जबलपुर में नर्मदा नदी में मिल रहा नाले का पानी! दिग्विजय सिंह का दावा, मेयर का आया जवाब
महापौर अन्नू ने स्पष्ट किया कि शहर के सभी नालों का पानी सीधे नर्मदा नदी में नहीं छोड़ा जाता। इसके बजाय, इसे पहले एचटीपी (होल्डिंग ट्रीटमेंट प्लांट) टैंकों में भेजा जाता है। इन टैंकों से ओवरफ्लो होने के बाद लगभग 60 प्रतिशत पानी वहीं प्राथमिक रूप से साफ हो जाता है।

इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी का कहर अभी थमा भी नहीं था कि आज कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने जबलपुर में ऐसे ही एक खतरे की ओर इशारा किया है। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाया है कि जबलपुर में नर्मदा नदी के ग्वारीघाट पर सीवरेज टैंक बना हुआ है जिस का गंदा पानी नर्मदा में मिलने से पीने के पानी पर खतरा मंडरा रहा है। मामले को लेकर महापौर ने तीखी प्रतिक्रिया दी है और कहा कि आरोप पूरी तरह भ्रामक हैं और ट्वीट में इस्तेमाल की गई तस्वीर पुरानी है और मौजूदा स्थिति को नहीं दर्शाती।
महापौर अन्नू ने स्पष्ट किया कि शहर के सभी नालों का पानी सीधे नर्मदा नदी में नहीं छोड़ा जाता। इसके बजाय, इसे पहले एचटीपी (होल्डिंग ट्रीटमेंट प्लांट) टैंकों में भेजा जाता है। इन टैंकों से ओवरफ्लो होने के बाद लगभग 60 प्रतिशत पानी वहीं प्राथमिक रूप से साफ हो जाता है। शेष 40 प्रतिशत पानी को फिल्ट्रेशन प्लांट में भेजा जाता है, जहां उसे पूरी तरह शुद्ध किया जाता है।
मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने अपने एक्स अकाउंट पर लिखा कि जबलपुर के ग्वारीघाट में सीवेज का पानी नर्मदा जी में मिलता है। सीवेज टैंक घाट में बना है जिसमें फिल्टर नहीं है। उस सीवेज का पानी नर्मदा जी में मिलकर 500 मीटर दूर ललपुर पेयजल सप्लाई प्लांट से जबलपुर के लोगों को सप्लाई होता है, उससे भी कुछ दिन में कोई बड़ी घटना हो सकती है। कृपया सीएम मोहन यादव व कैलाश विजयवर्गीय संज्ञान लें।
जबलपुर में मंगलवार शाम शहर के पॉश इलाके नेपियर टाउन में दूषित और सिल्ट युक्त पानी आने की शिकायत पर जिला कांग्रेस कमेटी शहर अध्यक्ष सौरभ नाटी शर्मा बुजुर्ग नागरिक राजेंद्र बेनियन के घर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। महापौर के जनसुनवाई कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस की सैंपलिंग की बात पर जवाब में सौरभ नाटी शर्मा ने कहा महापौर जिस दिन, जिस जगह और जिस लैब में कहें, हम उनके साथ सैंपल जांच के लिए तैयार हैं, लेकिन इस मुद्दे को गंभीरता से लिया जाए, ताकि जनता के साथ हो रहे खिलवाड़ पर रोक लगे। इस दौरान बीमार पड़े बुजुर्ग राजेंद्र ने बताया कि नगर निगम की ओर से सप्लाई किया जा रहा पानी पिछले डेढ़ साल से दूषित आ रहा है। शिकायत के बाद प्लंबर भेजे गए, लेकिन समस्या जस की तस बनी रही। बुजुर्ग ने बताया कि दूषित पानी पीने के कारण वे बीमार भी पड़े, जिसके बाद मजबूरी में उन्हें आरओ मिनरल वाटर खरीदकर इस्तेमाल करना पड़ रहा है।
कांग्रेस के सौरभ नाटी शर्मा ने नगर निगम प्रशासन पर सीधा हमला बोलते हुए कहा जबलपुर की जनता को झूठा भरोसा दिया जा रहा है। मैं नगर निगम आयुक्त को आमंत्रित करता हूं कि वे राजेंद्र के घर आकर वही पानी पीकर दिखाएं, जो यहां सप्लाई हो रहा है। नगर सत्ता इस ओर बिल्कुल भी ध्यान नहीं दे रही। जबलपुर की जनता खतरे के मुहाने पर खड़ी है। उन्होंने कहा कि शहर में 1.5 से 2 किलोमीटर तक पाइपलाइन नालों के बीच से गुजर रही है, जिससे पानी में घातक बैक्टीरिया मिल रहे हैं। सौरभ नाटी शर्मा ने दावा किया कि एक दिन पहले महापौर के ही वार्ड में H2S किट के जरिए पानी की जांच की गई थी। महापौर के वार्ड में रहवासियों के छत पर सैंपल को रख दिया गया, सैंपल 12 घंटे में काला हो गया।



