आप टीशर्ट दो हम पहन लेंगे, लेकिन जींस मत लाना, वो नहीं पहनेंगे; बाबा बागेश्वर ऐसा क्यों बोले, क्या बताई दिक्कत

लाइव हिन्दुस्तान, भोपाल, मध्य प्रदेश
Follow us on Google News
share

इंटरव्यू के दौरान जब एक एंकर ने उनसे पूछा कि इसका मतलब है कि कुर्ता ही पहनेंगे आप, तब बाबा बागेश्वर ने कहा कि 'नहीं-नहीं आप टीशर्ट दो, हम टीशर्ट पहन लेंगे, उसमें कोई दिक्कत नहीं। लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि कल आप जींस पैंट ले आओ। वो ना पहनेंगे'

आप टीशर्ट दो हम पहन लेंगे, लेकिन जींस मत लाना, वो नहीं पहनेंगे; बाबा बागेश्वर ने बताई इसकी बेहद खास वजह
हम टीशर्ट पहन लेंगे, लेकिन जींस नहीं पहनेंगे; बाबा बागेश्वर ने क्यों किया जींस से इनकार

प्रसिद्ध कथा वाचक और मध्य प्रदेश के छतरपुर स्थित बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र शास्त्री अपनी धार्मिक गतिविधियों के साथ ही अपनी हाजिरजवाबी और हल्की-फुल्की बातों के लिए भी लोगों में काफी पसंद किए जाते हैं। हाल ही में एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि वह किसी डिजाइनर के डिजाइन किए हुए कपड़े नहीं पहनते हैं, बल्कि भक्तों से उपहार में मिले हुए वस्त्र ही पहनते हैं। हंसी-मजाक के बीच हुई बातचीत में उन्होंने एंकर से भी एक कुर्ता भेंट देने के लिए कहा, तो एंकर ने उन्हें टीशर्ट गिफ्ट करने की बात कही। जिस पर धीरेंद्र शास्त्री ने बताया कि वो टीशर्ट तो पहन लेंगे, लेकिन जींस नहीं पहनेंगे। और इसके आगे उन्होंने इसकी बेहद खास वजह भी बताई।

एक टीवी चैनल को दिए इस इंटरव्यू में जब बाबा बागेश्वर से एक एंकर ने पूछा कि 'बाबा जब आप बाहर होते हैं तो इस बात की जानकारी कैसे लेते हैं कि भारत में क्या चल रहा है, तो बाबा ने बताया कि वो ऑनलाइन समाचार पढ़कर खुद को अपडेट रखते हैं।

बाबा ने बताया कौन सा ऐप करते हैं इस्तेमाल

इसके बाद जब बाबा से पूछा गया कि आप कौन सा एप सबसे ज्यादा इस्तेमाल करते हैं, तो इसके जवाब में उन्होंने बताया कि 'हम यूट्यूब चलाते हैं। हम X हैंडल यूज करते हैं और इंस्टाग्राम का इस्तेमाल भी करते हैं।' इसके आगे उन्होंने बताया कि रोजाना उनका करीब 30 से 40 मिनट इन एप पर खबरें पढ़ने में जाता है। उन्होंने बताया कि वह इस बात की जानकारी लेते हैं कि आज कहां क्या-क्या हुआ, किसने क्या-क्या बयान दिया, कहां पर क्या-क्या चल रहा है, एक-एक न्यूज को पढ़ने में इतना समय लग जाता है।

धीरेंद्र शास्त्री ने बताया क्यों रखते हैं खुद को अपडेट

इसकी वजह बताते हुए उन्होंने कहा कि 'हमें इसलिए भी अपडेट रहना पड़ता है, क्योंकि जैसे ही कहीं पर भी उतरो, तुरंत हमारे सामने माइक आ जाते हैं और पूछते हैं कि बताइए बाबा इस मुद्दे पर क्या कहना चाहते हैं। अब ऐसे में अगर हम नहीं बता पाएंगे तो कहेंगे कि लेव बाबा बड़ा ज्ञानी बनता था, कुछ भी बोल नहीं पाया।'

