
10 साल से लिख रहा हूं यह दवा; कफ सिरप से मौतों के बाद गिरफ्तार डॉक्टर
संक्षेप: मध्य प्रदेश में करीब एक दर्जन से अधिक बच्चों की मौत के बाद गिरफ्तार डॉक्टर प्रवीण सोनी का कहना है कि जिस 'कोल्डरिफ' कफ सिरप को जिम्मेदार बताया जा रहा है, उसे वह 10 साल से लिखते आ रहे हैं।
मध्य प्रदेश में करीब एक दर्जन से अधिक बच्चों की मौत के बाद गिरफ्तार डॉक्टर प्रवीण सोनी का कहना है कि जिस 'कोल्डरिफ' कफ सिरप को जिम्मेदार बताया जा रहा है, उसे वह 10 साल से लिखते आ रहे हैं। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रवीण सोनी ने कहा कि मॉनसून में वायरल बुखार के केस बढ़ जाते हैं और वह उनके पास आने वाले सर्दी-खांसी बुखार जैसे लक्षणों वाले बच्चों के लिए दवा लिखते थे।

इंडिया टुडे से बातचीत में आरोपी डॉक्टर सोनी ने बताया कि वह प्राथमिक उपचार के रूप में उन्होंने पिछले कई दिनों में बहुत से बच्चों को यद दवा लिखी थी। उन्होंने कहा, 'यह सिरप एक दिन का इलाज नहीं है। मैं 10 साल से भी ज्यादा समय से इस कंपनी की दवा लिखता रहा हूं। यह मानना गलत है कि प्राथमिक डॉक्टर दवा के मिश्रण का फैसला करते हैं। हमें तो रेडी टू यूज, सील की हुई दवा मिलती है।'
डॉक्टर सोनी ने कहा, 'हाल में मैंने 100 से ज्यादा बच्चों का इलाज किया है।' मध्य प्रदेश पुलिस ने शनिवार को डॉ. सोनी को गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस ने कोल्डरिफ बनाने वाली कपंनी श्रीसन फार्मास्युटिकल के खिलाफ केस दर्ज किया है। मध्य प्रदश सरकार ने दवा को बैन कर दिया है।
डॉ. सोनी और कंपनी पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 105 (गैर इरादतन हत्या) और 276 (दवा में मिलावट करना) के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अधीक्षक अजय पांडे के अनुसार, सोनी के खिलाफ ओषधि और प्रसाधन सामग्री अधिनियम की प्रासंगिक धाराओं के तहत भी मामला दर्ज किया गया है।
मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा और बैतूल में एक दर्जन से अधिक बच्चों की मौत हुई है। बताया जा रहा है कि शुरुआत में बच्चों में सर्दी-बुखार जैसे लक्षण थे। कफ सिरप देने के बाद उनकी स्थिति बिगड़ गई। किडनी फेल होने के बाद कई बच्चों की जान चली गई।





