्रिएट भी किया जाएगा, ताकि पता लगाया जा सके आखिर ट्विशा के साथ हुआ क्या था। सूत्रों के मुताबिक, इससे ये पता लगाया जाएगा कि उस वक्त कौन आया, कौन गया, किसने संपर्क किया आदि आदि... इससे एक फायदा यह होगा कि हर जरूरी घटना की एक टाइमलाइन होगी, जिसकी कड़ियों को जोड़कर मौत के राज खोलने में मदद मिलेगी।
फोन, सीसीटीवी, वाई-फाई… सब खंगाल रही
सीबीआई टीम ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले हैं। फोन रिकॉर्ड देखे। वाई-फाई को चेक किया। घर में मौजूद फोन के कॉल रिकॉर्ड स्कैन किए गए। इसके साथ ही घर की फोरेंसिक मैपिंग भी हुई। पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या उस वक्त कोई संदिग्ध बात घटी। कोई भी अजीब हरकत जो इस केस को तोड़-मरोड़ रही है, उसे बारीकी से पहचानने की कोशिश की जा रही है। क्योंकि शुरू में एक संदिग्ध मौत के तौर पर मामला सामने आया। लेकिन अब कई ऐसे सवाल सामने खड़े हो गए हैं, जिनसे मौत की गुत्थी उलझती ही जा रही है। जैसे- पोस्टमॉर्टम के दौरान बेल्ट गायब होना। चोट के डॉक्यूमेंट में अंतर। FIR में विरोधी बातें। CCTV की टाइमिंग में अंतर। आदी।
मौत से पहले ट्विशा ने कहा- शादी से खुश नहीं
बताया जाता है कि 12 मई को भोपाल में त्विशा अपने घर में फंदे से लटकी मिली थी। उसने दिसंबर में वकील समर्थ सिंह से शादी की थी। मौत से कुछ दिन पहले ट्विशा ने अपनी मां को व्हाट्सेप मैसेज भेजे थे। इनमें उसने कहा था कि वह शादी में खुश नहीं है और ससुराल वाले उसे मानसिक रूप से परेशान कर रहे हैं। उसने दहेज को लेकर प्रताड़ना की बात भी कही थी। त्विशा के पिता का आरोप है कि उनकी 33 साल की बेटी के साथ मारपीट भी की जाती थी। पीड़ित परिवार ने जांच में लापरवाही के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि त्विशा के शव मिलने के तीन दिन बाद FIR दर्ज की गई।
ट्विशा की सास गिरफ्तार, बेटा भी कर चुका सरेंडर
गुरुवार शाम को CBI ने जबलपुर हाई कोर्ट के आदेश के बाद ट्विशा की सास गिरिबाला सिंह को हिरासत में ले लिया। हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत रद्द कर दी थी। सीबीआई ने ट्विशा की सास को गिरफ्तार कर लिया है। इससे पहले पिछले हफ्ते गिरिबाला सिंह के बेटे और ट्विशा के पति समर्थ सिंह ने करीब 10 दिन तक फरार रहने के बाद अदालत में सरेंडर किया था। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की जांच पूरी तरह CBI को सौंपने का आदेश दिया है, ताकि एक ही एजेंसी जांच करे और मामले की कार्रवाई तेजी से आगे बढ़ सके।
लेखक के बारे में
Ratan Guptaरतन गुप्ता एक डिजिटल हिंदी जर्नलिस्ट/ कॉन्टेंट प्रोड्यूसर हैं। वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान की स्टेट न्यूज टीम के साथ काम कर रहे हैं। वह क्राइम, राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर न्यूज आर्टिकल और एक्सप्लेनर स्टोरीज लिखते हैं।
रतन गुप्ता वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में कंटेंट प्रोड्यूसर के तौर पर स्टेट न्यूज टीम में काम करते हैं। इस टीम में हिंदी पट्टी के 8 राज्यों दिल्ली-एनसीआर, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, गुजरात से जुड़ी खबरों की कवरेज करते हैं। उनका लेखन खास तौर से क्राइम, राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर केंद्रित रहता है।
लाइव हिंदुस्तान में बीते 2 साल से काम करते हुए रतन ने ब्रेकिंग न्यूज, राजनीतिक घटनाक्रम और कानून-व्यवस्था से जुड़ी खबरों पर लगातार लेखन किया है। इसके साथ ही वह एक्सप्लेनर स्टोरीज लिखने में भी विशेष रुचि रखते हैं, जहां जटिल मुद्दों को सरल और तथ्यपरक भाषा में पाठकों के सामने रखते हैं।
रतन गुप्ता ने बायोलॉजी में ग्रेजुएशन किया है, जिसके बाद उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान, नई दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता की पढ़ाई की है। साइंस बैकग्राउंड होने के कारण उनकी न्यूज और एनालिसिस स्टोरी में साइंटिफिक टेंपरामेंट, लॉजिकल अप्रोच और फैक्ट-बेस्ड सोच साफ दिखाई देती है। वह किसी भी मुद्दे पर रिपोर्टिंग करते समय दोनों पक्षों की बात, मौजूद तथ्यों और आधिकारिक स्रोतों को प्राथमिकता देते हैं, ताकि यूजर तक संतुलित और भरोसेमंद जानकारी पहुंचे।
इसके साथ ही आईआईएमसी की एकेडमिक पढ़ाई ने उन्हें रिपोर्टिंग, न्यूज प्रोडक्शन, मीडिया एथिक्स और पब्लिक अफेयर्स की गहरी समझ दी है। इसका सीधा असर उनके लेखन की विश्वसनीयता और संतुलन में दिखाई देता है।
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