
सैलरी 8 हजार और इनकम टैक्स ने भेज दिया 46 करोड़ का नोटिस, MP में मजदूर के साथ गजब हो गया!
मध्य प्रदेश के भिंड में एक ढाबे पर काम करने वाले रविंद्र सिंह को 46 करोड़ रुपये का इनकम टैक्स नोटिस मिला, जिसके बाद उन्होंने ग्वालियर हाई कोर्ट में याचिका दायर कर धोखाधड़ी की जांच की मांग की है।
ग्वालियर के भिंड से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक ढाबे पर काम करने वाले रविंद्र सिंह चौहान की जिंदगी उस वक्त उलट-पुलट हो गई, जब उनके पास इनकम टैक्स डिपार्टमेंट का 46 करोड़ रुपये का एक नोटिस आया। नोटिस की रकम सुनकर उनके होश उड़ गए। एक ऐसा शख्स जिसकी महीनेभर की कमाई 8 हजार से 10 हजार रुपये है, उस पर इतने बड़े टैक्स का नोटिस कैसे आया?

सात साल पुराना धोखा
रविंद्र की कहानी सात साल पहले शुरू होती है, जब वे ग्वालियर में एक टोल कंपनी में काम करते थे। उनके सुपरवाइजर ने उनके दस्तावेज लेकर एक पीएफ खाता खोलने की बात कही थी। रविंद्र पढ़ाई-लिखाई में कमजोर थे और परिवार की आर्थिक स्थिति के चलते छठी कक्षा के बाद स्कूल छोड़ चुके थे। उन्होंने सुपरवाइजर की बात पर भरोसा कर लिया। लेकिन उन्हें क्या पता था कि उनके दस्तावेजों का इस्तेमाल दिल्ली में एक फर्जी बैंक खाता खोलने के लिए किया गया। इस खाते के जरिए 46 करोड़ रुपये के लेन-देन हुए, जिसका रविंद्र को कोई अंदाजा तक नहीं था।
'मेरे खाते में तो 3 लाख भी नहीं आए'
रविंद्र ने बताया, 'मैं एक ढाबे पर काम करता हूं। मेरे खाते में साल भर में 3 लाख रुपये का लेन-देन भी नहीं होता। फिर 46 करोड़ का नोटिस कैसे आ सकता है?" जांच में पता चला कि दिल्ली के इस खाते को शौर्या ट्रेडिंग कंपनी नाम की एक फर्म से जोड़ा गया था, जिसके जरिए भारी-भरकम लेन-देन किए गए। हैरानी की बात यह है कि इस खाते में अभी भी 13 लाख रुपये जमा हैं, लेकिन रविंद्र का दावा है कि उनका इससे कोई लेना-देना नहीं है।
पुलिस की लाचारी, कोर्ट की शरण
नोटिस मिलने के बाद रविंद्र ने सिरौल पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज की, लेकिन पुलिस ने इसे दिल्ली का मामला बताकर हाथ खड़े कर दिए। रविंद्र की मदद के लिए उनके वकील प्रधुमन सिंह भदौरिया सामने आए, जिन्होंने आयकर कार्यालय में उनकी पैरवी की। लेकिन जब कोई समाधान नहीं निकला, तो रविंद्र ने ग्वालियर हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। उनकी याचिका में मांग की गई है कि इस धोखाधड़ी की जांच हो और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।





