
इंदौर में कांग्रेस-BJP कार्यकर्ता भिड़े, हिरासत में 45 लोग; मेयर बोले- 10 मौतें
इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से हुई मौतों के बाद शनिवार को माहौल तब गरमा गया जब पीड़ित परिवारों से मिलने जा रहे कांग्रेस के जांच दल और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच जमकर झड़प हुई। पुलिस ने 45 लोगों को एहतियातन हिरासत में ले लिया।
इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से हुई मौतों के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है। शनिवार को पीड़ित परिवारों से मिलने जा रहे कांग्रेस के जांच दल और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच जमकर झड़प हुई। इसके बाद पुलिस ने 45 लोगों को एहतियातन हिरासत में ले लिया। दोनों पक्षों में नारेबाजी और धक्का-मुक्की हुई। इसे देखते हुए इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया। कांग्रेस ने भाजपा पर सच दबाने का आरोप लगाया है जबकि भाजपा इसे ओछी राजनीति बता रही है। गौरतलब है कि प्रशासन ने 6 मौतों की पुष्टि की है जबकि इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव का कहना है कि उन्हें 10 मौतों की जानकारी मिली है।
कांग्रेस ने बनाई थी जांच समिति
बता दें कि कांग्रेस ने सूबे के पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा की अगुवाई में जांच समिति बनाई है जिसमें कांग्रेस के दो विधायक महेश परमार और प्रताप ग्रेवाल शामिल हैं। जांच समिति के सदस्य जब कांग्रेस के स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ भागीरथपुरा में पीड़ित परिवारों से मिलने जा रहे थे तभी भाजपा कार्यकर्ता भी वहां जमा हो गए।
फेंकी चप्पलें, गुत्थम-गुत्था
चश्मदीदों ने बताया कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस के दल को काले झंडे दिखाए और 'वापस जाओ-वापस जाओ' के नारे लगाने शुरू कर दिए। वहीं कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी नारेबाजी शुरू कर दी। देखते ही देखते माहौल तनावपूर्ण हो गया। दोनों धुर प्रतिद्वंद्वी दलों के कार्यकर्ता आपस में गुत्थम-गुत्था हो गए। दोनों गुटों की ओर से एक-दूसरे पर चप्पलें भी फेंकी गईं।
45 हिरासत में लिए गए
भारी हंगामे के बीच पुलिस ने कांग्रेस की जांच समिति के सदस्यों और पार्टी के अन्य नेताओं को भागीरथपुरा से बाहर निकाला और केंद्रीय कारागार ले गई। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने भागीरथपुरा इलाके में कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं समेत 45 लोगों को शनिवार को एहतियातन गिरफ्तार कर लिया।
हिरासत में 10 महिलाएं भी
पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) राजेश व्यास ने बताया कि भागीरथपुरा क्षेत्र में शांति व्यवस्था बरकरार रखने के लिए 10 महिलाओं समेत 45 लोगों को एहतियातन हिरासत में लिया गया और बाद में रिहा कर दिया गया।
आरोप-प्रत्यारोप
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ भाजपा के इशारे पर पुलिस ने उन्हें भागीरथपुरा के पीड़ित परिवारों से मिलने से रोका। उधर, भाजपा कार्यकर्ताओं ने इस आरोप को खारिज करते हुए कहा कि कांग्रेस पेयजल त्रासदी पर ओछी राजनीति कर रही है।
मौतों पर अलग-अलग दावे
इस बीच इंदौर जिला प्रशासन ने भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से फैले उल्टी-दस्त के प्रकोप में अब तक छह लोगों की मौत की पुष्टि की है। हालांकि, स्थानीय नागरिक इस प्रकोप के कारण छह महीने के बच्चे समेत 16 लोगों के दम तोड़ने का दावा कर रहे हैं। वहीं इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा था कि उन्हें इस प्रकोप के कारण 10 मरीजों की मौत की जानकारी मिली है।





