MP में जंगल वाले मंदिर गई लड़की संग गैंगरेप, दोस्त को पीटकर भगाया और खींच ले गए दरिंदे
मध्य प्रदेश के महू में एक लड़की संग गैंगरेप की खौफनाक घटना सामने आई है। दोस्त के साथ जंगल के मंदिर में गई लड़की को हवस का शिकार बनाया गया। बदमाशों ने उसके दोस्त को पीटकर भगा दिया और गैंगरेप किया।

मध्य प्रदेश का महू एक बार फिर शर्मसार हुआ है। मंगलवार रात बड़गोंदा थाना क्षेत्र के जंगल में हुई दुष्कर्म की ताजा घटना ने इलाके में दहशत फैला दी है और साथ ही दो साल पहले हुए जाम गेट गैंगरेप कांड की डरावनी यादें भी ताजा कर दी हैं। लगातार सामने आ रही ऐसी वारदातों ने कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
हाल ही में हुई घटना में, एक कॉलेज छात्रा अपने दोस्त के साथ मंदिर दर्शन के लिए जंगल क्षेत्र में पहुंची थी। सुनसान जगह का फायदा उठाकर दो बदमाशों ने अचानक हमला कर दिया। आरोपियों ने पहले युवक को लाठी-डंडों से बेरहमी से पीटकर वहां से भगा दिया, फिर छात्रा को अकेला पाकर उसके साथ गैंगरेप की वारदात को अंजाम दिया। यह पूरी घटना इलाके में बढ़ते अपराध और असुरक्षा की बड़ी तस्वीर सामने रखती है।
सुनसान जंगल बना दरिंदों का अड्डा
घटना मंगलवार शाम की बताई जा रही है। इंदौर की एक कॉलेज छात्रा अपने दोस्त के साथ लगनचा मंदिर दर्शन के लिए बेरछा क्षेत्र पहुंची थी। दर्शन के बाद दोनों जंगल के एक एकांत स्थान पर बैठे थे। तभी घात लगाकर पहुंचे दो बदमाशों ने अचानक हमला बोल दिया और माहौल को दहशत में बदल दिया।
विरोध करने पर युवक को पीटा, छात्रा पर टूटा कहर
पुलिस के अनुसार आरोपियों ने पहले युवक को लाठियों से पीट-पीटकर उसे भगा दिया। इसके बाद उन्होंने छात्रा को अपनी हवस का शिकार बनाया। पीड़िता ने दरिंदों से बचने के लिए जमकर संघर्ष किया, जिसके चलते उसके चेहरे और गर्दन पर गहरे खरोंच के निशान पाए गए हैं।
घायल युवक ने दी सूचना, पुलिस मौके पर पहुंची
किसी तरह जान बचाकर भागे युवक ने जंगल से बाहर निकलते ही डायल-112 पर कॉल कर घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों को थाने लाया गया। मेडिकल जांच में युवक के हाथ और गर्दन पर गंभीर चोटें मिली हैं, जबकि छात्रा के शरीर पर संघर्ष के स्पष्ट निशान हैं।
मामला दर्ज, SIT गठित- फिर भी आरोपी फरार
पुलिस ने देर रात केस दर्ज कर लिया है। रूपेश द्विवेदी के अनुसार आरोपियों की तलाश के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है। अब तक 7-8 संदिग्धों से पूछताछ की जा चुकी है, लेकिन मुख्य आरोपी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं, जिससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
जाम गेट गैंगरेप कांड
यह पहली बार नहीं है जब महू का यह इलाका ऐसी दरिंदगी का गवाह बना हो। 11 सितंबर 2024 की रात जाम गेट के पास छोटा जाम फील्ड फायरिंग रेंज में 6-8 हथियारबंद बदमाशों ने दो सैन्य अधिकारियों और उनकी महिला मित्रों को घेर लिया था। बदमाशों ने मारपीट और लूटपाट के बाद एक अधिकारी और एक युवती को बंधक बना लिया और दूसरे अधिकारी को फिरौती के लिए भेज दिया। इसके बाद बंदूक की नोक पर युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया था। उस घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया था।
रिपोर्ट -हेमंत
लेखक के बारे में
Sudhir Jhaसुधीर झा | वरिष्ठ पत्रकार और स्टेट टीम लीड
