इंदौर में डॉक्टर की बड़ी लापरवाही! ऑपरेशन के बाद पेट में छोड़ दिया था सर्जिकल टूल; 5 लाख का जुर्माना

Feb 20, 2026 08:38 pm ISTMohammad Azam लाइव हिन्दुस्तान, इंदौर
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अस्पताल के डॉक्टर विजय सोनी पर ऑपरेशन के दौरान मरीज के पेट में सर्जिकल उपकरण छोड़ देने का आरोप साबित होने के बाद जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग क्रमांक-एक ने उन्हें सेवा में गंभीर कमी का दोषी माना है। कोर्ट ने 5 लाख का जुर्माना लगाया है।

इंदौर में डॉक्टर की बड़ी लापरवाही! ऑपरेशन के बाद पेट में छोड़ दिया था सर्जिकल टूल; 5 लाख का जुर्माना

इंदौर के बॉम्बे हॉस्पिटल से चिकित्सा लापरवाही का एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसने स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अस्पताल के डॉक्टर विजय सोनी पर ऑपरेशन के दौरान मरीज के पेट में सर्जिकल उपकरण छोड़ देने का आरोप साबित होने के बाद जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग क्रमांक-एक ने उन्हें सेवा में गंभीर कमी का दोषी माना है। आयोग ने पीड़ित महिला शांताबाई के पक्ष में फैसला सुनाते हुए डॉक्टर पर कुल 5 लाख 75 हजार रुपये का हर्जाना लगाया है।

क्या है पूरा मामला

मामला 17 मार्च 2015 का है, जब शांताबाई को गॉल ब्लैडर में पथरी की शिकायत के चलते बॉम्बे हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। 18 मार्च को डॉ. विजय सोनी ने उनका ऑपरेशन किया, लेकिन आरोप है कि सर्जरी के दौरान आवश्यक सावधानियां नहीं बरती गईं और इस्तेमाल किया गया सर्जिकल टूल मरीज के पेट के भीतर ही छूट गया। ऑपरेशन के बाद महिला को लगातार तेज दर्द होता रहा। जांच के लिए कराए गए एक्स-रे और सोनोग्राफी में खुलासा हुआ कि उनके शरीर के अंदर सर्जिकल उपकरण मौजूद है।

क्या बोला आयोग

आयोग के अध्यक्ष विकास राय तथा सदस्य कुंदन सिंह चौहान और डॉ. निधि बारंगे की पीठ ने मेडिकल दस्तावेजों और साक्ष्यों की जांच के बाद माना कि डॉक्टर ने अपने पेशेवर दायित्वों में गंभीर लापरवाही बरती। इस गलती के कारण महिला को दोबारा ऑपरेशन कराना पड़ा और लंबे समय तक शारीरिक व मानसिक पीड़ा झेलनी पड़ी। आयोग ने इसे उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के तहत सेवा में गंभीर त्रुटि माना।

आदेश के अनुसार डॉक्टर विजय सोनी को पीड़िता शांताबाई को 5 लाख रुपये क्षतिपूर्ति, 50 हजार रुपये मानसिक पीड़ा के लिए और 25 हजार रुपये परिवाद व्यय के रूप में भुगतान करने के निर्देश दिए गए हैं। आयोग ने स्पष्ट किया कि यदि 45 दिनों के भीतर राशि अदा नहीं की गई तो निर्धारित दर से ब्याज भी देना होगा। रिपोर्ट --हेमंत

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