
ग्वालियर: कॉलेज गेट पर स्टूडेंट ने लगाया फांसी का फंदा, यूनिवर्सिटी की लेटलती से है परेशान
पैरामेडिकल कोर्स की परीक्षाएं जबलपुर मेडिकल यूनिवर्सिटी द्वारा कराई जाती हैं और परिणाम जारी करने की जिम्मेदारी भी यूनिवर्सिटी की ही है। परिणाम लंबित होने के कारण छात्र पैरामेडिकल काउंसिल में रजिस्ट्रेशन नहीं करा पा रहे हैं।
गजराराजा मेडिकल प्रवेश कॉलेज सहित प्रदेश के विभिन्न कॉलेजों में 2 साल के पैरा मेडिकल कोर्स के लिए 2021 में प्रवेश लेने वाले छात्रों की डिग्री पांच साल में भी पूरी नहीं हो सकी है। इसकी वजह जबलपुर मेडिकल यूनिवर्सिटी अब तक पैरा मेडिकल कोर्स के पूरे रिजल्ट घोषित नहीं कर पाई है। इस परेशानी से प्रदेशभर के पैरा मेडिकल छात्र परेशान हैं।
एक परेशान छात्र परीक्षा परिणाम घोषित न होने से दुखी होकर जीआरएमसी के मुख्य गेट पर रस्सी का फंदा लटका दिया। मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मी ने स्थिति को भांपते हुए तत्काल रस्सी उतार दी। जीआरएमसी के डीन डॉ.आरकेएस धाकड़ को इसकी जानकारी मिली तो उन्होंने ऐसे ही परेशान छात्रों की पीड़ा सुनी। डीन ने छात्रों को आश्वासन दिया कि वह यूनिवर्सिटी को पत्र लिखकर जल्द रिजल्ट घोषित करवाने का प्रयास करेंगे। छात्र का कहना है कि उसके परिवार ने काफी कठिनाइयों के बीच पैरामेडिकल कोर्स की फीस जमा कराई, ताकि वह पढ़कर रोजगार प्राप्त कर सके। लेकिन कोर्स पूरा होने के बाद अब तक परीक्षा परिणाम घोषित नहीं होने से मानसिक तनाव में है।
छात्रों का आरोप
जीआरएमसी के पैरामेडिकल कोर्स वर्ष 2021 बैच के एक्स-रे टेक्नीशियन, डायलिसिस टेक्नीशियन और माइक्रो टेक्नीशियन सहित करीब 150 छात्रों का परीक्षा परिणाम अब तक घोषित नहीं हुआ है जबकि, इन छात्रों का कोर्स वर्ष 2023 में ही पूरा हो जाना था। छात्रों का आरोप है कि जबलपुर मेडिकल यूनिवर्सिटी के अधिकारी न तो छात्रों से मिलने को तैयार हैं और न ही उनकी समस्याओं को गंभीरता से ले रहे हैं।
आर्थिक संकट से जूझ रहे
जबलपुर मेडिकल यूनिवर्सिटी प्रबंधन की उदासीनता के चलते पैरा मेडिकल कोर्स का सेशन दो साल लेट चल रहा है। छात्रों का आरोप है कि बैच करीब 24 माह की देरी से चल रहा है, जिससे उनका भविष्य अधर में लटक गया है। पैरामेडिकल कोर्स की परीक्षाएं जबलपुर मेडिकल यूनिवर्सिटी द्वारा कराई जाती हैं और परिणाम जारी करने की जिम्मेदारी भी यूनिवर्सिटी की ही है। परिणाम लंबित होने के कारण छात्र पैरामेडिकल काउंसिल में रजिस्ट्रेशन नहीं करा पा रहे हैं। बिना रजिस्ट्रेशन के वे किसी भी सरकारी या निजी नौकरी के लिए अप्लाई नहीं कर सकते हैं, जिससे वे आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं।
रिपोर्ट: अमित कुमार





