भोजशाला पर ASI की कार्यप्रणाली से हिंदू फ्रंट में नाराजगी, दे डाली आंदोलन की चेतावनी
भोजशाला मामले में एक हिंदू संगठन ने केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री के साथ ही मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री को पत्र एएसआई की कार्यप्रणाली पर असंतोष जाहिर किया है। संगठन का आरोप है कि मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के फैसले के बाद भी एएसआई द्वारा आदेशों का समुचित पालन नहीं किया जा रहा।

मध्य प्रदेश में धार के भोजशाला मामले में 'हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस' ने हाईकोर्ट के फैसले के बाद भी भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) द्वारा आदेशों का समुचित पालन नहीं करने का आरोप लगाया है। संगठन ने केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत तथा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र भेजकर इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है। इसके साथ ही संगठन ने स्थिति स्पष्ट नहीं होने पर राष्ट्रव्यापी आंदोलन की चेतावनी भी दे डाली है।
पूजा-अर्चना के लिए कोई स्पष्ट दिशानिर्देश जारी नहीं : आशीष
'हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस' के प्रदेश उपाध्यक्ष आशीष गोयल ने आरोप लगाया कि मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के 15 मई 2026 के फैसले के बाद 16 मई को एएसआई के महानिदेशक द्वारा भोपाल मंडल के अधीक्षण पुरातत्वविद को जिला प्रशासन के समन्वय से हिंदू समुदाय को पूजा-अर्चना एवं शैक्षणिक गतिविधियों के लिए अप्रतिबंधित प्रवेश उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद लगभग एक महीना बीत जाने के बाद भी अभी तक स्थानीय स्तर पर कोई स्पष्ट दिशा-निर्देश अथवा मानक संचालन प्रक्रिया जारी नहीं की गई है।
एसआई कर रही बिना वजह देरी
गोयल ने कहा कि इस स्थिति से हिंदू समाज में भ्रम और असंतोष का वातावरण बना हुआ है। संगठन का आरोप है कि एएसआई की ओर से आदेशों के क्रियान्वयन में अनावश्यक विलंब किया जा रहा है।
भोजशाला परिसर से ध्वज और प्रतिमा हटवाने का भी दावा
'हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस' ने अपने पत्र में हाल की कुछ घटनाओं का उल्लेख करते हुए एएसआई के स्थानीय अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। संगठन के अनुसार 17 मई को भोजशाला परिसर में विधि-विधान से लगाया गया ध्वज बाद में हटवा दिया गया। इसी प्रकार 6 जून को गर्भगृह में स्थापित की गई माता वाग्देवी की प्रतिमा को भी बाद में हटा दिया गया, जिससे समाज की भावनाएं आहत हुई हैं। संगठन ने संस्कृत शिक्षण गतिविधियों में भी बाधा उत्पन्न किए जाने का आरोप लगाया है।
राष्ट्रव्यापी अभियान और आंदोलन शुरू करने की चेतावनी
गोयल ने कहा कि एएसआई के भोपाल और धार स्थित अधिकारी हाईकोर्ट तथा एएसआई महानिदेशक के निर्देशों का पालन नहीं कर रहे हैं। उनका आरोप है कि स्थानीय अधिकारी मामले में निर्णय लेने के बजाय विभिन्न कारणों का हवाला देकर प्रक्रिया को टाल रहे हैं। संगठन ने पत्र में कहा है कि यदि शासकीय स्तर पर शीघ्र स्थिति स्पष्ट नहीं की गई और आदेशों के पालन को सुनिश्चित नहीं किया गया तो वह राष्ट्रव्यापी अभियान और आंदोलन शुरू करने पर विचार करेगा।


