MP में मंत्रालय से 2 KM दूर 260 गायों की हत्या! विदेश भेजा गया मांस? सरकार के दावों पर उठते सवाल

Jan 19, 2026 09:19 pm ISTRatan Gupta लाइव हिन्दुस्तान, भोपाल
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राज्य सचिवालय मंत्रालय से महज दो किलोमीटर दूर पर स्थित एक सरकारी मान्यता प्राप्त स्लॉटर हाउस में कथित तौर पर 260 से ज्यादा गायों की हत्या का खुलासा हुआ है। इस घटना के खुलासे के बाद से कई सवाल खड़े हो गए हैं।

MP में मंत्रालय से 2 KM दूर 260 गायों की हत्या! विदेश भेजा गया मांस? सरकार के दावों पर उठते सवाल

मध्य प्रदेश में गोवंश संरक्षण को लेकर सख्त कानून और सरकारी दावों के बीच एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। राज्य सचिवालय मंत्रालय से महज दो किलोमीटर दूर पर स्थित एक सरकारी मान्यता प्राप्त स्लॉटर हाउस में कथित तौर पर 260 से ज्यादा गायों की हत्या का खुलासा हुआ है।

तय मात्रा से ज्यादा मांस कैसे निकल सकता?

यह पूरा मामला 17 दिसंबर 2025 को सामने आया, जब हिंदू संगठनों ने भोपाल के जिंसी स्लॉटर हाउस के पास से एक कंटेनर पकड़ा, जिसमें 26.5 टन मांस लदा हुआ था। शक इसलिए गहराया, क्योंकि नियमों के मुताबिक इस स्लॉटर हाउस को केवल 85 भैंसों को काटने की अनुमति थी, जिससे अधिकतम 12.75 टन मांस निकल सकता था। यानी पकड़ा गया मांस तय सीमा से दोगुना से भी ज्यादा था।

बाद में पता चला कि कंटेनर में बीफ था

एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, शुरुआत में नगर निगम और पुलिस अधिकारियों ने दावा किया कि यह मांस भैंस का है। एनिमल डॉक्टर्स की टीम बुलाई गई। इसमें 3 सरकारी डॉक्टर शामिल थे। टीम ने इसे भैंस का मांस बताकर सर्टिफिकेट जारी कर दिया, जिसके बाद कंटेनर को रवाना कर दिया गया। हालांकि 7 जनवरी 2026 को मथुरा स्थित लैब की रिपोर्ट में गाय का मांस (बीफ) होने की बात सामने आई। तब तक कंटेनर मुंबई पहुंच चुका था और कथित तौर पर विदेश भेज दिया गया।

पुलिस ने 2 लोगों को किया गिरफ्तार

इस मामले में स्लॉटर हाउस संचालक असलम कुरैशी उर्फ ‘असलम चमड़ा’ और एक ड्राइवर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। मगर ये सब हुआ बिना किसी कस्टोडियल पूछताछ के। इससे बड़े नेटवर्क के खुलासे की संभावनाएं लगभग खत्म हो गईं। हिंदू संगठनों का आरोप है कि पूरी कार्रवाई में “जानबूझकर जल्दबाजी” दिखाई गई, ताकि सच्चाई सामने न आ सके।

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कुरैशी के पास है मरे हुए पशुओं को उठाने का ठेका

पुलिस सूत्रों का कहना है कि यहां 4 से 8 साल की उम्र की स्वस्थ, दूध देने वाली गायों को भी मारा जा रहा था, जबकि कानून के तहत इसकी सख्त मनाही है। आरोप यह भी है कि असलम कुरैशी के पास भोपाल नगर निगम से मरे हुए पशुओं को उठाने का ठेका था, जिसका गलत फायदा उठाकर गायों को अवैध रूप से स्लॉटर हाउस तक पहुंचाया गया।

गौहत्या पर कांग्रेस ने साधा निशाना

नगर निगम आयुक्त संस्कृति जैन ने एक डॉक्टर को निलंबित कर कार्रवाई की बात कही है, लेकिन विपक्ष और सामाजिक संगठनों का कहना है कि यह पर्याप्त नहीं है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री मोहन यादव पर हमला बोलते हुए कहा कि “एक तरफ सरकार गोसेवा के वीडियो बनवाती है, दूसरी तरफ राजधानी के दिल में गोहत्या हो रही है।”

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने भी भोपाल नगर निगम को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया है। उनका कहना है कि जब स्लॉटर हाउस निगम के अधीन है, तो जिम्मेदारी केवल कर्मचारियों की नहीं बल्कि पूरे सिस्टम की बनती है।

उठ रहे कई सवाल

सबसे बड़ा सवाल अब भी बना हुआ है- सीसीटीवी फुटेज जब्त क्यों नहीं की गई, डीएनए टेस्ट से क्यों बचा जा रहा है, और क्या यह पूरा मामला सिर्फ दो लोगों तक सीमित है या इसके पीछे एक बड़ा संगठित गिरोह काम कर रहा है? भोपाल के केंद्र में सामने आया यह मामला राज्य की “जीरो टॉलरेंस” नीति के लिए एक बड़ी परीक्षा बन गया है।

Ratan Gupta

लेखक के बारे में

Ratan Gupta

रतन गुप्ता एक डिजिटल हिंदी जर्नलिस्ट/ कॉन्टेंट प्रोड्यूसर हैं। वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान की स्टेट न्यूज टीम के साथ काम कर रहे हैं। वह क्राइम, राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर न्यूज आर्टिकल और एक्सप्लेनर स्टोरीज लिखते हैं।


रतन गुप्ता वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में कंटेंट प्रोड्यूसर के तौर पर स्टेट न्यूज टीम में काम करते हैं। इस टीम में हिंदी पट्टी के 8 राज्यों दिल्ली-एनसीआर, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, गुजरात से जुड़ी खबरों की कवरेज करते हैं। उनका लेखन खास तौर से क्राइम, राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर केंद्रित रहता है।


लाइव हिंदुस्तान में बीते 2 साल से काम करते हुए रतन ने ब्रेकिंग न्यूज, राजनीतिक घटनाक्रम और कानून-व्यवस्था से जुड़ी खबरों पर लगातार लेखन किया है। इसके साथ ही वह एक्सप्लेनर स्टोरीज लिखने में भी विशेष रुचि रखते हैं, जहां जटिल मुद्दों को सरल और तथ्यपरक भाषा में पाठकों के सामने रखते हैं।


रतन गुप्ता ने बायोलॉजी में ग्रेजुएशन किया है, जिसके बाद उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान, नई दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता की पढ़ाई की है। साइंस बैकग्राउंड होने के कारण उनकी न्यूज और एनालिसिस स्टोरी में साइंटिफिक टेंपरामेंट, लॉजिकल अप्रोच और फैक्ट-बेस्ड सोच साफ दिखाई देती है। वह किसी भी मुद्दे पर रिपोर्टिंग करते समय दोनों पक्षों की बात, मौजूद तथ्यों और आधिकारिक स्रोतों को प्राथमिकता देते हैं, ताकि यूजर तक संतुलित और भरोसेमंद जानकारी पहुंचे।


इसके साथ ही आईआईएमसी की एकेडमिक पढ़ाई ने उन्हें रिपोर्टिंग, न्यूज प्रोडक्शन, मीडिया एथिक्स और पब्लिक अफेयर्स की गहरी समझ दी है। इसका सीधा असर उनके लेखन की विश्वसनीयता और संतुलन में दिखाई देता है।

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