डिजाइनर के बारे में पूछने पर बाबा ने दिया क्या जवाब

इसके बाद इसी इंटरव्यू में जब एक एंकर ने उनके हनुमानजी वाले कुर्ते की तारीफ करते हुए उनके डिजाइनर के बारे में पूछा गया तो बाबा ने कहा कि 'हमारी डिजाइनिंग ऐसी है कि जो भी आता है, वो श्रद्धा से दे जाता है, कोई फिक्स डिजाइनर नहीं है। हमसे जुड़े लोगों की इच्छा है, हमारे प्रति लोगों की भावना है, उनका हृदय बड़ा आल्हादित होता है कि गुरुजी ने पहन लिया।' आगे बाबा ने एंकर से कहा, ‘हम तो चाहेंगे कि इस इंटरव्यू के बाद आप भी एकाध श्रद्धा दिखाओ। आपको भी मन में ये आना चाहिए कि हमारा दिया हुआ कुर्ता कोई महात्मा पहने।’

एंकर ने कही टीशर्ट देने की बात, बाबा बोले- हम जरूर पहनेंगे

इसके बाद एंकर ने जब कहा कि अच्छा हम आपको एक शानदार टीशर्ट देंगे बेहतरीन। तभी बाबा बागेश्वर तपाक से बोल पड़े कि ‘हम ले भी लेंगे और पहन भी लेंगे। और अब आप मना ना कर पाएंगे क्योंकि आपने बोल दिया है। अगर आपने नहीं दिया तो हम वो वाले हैं कि अगली बार हम कमेंट भी कर देंगे। बड़े-बड़े पत्रकार हमने देखे हैं। पर आप कोट ना दें। कोट का क्या करेंगे हम।’

'हम टीशर्ट पहन लेंगे, लेकिन आप कल जींस मत ले आना'

इसके बाद जब एंकर ने उनसे पूछा 'तो इसका मतलब है कुर्ता ही पहनेंगे आप', तब बाबा बागेश्वर ने कहा कि 'नहीं-नहीं आप टीशर्ट दो, हम टीशर्ट पहन लेंगे, उसमें कोई दिक्कत नहीं। लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि कल आप जींस पेंट ले आओ। वो ना पहनेंगे' आगे जब एंकर ने कहा, 'हम टीशर्ट के साथ आपको जींस भी देंगे', तो बाबा ने एकबार फिर कहा, 'ना-ना हम वो ना पहनेंगे, हमने पहले ही कह दिया।'

धीरेंद्र शास्त्री ने बताया- क्यों जींस नहीं पहनना चाहते हैं वो

बाबा की बात सुनकर जब एक अन्य एंकर ने पूछा कि लेकिन क्यों बाबा, अच्छा तो है, जींस पेंट पहनना, उसमें क्या आपत्ति है। तब बाबा ने कहा कि 'अरे भाई कोई आपत्ति नहीं, लेकिन पुलिस वाला अगर पुलिस की ड्रेस पहनकर नहीं आए तो आप उसकी बात ही नहीं मानेंगे। देश में सबके अपने-अपने रूल होते हैं, ड्रेस कोड होता है, डॉक्टर का ड्रेस कोड है, पुलिस का ड्रेस कोड है, साधु का भी भैया ड्रेस कोड है, उससे इंस्पायर होते हैं लोग, कि हम धार्मिक हैं भैया, आप क्या चाहते हो।'

Sourabh Jain

लेखक के बारे में

Sourabh Jain

सौरभ जैन पिछले 16 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्टेट टीम में कार्यरत हैं। वह दिल्ली-एनसीआर, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, झारखंड, हिमाचल प्रदेश और गुजरात से जुड़े घटनाक्रम पर खबरें और विश्लेषण लिखते हैं।