(दिल्ली-एनसीआर, झारखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, गुजरात, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश)
सुधीर झा एक वरिष्ठ डिजिटल पत्रकार और संपादकीय नेतृत्वकर्ता हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 15 से अधिक वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में LiveHindustan.com में असिस्टेंट एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और दिल्ली-एनसीआर, झारखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, गुजरात, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश सहित 8 राज्यों की कवरेज संभालने वाली स्टेट टीम का नेतृत्व कर रहे हैं। वे राजनीति, अपराध और प्रशासन से जुड़े विषयों पर खबर लेखन और विश्लेषण में विशेषज्ञता रखते हैं। ब्रेकिंग न्यूज से लेकर विश्लेषणात्मक रिपोर्ट तक, तथ्य-आधारित और संतुलित पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं।
15 सालों का अनुभव
सुधीर झा ने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की। दैनिक आज समाज और दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में काम किया। दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा और जम्मू-कश्मीर की ग्राउंड रिपोर्टिंग के बाद उन्होंने दैनिक भास्कर डिजिटल, न्यूजट्रैक और नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क के अनुभव ने उनकी विश्लेषणात्मक समझ को और व्यापक बनाया। डिजिटल पत्रकारिता में उन्हें होमपेज मैनेजमेंट, लाइव इवेंट कवरेज (लोकसभा चुनाव, केंद्रीय बजट), हाइपरलोकल रिपोर्टिंग और कंटेंट क्वालिटी कंट्रोल में विशेषज्ञता प्राप्त है।
विश्वसनीय खबरों का लेखन
सुधीर झा डिजिटल प्लेटफॉर्म पर होमपेज मैनेजमेंट, लाइव इवेंट कवरेज (जैसे लोकसभा चुनाव और केंद्रीय बजट), हाइपरलोकल रिपोर्टिंग और कंटेंट क्वालिटी कंट्रोल में विशेषज्ञता रखते हैं। उनकी संपादकीय शैली में स्पीड और वेरिफिकेशन का संतुलन प्रमुख है। वे जमीनी स्रोतों, स्ट्रिंगर्स और रिपोर्टर्स के साथ समन्वय कर एक्सक्लूसिव और इम्पैक्टफुल स्टोरीज पर फोकस करते हैं। वे प्रत्येक खबर में मल्टी-सोर्स वेरिफिकेशन, सभी पक्षों की प्रतिक्रिया और विशेषज्ञों की राय शामिल करने पर जोर देते हैं। सुधीर झा न्यूज राइटिंग में विश्वसनीयता और निष्पक्षता का विशेष ध्यान रखते हैं। उनकी संपादकीय प्राथमिकता सार्वजनिक हित, निष्पक्षता और तथ्यपरकता है। सुधीर झा का मानना है कि विश्वसनीयता, पारदर्शिता और तथ्यपरकता ही पत्रकारिता की असली ताकत है।
शिक्षा और सम्मान
सुधीर झा ने कंप्यूटर साइंस में स्नातक किया है और दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा प्राप्त किया है। डिजिटल पत्रकारिता में उत्कृष्ट योगदान के लिए उन्हें ‘Digi Journo of the Year 2024–25’ और ‘Digital Content Award 2023–24’ से सम्मानित किया जा चुका है। इससे पहले उन्हें 'हम से सीखो' विशेष कैंपेन के लिए भी सम्मानित किया गया है।
विशेषज्ञता
राजनीति, अपराध और प्रशासनिक मामलों की गहन व तथ्य-आधारित रिपोर्टिंग
ब्रेकिंग न्यूज मैनेजमेंट और मल्टी-स्टेट हाइपरलोकल कवरेज लीडरशिप
डिजिटल होमपेज ऑप्टिमाइजेशन और रियल-टाइम कंटेंट स्ट्रेटेजी
लाइव इवेंट कवरेज (लोकसभा चुनाव, केंद्रीय बजट) और विश्लेषणात्मक लेखन
मल्टी-सोर्स वेरिफिकेशन, संपादकीय गुणवत्ता नियंत्रण और टीम मेंटरशिप


