
मुझे साहब से मिलना है... कलेक्टर को नहीं पहचान पाया बुजुर्ग, अफसर भी मुस्कुरा गए; VIDEO
मध्यप्रदेश के दतिया में जनसुनवाई के दौरान एक बुजुर्ग कलेक्टर स्वप्निल वानखेड़े को पहचान नहीं पाया और सादगी से खड़े अधिकारी से बार-बार असली कलेक्टर से मिलने की ज़िद करता रहा, जिसका वीडियो वायरल हो गया है और लोग आईएएस अफसर की विनम्रता की तारीफ़ कर रहे हैं।
नहीं… मुझे कलेक्टर साहब से ही मिलना है। अरे मैं ही हूं साहब... ये बातचीत मध्यप्रदेश के दतिया के कलेक्ट्रर और एक बुजुर्ग के बीच हुई। दरअसल एक बुजुर्ग जनसुनवाई के दौरान अपनी अर्जी लेकर कलेक्टर के पास पहुंचा। बुजुर्ग जिले के कलेक्टर स्वप्निल वानखेड़े को नहीं पहचान पाया। वो बार-बार कलेक्टर से मिलने की जिद कर रहा था और वानखेड़े सादगी भरे अंदाज में उसे समझा रहे थे कि वही कलेक्टर हैं। सोशल मीडिया पर यह वीडियो वायरल हो रहा है। लोग आईएएस अफसर की सादगी की तारीफ कर रहे हैं।
मामला दतिया के जिला कलेक्ट्रेट ऑफिस का है। कलेक्ट्रेट में आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम के दौरान इंदरगढ़ क्षेत्र के एक बुजुर्ग अपनी पेंशन से जुड़ी समस्या लेकर पहुंचे। उनकी बारी आई तो वे सामने खड़े युवा अधिकारी से अपनी अर्जी सौंपने में हिचकिचाने लगे।
बुजुर्ग बार-बार यही कहते रहे, "मुझे कलेक्टर साहब से मिलना है, अंदर ले चलिए।" उन्हें यकीन ही नहीं हो रहा था कि साधारण स्वेटर पहने यह युवक खुद जिला कलेक्टर स्वप्निल वानखेड़े हैं। बुजुर्ग की इस मासूम जिद और सादगी भरी बातों को सुनकर कलेक्टर सहित वहां मौजूद सभी अधिकारी मुस्कुराए बिना नहीं रह सके।
आईएएस स्वप्निल वानखेड़े ने धैर्य और प्यार से बुजुर्ग को समझाया, "मैं ही कलेक्टर हूं, आपकी समस्या बताइए।" फिर बिना देर किए उन्होंने पेंशन की शिकायत सुनी और तुरंत संबंधित अधिकारियों को निराकरण के निर्देश दे दिए। यह पूरा वाकया वीडियो में कैद हो गया, जो अब लोगों के बीच प्रशासन की पहुंच और अधिकारी की विनम्रता का प्रतीक बन गया है।