विस्तृत बायो

परिचय और अनुभव: सौरभ जैन भारतीय डिजिटल मीडिया जगत का एक हिस्सा हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 16 वर्षों से ज्यादा का अनुभव है। वर्तमान में, वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्टेट सेक्शन में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। वे पिछले लगभग तीन सालों से यहां कार्यरत हैं। सौरभ का करियर टीवी मीडिया से शुरू होकर डिजिटल मीडिया की गतिशीलता तक फैला हुआ है, जो उन्हें खबरों को गहराई और सटीकता के साथ प्रस्तुत करने में सक्षम बनाता है।


शैक्षणिक पृष्ठभूमि और कार्य अनुभव

सौरभ ने बैचलर ऑफ कॉमर्स की डिग्री लेने के बाद पत्रकारिता के क्षेत्र में कदम रखा और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से पोस्ट ग्रेजुएशन का कोर्स किया। इस क्षेत्र में साल 2009 से सक्रिय होने के बाद सौरभ ने पहले टीवी के क्षेत्र में अलग-अलग डेस्क पर कार्य अनुभव लिया, इस दौरान उन्होंने टिकर डेस्क से शुरुआत करने के बाद न्यूज डेस्क में कॉपी राइटिंग का अनुभव हासिल किया, इस दौरान क्षेत्रीय विषयों से लेकर राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय विषयों पर खबरें लिखीं। इसके बाद उन्हें बॉलीवुड और हेल्प-लाइन डेस्क में भी काम करने का मौका मिला। हेल्प लाइन डेस्क में काम करने के दौरान उन्हें स्वास्थ्य, करियर और आम लोगों से जुड़े कई विषयों को जानने व समझने का मौका मिला।

इसके बाद साल 2016 में उन्होंने डिजिटल मीडिया की दुनिया में कदम रखा और स्पोर्ट्स डेस्क के साथ शुरुआत की। सौरभ ने अपने करियर की शुरुआत ZEE24 छत्तीसगढ़ न्यूज चैनल से की थी। इसके बाद वे IBC24 और दैनिक भास्कर जैसी संस्थाओं में भी सेवाएं दे चुके हैं। सौरभ साल 2023 से लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े हुए हैं और यहां पर स्टेट डेस्क में कार्यरत हैं। सौरभ मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के रहने वाले हैं और उन्होंने अपनी स्कूली पढ़ाई और ग्रेजुएशन दोनों यहीं से किया है। इसके बाद उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में मास्टर्स की डिग्री ली है।

सौरभ जैन का मानना है कि एक पत्रकार की पहली जिम्मेदारी सही तथ्यों व आसान भाषा में पाठकों तक खबरें पहुंचाना है। इस काम में तेजी जितनी जरूरी है, सटीकता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। फिर चाहे वह आम जीवन की खबरें हों, राजनीति की खबरें हों, खेल की खबरें हों या फिर चकाचौंध से भरे बॉलीवुड की खबरें हों। कोई भी खबर सही तथ्यों के साथ रीडर्स तक पहुंचनी चाहिए। हड़बड़ी में तथ्यों की पुष्टि ना होने पर गलत जानकारी पाठकों तक पहुंचने का खतरा बना रहता है। इसलिए सौरभ का मानना है कि पत्रकारिता का मतलब केवल पाठकों तक सूचना पहुंचाना ही नहीं, बल्कि सही और निष्पक्ष जानकारी पहुंचाते हुए उनकी बुद्धिमत्ता और विवेक को भी जागृत करना होता है।

और पढ़ें
लेटेस्ट Hindi News, Bhopal News, Indore News, Jabalpur News, Gwalior News, Ujjain News के साथ-साथ MP Board Result 2026 Live और MP News अपडेट हिंदी में पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।
Hindi Newsमध्य प्रदेश न्यूज़हम टीशर्ट पहन लेंगे, जींस मत लाना, वो ना पहनेंगे; बाबा बागेश्वर ऐसा क्यों बोले