महाशिवरात्रि पर महाकाल आने वाले श्रद्धालुओं के लिए जरूरी खबर; रूट-टिकट और पार्किंग तक जानें सबकुछ
महाशिवरात्रि पर अगर आप भी मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध बाबा महाकाल के दर्शन को आ रहे हैं तो यह खबर आपके लिए है। मंदिर प्रशासन ने महाशिवरात्रि पर्व को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं।

महाशिवरात्रि पर अगर आप भी मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध बाबा महाकाल के दर्शन को आ रहे हैं तो यह खबर आपके लिए है। मंदिर प्रशासन ने महाशिवरात्रि पर्व को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। श्रद्धालुओं को भी यहां आने से पहले दर्शन के टिकट और पार्किंग से लेकर सभी जरूरी बातों को अवश्य जान लेना चाहिए। मंदिर प्रशासन इस बार महाशिवरात्रि पर 10 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के आने का दावा कर रहा है। इस दौरान 1 लाख से अधिक चार पहिया वाहन पहुंचने का अनुमान है।
मंदिर प्रशासन का दावा है कि श्रद्धालु महज 40 मिनट में भगवान महाकाल के दर्शन कर सकेंगे। इसके लिए 250 रुपये टिकट शुल्क से भी शीघ्र दर्शन की व्यवस्था की गई है। मंदिर और आसपास सुरक्षा के लिए करीब 1500 पुलिस जवानों के साथ प्रशासनिक अधिकारियों की टीमें तैनात रहेगी। इस बार सीसीटीवी के साथ गूगल मैप की अहम भूमिका रहेगी। श्रद्धालुओं को सुगमता से मंदिर तक पहुंचाने के लिए बैनर संकेतक और ट्रैफिक पुलिस भी पूरी सहायता करेगी।
हर 300 मीटर पर मेडिकल हेल्थ पॉइंट होंगे
महाशिवरात्रि पर महाकाल मंदिर में देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर प्रशासन ने टिकट काउंटर के साथ किस ओर से सामान्य श्रद्धालु दर्शन को पहुंचेंगे और कहां वाहनों पार्क करेंगे, इसके साथ वीआईपी, वीवीआईपी किस गेट से प्रवेश करेंगे इसकी पूरी व्यवस्था कर ली है। वहीं, हर 300 मीटर पर मेडिकल हेल्थ पॉइंट और पेयजल की व्यवस्था की जा रही है। वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए भी विशेष सहायता व्यवस्था उपलब्ध रहेगी। शहर के विभिन्न स्थानों पर अलग-अलग पार्किंग स्थल बनाए जा रहे हैं और मार्गों पर व्यापक बैरिकेडिंग की जाएगी ताकि यातायात को नियंत्रित किया जा सके।
सामान्य श्रद्धालुओं के साथ कहां मिलेगी शीघ्र दर्शन टिकट
मंदिर प्रशासक प्रथम कौशिक ने बताया कि सामान्य श्रद्धालुओं को चार धाम द्वार से प्रवेश दिया जाएगा, वही वीवीआईपी और वीआईपी लोगों को नीलकंठ द्वार से प्रवेश दिया जाएगा। इस दौरान 250 रुपये शुल्क की शीघ्र दर्शन की रसीद लेने वालों को अवंतिका द्वार से प्रवेश देने की तैयारी की जा रही है। हालांकि भीड़ देखते हुए इसमें परिवर्तन किया जा सकता है।
मंदिर प्रसासन का दावा 40 मिनट में होंगे महाकाल दर्शन
प्रथम कौशिक के अनुसार, 15 फरवरी को महाशिवरात्रि पर्व के अवसर पर महाकाल मंदिर में देशभर से 10 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। श्रद्धालुओं को लगभग 40 मिनट में दर्शन कराने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए कर्कराज पार्किंग के पास से बैरिकेडिंग की विशेष व्यवस्था की गई है। पुलिस प्रशासन ने भी सुरक्षित व सुगम दर्शन व्यवस्था सुनिश्चित करने के इंतजाम किए हैं।
यातायात व्यवस्था 10 सदस्यीय संयुक्त टीम करेगी काम
एडिशनल एसपी राहुल देशमुख ने बताया कि वाहनों की पार्किंग के लिए प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए हैं। महाशिवरात्रि पर एक लाख से ज्यादा वाहनों के शहर में प्रवेश करने की संभावना है। इसके लिए 10 सदस्यीय संयुक्त टीम 14 फरवरी की रात से 16 फरवरी दोपहर तक लगातार ट्रैफिक की निगरानी करेगी। ट्रैफिक जाम से बचाने और श्रद्धालुओं को सीधे खाली पार्किंग तक पहुंचाने के लिए गुरुग्राम की आईटी कंपनी, साइबर टीम और पुलिस संयुक्त टीम गूगल मैप के एल्गोरिदम में तकनीकी बदलाव कर रही है। जिस रूट पर यातायात बढ़ेगा या जाम की स्थिति बनेगी, उस रूट को तुरंत डायवर्ट कर गूगल मैप से हटा दिया जाएगा और श्रद्धालुओं को केवल वैकल्पिक खाली मार्ग ही दिखाई देंगे, ताकि वे सीधे निर्धारित पार्किंग तक पहुंच सकें।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा व्यवस्था पर खास ध्यान
उज्जैन एसपी प्रदीप शर्मा के अनुसार श्रद्धालुओं की सुरक्षा व्यवस्था के तहत 14 से 16 फरवरी तक करीब 1500 पुलिसकर्मी और अधिकारी तैनात रहेंगे। सभी प्रमुख मार्गों पर मंदिर का रास्ता बताने वाले संकेतक लगाए जा रहे हैं। साथ ही 200 सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जाएगी और ड्रोन से भी पूरे क्षेत्र पर नजर रखी जाएगी।
रिपोर्ट : विजेन्द्र यादव


