
कांग्रेस नेता ने की उमा की तारीफ, कहा था- जनता गंदा पानी पीती रही, आप बिसलेरी क्यों पीते रहे
पटवारी ने कहा 'अब मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादवजी को अपनी रीढ़ की हड्डी दिखाते हुए नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का इस्तीफा लेना चाहिए और इंदौर के महापौर पर 15 लोगों की हत्या का मुकदमा दर्ज करवाना चाहिए। जागो मोहन जागो।'
इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों पर बीजेपी की कद्दावर नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने मध्य प्रदेश सरकार को आड़े हाथों लिया। उमा भारती के इस अंदाज की मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतेंद्र (जीतू) पटवारी ने जमकर तारीफ की है। पटवारी ने एक ट्वीट कर कहा 'आदरणीय उमा दीदी, राजनीति से ऊपर उठकर आपने सच्चाई का साथ दिया एवं सत्ता के अहंकार में चूर मोहन सरकार को आईना दिखाया, इसके लिए साधुवाद।'
पटवारी ने आगे कहा 'अब मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादवजी को अपनी रीढ़ की हड्डी दिखाते हुए नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का इस्तीफा लेना चाहिए और इंदौर के महापौर पर 15 लोगों की हत्या का मुकदमा दर्ज करवाना चाहिए। जागो मोहन जागो।'
उमा ने क्या कहा?
दरअसल शुक्रवार को उमा ने एक के बाद एक ट्वीट कर अपनी ही सरकार को कटघरे में खड़ा कर दिया। उन्होंने ट्वीट कर कहा ‘साल 2025 के अंत में इंदौर में गंदे पानी को पीने से हुई मौतें हमारा प्रदेश, हमारी सरकार और हमारी पूरी व्यवस्था को शर्मिंदा और कलंकित कर गईं। प्रदेश के सबसे स्वच्छ शहर का अवार्ड प्राप्त करने वाले नगर में इतनी बदसूरती, गंदगी, जहर मिला पानी जो कितनी जिंदगियों को निगल गया और निगलता जा रहा है, मौत का आंकड़ा बढ़ रहा है। जिंदगी की कीमत दो लाख रुपए नहीं होती क्योंकि उनके परिजन जीवनभर दुख में डूबे रहते हैं। इस पाप का घोर प्रायश्चित करना होगा, पीड़ितों से माफी मांगनी होगी और नीचे से लेकर ऊपर तक जो भी अपराधी हैं उन्हें अधिकतम दंड देना होगा। यह मोहन यादव जी की परीक्षा की घड़ी है।’

प्रायश्चित या दंड!
एक अन्य ट्वीट में बीजेपी नेता ने इंदौर महापौर पुष्य मित्र भार्गव को लेकर कहा कि ‘इंदौर दूषित पानी के मामले में यह कौन कह रहा है कि हमारी चली नहीं। जब आपकी नहीं चली तो आप पद पर बैठे हुए बिसलेरी का पानी क्यों पीते रहे? पद छोड़कर जनता के बीच क्यों नहीं पहुंचे? पापों का कोई स्पष्टीकरण नहीं होता या तो प्रायश्चित या दंड! सिर्फ इंदौर के मेयर नहीं, मध्य प्रदेश का शासन एवं प्रशासन, इस महापाप के सभी जिम्मेवार लोग जनता के प्रति अपराध के कटघरे में खड़े हैं।’
विजयवर्गीय को इस्तीफा देना चाहिए
वहीं उमा की तारीफ से पहले पहले जीतू पटवारी ने एक ट्वीट में कहा था कि ‘रणनीतिक तौर पर बीजेपी अधिकारियों के माथे पर अपने भ्रष्टाचार को छिपाना चाहती है। मैं आप सबसे आग्रह करना चाहता हूं कि अधिकारी भी दूध के धुले नहीं हैं, भ्रष्टाचार के हिस्सेदार हैं। पर इसे बीजेपी की टोली लीड करती है। ये लुटेरों की टोली है। लोगों की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। कैलाश विजयवर्गीय को इस्तीफा देना चाहिए और इस घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जानी चाहिए।’
आपको बता दें कि इंदौर शहर के भागीरथपुरा में नर्मदा नदी की पाइपलाइन में ड्रेनेज लाइन का पानी मिल जाने से सप्लाई का पानी गंदा हो गया था। अबतक इस मामले में कितने लोगों की मौत हुई इसकी तस्वीर साफ नहीं क्योंकि छह माह के बच्चे समेत 15 लोगों की मौत का दावा किया जा रहा है।





