
इंदौर में दूषित पानी से 13 मौतों का दावा, मामला पहुंचा हाईकोर्ट; अधिकारियों को किस बात का शक?
देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में दूषित पानी पीने से लोगों की मौतों का मामला मध्य प्रदेश हाईकोर्ट तक पहुंच गया है। अदालत ने इंदौर नगर निगम को निर्देश दिया है। इस बीच अधिकारियों को एक बात का शक हो रहा है।
देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में दूषित पानी पीने से बीते 8 दिन में कई लोगों की मौत हो चुकी है जबकि बड़ी संख्या में लोग अस्पतालों में भर्ती हैं। स्थानीय लोगों का दावा है कि पिछले 8 दिन में 6 महीने के बच्चे समेत 13 लोगों ने दम तोड़ दिया है। हालांकि प्रशासन ने डायरिया से 4 लोगों की मौत होने की पुष्टि की है। मामला मध्य प्रदेश हाईकोर्ट तक पहुंच गया है। अदालत ने इंदौर नगर निगम को साफ पानी की सप्लाई करने का निर्देश दिया है। इस बीच अधिकारियों को पाइपलाइन में ड्रेनेज का गंदा पानी मिलने का शक है।
अधिकारियों को किस बात का शक?
अधिकारियों को शक है कि लीकेज के कारण पेयजल की पाइपलाइन में ड्रेनेज का गंदा पानी मिला जिसकी वजह से इंदौर के भागीरथपुरा में उल्टी-दस्त का प्रकोप फैला। हालांकि अब भी सेंपल जांच को भेजे गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि पाइपलाइन में लीकेज को ठीक करने के बाद भागीरथपुरा में घरों से पानी के सेंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। हालात पर पैनी नजर है। लोगों का कहना है कि सबसे पहले उल्टी और दस्त हो रही है। फिर हालत बिगड़ जा रही है।
200 मरीज अस्पतालों में भर्ती
स्थानीय लोगों ने पिछले आठ दिन में 6 महीने के बच्चे समेत 13 लोगों की मौतों का दावा किया है। हालांकि प्रशासन ने 4 लोगों की मौत होने की पुष्टि की है। इस बीच मध्य प्रदेश के अतिरिक्त मुख्य सचिव संजय दुबे ने स्थानीय अधिकारियों के साथ भागीरथपुरा क्षेत्र का दौरा करके हालात का जायजा लिया। भागीरथपुरा मध्य प्रदेश के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के विधानसभा क्षेत्र 'इंदौर-1' में आता है।
2 लाख की मदद का ऐलान, कमेटी करेगी जांच
न्यूज एजेंसी ANI की रिपोर्ट के मुताबिक, मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मृतकों के परिवारों के लिए 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने घटना के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आदेश दिया है। अब तक 2 अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया गया है। एक को बर्खास्त भी किया गया है। इस घटना की जांच के लिए 3 सदस्यीय समिति का गठन किया गया है।
पीड़ित परिवारों को दी जाएगी मदद
कैलाश विजयवर्गीय ने बताया कि भागीरथपुरा में 1,400 से 1,500 लोग प्रभावित हुए जिनमें से लगभग 200 मरीज अस्पतालों में भर्ती हैं। कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि मुझे अधिकारियों ने प्रकोप से 4 लोगों की मौत की जानकारी दी है। भागीरथपुरा के स्थानीय लोगों का कहना है कि आठ-नौ लोगों की मौत हुई है। हम इसकी पुष्टि करा रहे हैं। इसके सही पाए जाने पर संबंधित मृतकों के परिवारों के मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुसार सहायता राशि प्रदान की जाएगी।
मुफ्त होगा इलाज, दिया जाएगा खर्च
कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि अस्पताल में भर्ती मरीजों की हालत खतरे से बाहर है। स्वस्थ होने के बाद लोगों को अस्पताल से लगातार छुट्टी दी जा रही है। एक मरीज वेंटिलेटर सपोर्ट पर है लेकिन खतरे से बाहर है। पीड़ितों को मुफ्त इलाज की सुविधा दी जाएगी। यही नहीं पीड़ितों को पहले किए गए इलाज के खर्च की भरपाई की जाएगी।
गरमाई सियासत, अखिलेश का निशाना
घटना पर सियासत भी तेज हो गई है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि यह चौंकाने वाली बात है कि देश के सबसे स्वच्छ शहर के तौर पर बार-बार पेश किए जाने वाले इंदौर में ऐसी त्रासदी हुई है। इंदौर में पीने के पानी की स्थिति इतनी खराब है कि जिसने भी इसे पानी पिया उसकी मौत हो गई। कई लोग अब भी बीमार हैं।
हत्या का केस दर्ज करें- कांग्रेस
मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सवाल यह उठता है कि कुल 13 मौतों की खबरें हैं, लेकिन मुख्यमंत्री कह रहे हैं कि केवल 4 मौतें हुई हैं। क्या मौतों के आंकड़े छिपाना मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी है? हाल ही में कफ सिरप मामले में 25 बच्चों की मौत हुई। इंदौर के MY अस्पताल में बच्चों को चूहों के काटने की घटना हुई। अब दूषित पानी से मौतें हो रही हैं। पानी में मिलावट के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया जाना चाहिए।

हाईकोर्ट ने तलब की रिपोर्ट
लाइव लॉ की रिपोर्ट के मुताबिक, हाईकोर्ट ने इंदौर नगर निगम को निर्देश दिया है कि वह प्रभावित इलाकों में साफ और शुद्ध पीने का पानी मुहैया कराए। स्वच्छ पेयजल के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाने चाहिए। राज्य सरकार और निगम अगली सुनवाई की तारीख पर एक डिटेल्ड स्थित रिपोर्ट दाखिल करें। उन्हें यह बताना होगा कि घटना से कितने लोग प्रभावित हुए और कितने लोग अस्पतालों में भर्ती हैं। पीड़ितों को कौन सी मेडिकल सुविधाएं दी जा रही हैं।
(पीटीआई-भाषा, एएनआई के इनपुट के साथ)





