कोचिंग क्लास बंक कर बॉयफ्रेंड संग होटल में थी छात्रा, घर जाने में देरी पर रची गैंगरेप की झूठी कहानी
मध्य प्रदेश के इंदौर में 17 वर्षीय एक छात्रा ने गैंगरेप की झूठी कहानी रचकर इंदौर पुलिस की सांसें फुला दीं। छात्रा कोचिंग क्लास बंक कर अपने बॉयफ्रेंड से मिलने होटल गई थी, देर होने पर उसने अपनी मां की डांट से बचने को गैंगरेप की झूठी पटकथा लिख डाली।

मध्य प्रदेश के इंदौर स्थित तिलक नगर थाना क्षेत्र में रिश्तों की मर्यादा को ताक पर रखकर अपनी मनमर्जी चलाने और फिर पकड़े जाने के डर से कानून-व्यवस्था का क्रूर माखौल उड़ाने का मामला सामने आया है। इस घटना ने न सिर्फ पुलिस महकमे को हिलाकर रख दिया बल्कि सामाजिक ताने-बाने पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक 17 वर्षीय नाबालिग छात्रा ने अपनी अस्मत से खिलवाड़ और अपहरण का ऐसा खौफनाक और मनगढ़ंत स्वांग रचा कि कुछ ही पलों में पूरी इंदौर पुलिस की सांसें फूल गईं। कोचिंग क्लास को बीच रास्ते में ही बंक कर अपने बॉयफ्रेंड के साथ बंद कमरों में वक्त बिताने वाली इस छात्रा ने जब देखा कि घर लौटने की समय-सीमा पार हो चुकी है, तो उसने अपनी मां की डांट और सामाजिक बदनामी के खौफ से बचने के लिए 'गैंगरेप' जैसी जघन्य वारदात की झूठी पटकथा लिख डाली। इस झूठी कहानी ने एक झटके में पुलिस की पूरी कमान को सड़क पर लाकर खड़ा कर दिया।
5 मिनट बाद ही कोचिंग से निकल गई
शिकायत मिलते ही हरकत में आई पुलिस के आला अफसरों ने जब इस तथाकथित वारदात की तह तक जाने के लिए जांच की सुई आगे बढ़ाई, तो मनगढ़ंत कहानी की परत-दर-परत खुलती चली गईं। मुस्तैद खाकी और आधुनिक तकनीक के सटीक कॉम्बिनेशन ने महज कुछ ही घंटों के भीतर कथित पीड़िता के झूठे दावों की कलई खोलकर रख दी। पुलिस की तफ्तीश में जो सच निकलकर सामने आया, वो हैरान करने वाला था। पुलिस की जांच में पता चला कि छात्रा बुधवार को बंगाली चौराहा स्थित अपनी कोचिंग क्लास पर महज 5 मिनट का दिखावा करने के बाद वहां से सीधे विजय नगर क्षेत्र के एक होटल में अपने बॉयफ्रेंड अंश से मिलने पहुंच गई थी।
घर पर डांट के डर से रची कहानी
बॉयफ्रेंड की बाहों में वक्त गुजरने के बाद शाम को जब उसे इस बात का अहसास हुआ कि काफी देर हो गई है और अब घर पर जवाब देना भारी पड़ेगा, तो उसने मनगढ़ंत कहानी रच एक खौफनाक योजना को अंजाम दिया। बॉयफ्रेंड को सुरक्षित उसके घर रवाना करने के बाद खुद बायपास की ओर निकल गई और वहां किसी अनजान राहगीर के फोन का इस्तेमाल कर अपनी मां को यह रोंगटे खड़े कर देने वाली सूचना दी कि कार सवार 3 दरिंदों ने उसे अगवा कर उसके साथ गैंगरेप किया है। इस पूरे ड्रामे को पूरी तरह जीवंत और विश्वसनीय बनाने के लिए उस लड़की ने क्रूरता की हदें पार करते हुए खुद अपने ही हाथों पर घाव के गहरे निशान तक बना डाले। इस चीख-पुकार से बदहवास परिजन तुरंत उसे लेकर शिप्रा थाने पहुंचे, जहां पुलिस ने तुरंत 'जीरो' एफआईआर दर्ज कर तफ्तीश शुरू कर दी।
होटल के रजिस्टर और सीसीटीवी से खुला राज
मामले की संगीनता को देखते डीसीपी जोन-2 अमनसिंह राठौर और एडीसीपी अमरेंद्र सिंह ने जब खुद कमान संभाली और पीड़िता के बयानों पर गौर किया तो उनमें विरोधाभासों की भरमार मिली। पुलिस ने बिना एक पल गंवाए तीन टीमें गठित कर इस रहस्यमयी गुत्थी पर से पर्दा हटाने का अभियान शुरू किया। पहली टीम ने जब कोचिंग सेंटर के सीसीटीवी कैमरों और शिक्षकों को खंगाला तो साफ हो गया कि छात्रा सिर्फ 5 मिनट के लिए ही वहां आई थी। वहीं, दूसरी टीम जब संबंधित होटल पर पहुंची तो वहां के रिसेप्शन रजिस्टर और सीसीटीवी ने छात्रा के झूठ को उजागर कर दिया। होटल में दोनों के पहचान पत्र जमा थे और वे अपनी मर्जी से अंदर गए थे।
बॉयफ्रेंड ने पुलिस के सामने उगला सच
इस सबूत के हाथ लगते ही तीसरी टीम ने आरोपी बॉयफ्रेंड अंश को दबोच कर जब उससे सख्ती से पूछताछ की, तो उसने सच उगल दिया कि बदनामी और परिवार की डांट के डर से लड़की ने झूठे गैंगरेप की कहानी रची थी।
पूरी कहानी झूठी साबित होने के बावजूद पुलिस ने लड़की के नाबालिग होने के कारण आरोपी बॉयफ्रेंड पर दुष्कर्म और पॉक्सो जैसी सख्त धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया है। इसके साथ ही नियमों को ताक पर रखने के जुर्म में उस होटल को भी तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया है। फिलहाल, इस पूरे ड्रामे की पटकथा लिखने वाली छात्रा के बयान अदालत के समक्ष दर्ज कराए जा रहे हैं।
रिपोर्ट -हेमंत


