रात 11 बजे चार्जिंग, 3 बजे कट-ऑफ और 3.30 बजे खौफनाक धमाका; इंदौर अग्निकांड की पूरी कहानी
इंदौर के ब्रजेश्वरी एनएक्स के अग्निकांड की उस भयावह रात का क्रमवार घटनाक्रम अब सामने आ चुका है, जिसने यह साफ कर दिया कि कैसे कुछ घंटों में सब कुछ राख में तब्दील हो गया।

इंदौर के ब्रजेश्वरी एनएक्स के अग्निकांड की उस भयावह रात का क्रमवार घटनाक्रम अब सामने आ चुका है, जिसने यह साफ कर दिया कि कैसे कुछ घंटों में सब कुछ राख में तब्दील हो गया। इस भीषण अग्निकांड, जिसमें 8 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, अब उसकी असली वजह को लेकर नई बहस छिड़ गई है। शुरुआत में जहां इस हादसे के पीछे इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) की चार्जिंग को जिम्मेदार माना जा रहा था, वहीं अब बिजली कंपनी के ताजा बयान ने पूरे मामले को और उलझा दिया है। बिजली कंपनी ने साफ तौर पर यह कह दिया है कि घटनास्थल के खंभे पर किसी भी प्रकार का शॉर्ट सर्किट नहीं हुआ था। इस साफ इनकार के बाद ‘पोल से चिंगारी निकलने’ की थ्योरी लगभग खारिज होती नजर आ रही है। इससे जांच की दिशा एक बार फिर इलेक्ट्रिक कार और उसकी चार्जिंग प्रक्रिया की ओर मुड़ गई है।
जानकारी के मुताबिक, रात 11 बजे घर के बाहर खड़ी इलेक्ट्रिक कार को चार्जिंग पर लगाया गया था। उस समय घर में करीब 9 किलोवाट बिजली लोड चल रहा था। स्मार्ट मीटर के डेटा के अनुसार, रात 11 बजे से लेकर तड़के 3 बजे तक कार लगातार चार्ज होती रही और पूरा रिकॉर्ड मीटर में दर्ज होता रहा।
सप्लाई दोबारा शुरू होने के बाद धमाका
इसके बाद 3 बजे के बाद अचानक बिजली मीटर ने ऑटो कट-ऑफ लिया, जिससे सप्लाई कुछ देर के लिए बंद हो गई। लेकिन करीब 3:30 बजे बिजली सप्लाई दोबारा शुरू हुई। इसी बहाल सप्लाई के कुछ ही देर बाद जोरदार धमाका हुआ, जिसने पूरे घर को आग की लपटों में घेर लिया।
हादसे की सूचना का सिलसिला सुबह 4:10 बजे शुरू हुआ, जब बिजली कंपनी को ब्रजेश्वरी में आग लगने की खबर मिली। इसके तुरंत बाद 4:15 बजे संबंधित परिसर का मीटर अपने आप कट-ऑफ हो गया और बिजली लोड पूरी तरह शून्य पर पहुंच गया।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए 4:20 बजे बिजली कंपनी के अधिकारी मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। आग बेकाबू होती देख 4:29 बजे ट्रांसफार्मर की सप्लाई पूरी तरह बंद कर दी गई, ताकि करंट के खतरे को खत्म कर राहत कार्य तेज किया जा सके।
पुलिस ने जांच में दर्ज किए बयान
घटना के बाद पुलिस ने जांच तेज कर दी है और अब तक एक दर्जन से ज्यादा लोगों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। शुक्रवार को मृतक मनोज के पड़ोसी सुरेंद्र नागर से भी पूछताछ की गई। उन्होंने बताया कि देर रात धमाके जैसी आवाज सुनकर उनकी नींद खुली और बाहर निकलकर देखा तो कार और मकान दोनों आग की चपेट में थे। उन्होंने तुरंत आसपास के लोगों को जगाया। पुलिस के मुताबिक, परिवार के सदस्य फिलहाल मानसिक स्थिति में नहीं हैं, इसलिए उनके बयान शनिवार को दर्ज किए जाएंगे।
हादसे से एक दिन पहले मनोज पुगलिया ने व्हाट्सऐप पर एक स्टेटस लगाया था- वक्त सब कुछ छीन सकता है, मगर हुनर और मेहनत से मिली पहचान नहीं।” अब उनकी मौत के बाद यह स्टेटस सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है और लोगों के लिए एक भावुक याद बन गया है।
रिपोर्ट - हेमंत
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