इंदौर दूषित पानी: एक और शख्स ने गंवाई जान, कई अब भी अस्पताल में भर्ती
शख्स को उल्टी-दस्त की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्जी कराया गया था। ओमप्रकाश को पहले तो आईसीयू में रखा गया और इसके बाद ज्यादा तबीयत बिगड़ने पर उन्हें वेंटिलेटर पर शिफ्ट कर दिया गया था।

इंदौर के भागीरथपुरा दूषित पानी से एक और व्यक्ति की मौत की खबर है। 69 वर्षीय रिटायर्ड पुलिसकर्मी ओमप्रकाश शर्मा ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। न्यूज 18 के मुताबिक 1 जनवरी से ओमप्रकाश शर्मा का इलाज चल रहा था। उन्हें उल्टी-दस्त की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्जी कराया गया था। ओमप्रकाश को पहले तो आईसीयू में रखा गया और इसके बाद ज्यादा तबीयत बिगड़ने पर उन्हें वेंटिलेटर पर शिफ्ट कर दिया गया था। रविवार दोपहर करीब 1 बजे वे जिंदगी से जंग हार गए।
मालूम हो कि शहर के भागीरथपुरा में नर्मदा नदी की पाइपलाइन में ड्रेनेज लाइन का पानी मिल जाने से सप्लाई का पानी गंदा हो गया था। नतीजन सैकड़ों लोग बीमार पड़ गए, जिससे डायरिया और उल्टी का गंभीर प्रकोप फैल गया। प्रशासन ने अबतक 6 मौतों की पुष्टि की है तो वहीं मीडिया रिपोर्ट्स में 17 मौतों का दावा किया जा रहा है।
घर-घर पहुंच स्थिति का जायजा
दूषित पानी से पहले उल्टी-दस्त के प्रकोप की रोकथाम में जुटे स्वास्थ्य विभाग ने रविवार को 9,000 से ज्यादा लोगों की जांच की और इस दौरान 20 नए मरीज मिले। अलग-अलग अस्पतालों में 142 मरीजों का इलाज जारी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर शिवम वर्मा खुद प्रभावित इलाकों में हैं। वे लगातार स्वास्थ्य विभाग के कामकाज, नागरिकों से चर्चा और उन्हें स्वास्थ्य के प्रति सजग कर रहे हैं। फॉलोअप सर्वे के जरिए घर-घर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया जा रहा है और जो बीमार दिख रहे हैं उनका इलाज किया जा रहा है।
प्रशासनिक लापरवाही का नतीजा
वहीं विपक्ष इस पूरे मामले को भ्रष्टाचार और प्रशासनिक लापरवाही का नतीजा बता रहा है। विपक्ष का कहना है कि जिम्मेदार लोगों को तुरंत अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए। देश के सबसे साफ शहर में ऐसी त्रासदी के बाद मोहन यादव सरकार की कड़ी आलोचना हो रही है।





