कमलनाथ के गढ़ में क्या खिचड़ी पक रही? कहीं कोई… नरेंद्र सिंह तोमर से मिले 5 कांग्रेस विधायक
बंद कमरे में हुई इस मुलाकात के बाद राज्य का सियासी पारा चढ़ गया है। इस मुलाकात के बाद ये सुगबुगाहट तेज हो गई है- क्या एमपी में किसी तरह के राजनीतिक खेला होने की संभावना है? हालांकि, कांग्रेस विधायक सोहनलाल वाल्मीकि ने इस मेल-मुलाकात को महज एक शिष्टाचार भेंट बताया है।

मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव से पहले पांच कांग्रेस विधायकों ने विधानसभा स्पीकर और भाजपा नेता नरेंद्र सिंह तोमर से मुलाकात की। बंद कमरे में हुई इस मुलाकात के बाद राज्य का सियासी पारा चढ़ गया है। इस मुलाकात के बाद ये सुगबुगाहट तेज हो गई है- क्या एमपी में किसी तरह के राजनीतिक खेला होने की संभावना है? हालांकि, कांग्रेस विधायक सोहनलाल वाल्मीकि ने इस मेल-मुलाकात को महज एक शिष्टाचार भेंट बताया है। अब ये तो आने वाला वक्त ही बताएगा, ये महज एक सौजन्य भेंट थी या इसके पीछे कोई बड़ा राज छिपा था।
कांग्रेस के कौन नेता मिलने गए?
दरअसल, विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर का छिंदवाड़ा आगमन होना था। उनके आने की खबर पर कांग्रेस के पांच विधायक भी उनसे मिलने सर्किट हाउस पहुंच गए। इनके नाम हैं- परासिया विधायक सोहन वाल्मीकि, जुन्नारदेव विधायक सुनील उइके, सौंसर विधायक विजय चौरे, चौरई विधायक सुजीत चौधरी और पांढुर्णा विधायक निलेश उइके।
कांग्रेस विधायक ने मुलाकात को बताया...
परासिया विधायक सोहन वाल्मीकि ने इसकी तस्वीरें अपने एक्स अकाउंट पर शेयर करते हुए लिखा- "आज जिला छिंदवाड़ा के गरिमामयी प्रवास पर पधारे मध्य प्रदेश विधानसभा के माननीय अध्यक्ष श्री नरेंद्र सिंह तोमर जी का आगमन हुआ। हम सभी कांग्रेस विधायकों द्वारा माननीय अध्यक्ष महोदय की अगवानी की गई और पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका आत्मीय स्वागत व अभिनंदन किया गया।
लोकतंत्र की खूबसूरती इसी स्वस्थ संवाद और दलीय राजनीति से ऊपर उठकर एक-दूसरे के प्रति सम्मान की भावना में निहित है। इस दौरान माननीय अध्यक्ष जी से सौजन्य मुलाकात कर क्षेत्र के विकास और विधायी विषयों पर संक्षिप्त चर्चा भी हुई। छिंदवाड़ा आगमन पर उनका हृदय से आभार।
विधायकों ने क्या मांगे उठाईं
जानकारी में सामने आया है कि इन विधायकों ने अपने क्षेत्रों के मुद्दों को विधानसभा अक्ष्यक्ष के सामने रखा है। परासिया विधायक सोहन वाल्मीकि ने क्षेत्र में विकास के लिए विशेष बजट की मांग की है। वहीं पांढुर्णा विधायक निलेश उइके ने आदिवासी अंचल के विकास कार्यों की मांग की। चौरई विधायक सुजीत चौधरी ने क्षेत्रीय जनहित के अधूरे मुद्दे उठाए। सौंसर विधायक विजय चौरे ने विधानसभा अध्यक्ष से हस्तक्षेप का आग्रह किया।
मुलाकात को राज्यसभा चुनाव से जोड़ा जा रहा
हालांकि, राजनीतिक विश्लेषक इस मुलाकात को जून में होने वाले राज्यसभा चुनाव से जोड़कर देख रहे हैं। इसी जून तक मध्य प्रदेश में तीन सीटों पर राज्यसभा चुनाव होना है। संभावना जताई जा रही है कि दो सीटें भाजपा को और एक कांग्रेस को मिलेगी। ऐसे संवेदनशील समय में कमलनाथ के गढ़ में हुई इस मुलाकात ने राजनीतिक हलचल तेज कर दी है। क्योंकि, इस मुलाकात ने कांग्रेस आलाकमान और राजनीतिक पर्यवेक्षकों का ध्यान सबसे ज्यादा खींचा है।
लेखक के बारे में
Ratan Guptaरतन गुप्ता एक डिजिटल हिंदी जर्नलिस्ट/ कॉन्टेंट प्रोड्यूसर हैं। वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान की स्टेट न्यूज टीम के साथ काम कर रहे हैं। वह क्राइम, राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर न्यूज आर्टिकल और एक्सप्लेनर स्टोरीज लिखते हैं।
रतन गुप्ता वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में कंटेंट प्रोड्यूसर के तौर पर स्टेट न्यूज टीम में काम करते हैं। इस टीम में हिंदी पट्टी के 8 राज्यों दिल्ली-एनसीआर, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, गुजरात से जुड़ी खबरों की कवरेज करते हैं। उनका लेखन खास तौर से क्राइम, राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर केंद्रित रहता है।
लाइव हिंदुस्तान में बीते 2 साल से काम करते हुए रतन ने ब्रेकिंग न्यूज, राजनीतिक घटनाक्रम और कानून-व्यवस्था से जुड़ी खबरों पर लगातार लेखन किया है। इसके साथ ही वह एक्सप्लेनर स्टोरीज लिखने में भी विशेष रुचि रखते हैं, जहां जटिल मुद्दों को सरल और तथ्यपरक भाषा में पाठकों के सामने रखते हैं।
रतन गुप्ता ने बायोलॉजी में ग्रेजुएशन किया है, जिसके बाद उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान, नई दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता की पढ़ाई की है। साइंस बैकग्राउंड होने के कारण उनकी न्यूज और एनालिसिस स्टोरी में साइंटिफिक टेंपरामेंट, लॉजिकल अप्रोच और फैक्ट-बेस्ड सोच साफ दिखाई देती है। वह किसी भी मुद्दे पर रिपोर्टिंग करते समय दोनों पक्षों की बात, मौजूद तथ्यों और आधिकारिक स्रोतों को प्राथमिकता देते हैं, ताकि यूजर तक संतुलित और भरोसेमंद जानकारी पहुंचे।
इसके साथ ही आईआईएमसी की एकेडमिक पढ़ाई ने उन्हें रिपोर्टिंग, न्यूज प्रोडक्शन, मीडिया एथिक्स और पब्लिक अफेयर्स की गहरी समझ दी है। इसका सीधा असर उनके लेखन की विश्वसनीयता और संतुलन में दिखाई देता है।
और पढ़ें

