ट्विशा का दोबारा नहीं होगा पोस्टमॉर्टम, दहेज हत्या के आरोपों के बीच कोर्ट का बड़ा फैसला
ट्विशा केस में दोबारा पोस्टमार्टम कराने की अर्जी कोर्ट में खारिज हो गई है। नोएडा निवासी ट्विशा के परिजनों ने दहेज प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए एम्स दिल्ली में दोबारा पोस्टमार्टम कराने की मांग संबंधी अर्जी दायर की थी।

ट्विशा केस में दोबारा पोस्टमार्टम कराने की अर्जी कोर्ट में खारिज हो गई है। नोएडा निवासी ट्विशा के परिजनों ने दहेज प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए एम्स दिल्ली में दोबारा पोस्टमार्टम कराने की मांग संबंधी अर्जी दायर की थी। इस मामले में भोपाल के पुलिस आयुक्त संजय कुमार का बयान भी सामने आया था। उन्होंने बुधवार को कहा था कि ट्विशा शर्मा के दूसरे पोस्टमार्टम पर पुलिस को कोई आपत्ति नहीं है। अब इस पूरे मामले का ताजा अपडेट यह है कि ट्विशा के परिजनों की अर्जी खारिज हो गई है, क्योंकि भोपाल की अदालत ने दोबारा पोस्टमार्टम कराने की मांग नहीं मानी है।
दूसरे पोस्टमॉर्टम पर अदालत ने क्या कहा
ट्विशा पक्ष के एडवोकेट अंकुर पांडेय ने बताया, हमारे द्वारा दूसरे पोस्टमॉर्टम और बॉडी प्रिजर्व करने के लिए आवेदन दिया गया था। इस सिलसिले में माननीय न्यायालय द्वारा आदेश दिया गया है कि दूसरे पोस्टमॉर्टम के लिए बॉडी को दिल्ली एम्स नहीं भेज सकते हैं। लेकिन आंशिक तौर पर इसकी अनुमति दी है। इससे ये प्रतीत होता है कि न्यायालय भी ये चाहता है कि दूसरा पोस्टमॉर्टम हो। इस सिलसिले में पुलिस को निर्देशित किया गया है कि पूरे मध्य प्रदेश में जहां भी अच्छी हालत में शरीर को सुरक्षित रखा जा सकता है, उसे प्रिजर्व करके रखवाएं।
पुलिस ने शव ले जाने का भी किया था आग्रह
भोपाल के पुलिस आयुक्त संजय कुमार ने बताया, मृतका के परिजन मुझसे मिले और उन्होंने एक आवेदन दिया। मैंने उनसे कहा कि दूसरे पोस्टमार्टम पर पुलिस को कोई आपत्ति नहीं है। इधर भोपाल पुलिस ने बुधवार को 33 वर्षीय अभिनेत्री व मॉडल ट्विशा शर्मा के परिजनों से उसका शव लेने का अनुरोध किया था। पुलिस ने यह अनुरोध शव के खराब होने की आशंकाओं के मद्देनजर किया है। ट्विशा का पोस्टमॉर्टम 13 मई को राजधानी भोपाल स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में हुआ था और तभी से उसका शव वहां के मुर्दाघर में रखा हुआ है।
परिवार ने लगाए थे दहेज हत्या के आरोप
ट्विशा शर्मा 12 मई की रात भोपाल के कटारा हिल्स इलाके में स्थित अपने ससुराल में मृत पाई गई थीं। पुलिस ने मामला दर्ज कर उनके पति एवं अधिवक्ता समर्थ सिंह, और सास तथा सेवानिवृत्त न्यायाधीश गिरीबाला सिंह के खिलाफ दहेज हत्या और उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं। पुलिस ने यह भी बताया है कि फरार पति की गिरफ्तारी या उसकी जानकारी देने पर दस हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है।
लेखक के बारे में
Ratan Guptaरतन गुप्ता एक डिजिटल हिंदी जर्नलिस्ट/ कॉन्टेंट प्रोड्यूसर हैं। वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान की स्टेट न्यूज टीम के साथ काम कर रहे हैं। वह क्राइम, राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर न्यूज आर्टिकल और एक्सप्लेनर स्टोरीज लिखते हैं।
रतन गुप्ता वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में कंटेंट प्रोड्यूसर के तौर पर स्टेट न्यूज टीम में काम करते हैं। इस टीम में हिंदी पट्टी के 8 राज्यों दिल्ली-एनसीआर, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, गुजरात से जुड़ी खबरों की कवरेज करते हैं। उनका लेखन खास तौर से क्राइम, राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर केंद्रित रहता है।
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रतन गुप्ता ने बायोलॉजी में ग्रेजुएशन किया है, जिसके बाद उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान, नई दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता की पढ़ाई की है। साइंस बैकग्राउंड होने के कारण उनकी न्यूज और एनालिसिस स्टोरी में साइंटिफिक टेंपरामेंट, लॉजिकल अप्रोच और फैक्ट-बेस्ड सोच साफ दिखाई देती है। वह किसी भी मुद्दे पर रिपोर्टिंग करते समय दोनों पक्षों की बात, मौजूद तथ्यों और आधिकारिक स्रोतों को प्राथमिकता देते हैं, ताकि यूजर तक संतुलित और भरोसेमंद जानकारी पहुंचे।
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