
एमपी: भोजशाला में फिर माहौल गर्म, वाग्देवी की फोटो ले जाने से रोकने पर भड़के लोग
मध्य प्रदेश में धार के भोजशाला में एकबार फिर माहौल गर्म हो गया। वाग्देवी का चित्र ले जाने से हिंदू समाज के लोगों के एक समूह को मंगलवार को रोक दिया गया। इसके बाद लोग भड़क गए और उन्होंने सत्याग्रह किया।
मध्य प्रदेश में धार जिले के भोजशाला में मंगलवार को एकबार फिर माहौल गरमा गया। बताया जाता है कि भोजशाला में मां वाग्देवी का तस्वीर ले जाने से हिंदू समाज को एएसआई की ओर से सुरक्षा में तैनात किए गए गार्डों ने रोक दिया। इसकी सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में हिंदू समाज के लोग भोजशाला परिसर में जमा हो गए। लोगों ने एएसआई के रवैये पर नाराजगी जताई। इसके बाद लोगों ने बिना वाग्देवी का तस्वीर के ही पूजा किया।
पूजन के बाद प्रतिनिधि मंडल पुलिस चौकी भी पहुंचा और सीएसपी सूजवाल जग्गा से वाग्देवी की तस्वीर वापस दिलवाने की मांग रखी। भोज उत्सव समिति के अध्यक्ष सुरेश जलोदिया ने बताया कि परंपरा के अनुसार वाग्देवी लेकर पूजा के लिए प्रवेश किया जाता है।
भोज उत्सव समिति के अध्यक्ष सुरेश जलोदिया ने आगे कहा कि पहले की तस्वीर पुरानी हो चुकी है। इस वजह से नई तस्वीर बनवाने के लिए दी गई थी। उसी प्रक्रिया में दूसरी तस्वीर पूजा के लिए ले जाई जा रही थी। इसको एएसआई ने रोक लिया। उन्होंने कहा कि यह पहली बार हुआ है जब बिना तेल चित्र के सत्याग्रह यानी पूजा करनी पड़ी है।
उन्होंने इस कदम को प्रशासन का अड़ियल रवैया बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि सारे नियम केवल हिंदू समाज पर ही लागू किए जाते हैं। वहीं हिंदू संगठनों से जुड़े लोगों ने आरोप लगाया कि व्यवस्था का पालन करने के बाद भी पूजा की अनुमति नहीं मिलती है। वहीं मुस्लिम पक्ष बिना अनुमति मांगे ही रंग-रोगन समेत अनेक काम करता है।
बताया जाता है कि एएसआई के इस कदम का हिंदू समाज के लोगों जोरदार विरोध किया। विरोध के दौरान जमकर नारेबाजी की गई। हिंदू समाज के लोगों ने आने वाले दिनों में जोरदार आंदोलन की चेतावनी भी दी। बता दें कि बसंत पंचमी आगामी 23 जनवरी 2026 को शुक्रवार यानी जुमे के दिन पड़ रही है, ऐसे में प्रशासन सतर्क है। कुल मिलाकर लोगों की मानें तो एएसआई के कथित एकतरफा रवैये को लेकर भारी नाराजगी है। माहौल तनावपूर्ण लेकिन शांत है।





