छिंदवाड़ा में गर्भवती को 8 किमी डोली में ले गए ग्रामीण, गर्भ में बच्चे की मौत

लाइव हिन्दुस्तान, छिंदवाड़ा
Follow us on Google News
share

मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के जुन्नारदेव ब्लॉक में सड़क नहीं होने के कारण गर्भवती महिला को प्रसव पीड़ा के दौरान ग्रामीणों ने करीब 8 किलोमीटर तक डोली में ले जाकर सड़क तक पहुंचाया।

छिंदवाड़ा में गर्भवती को 8 किमी डोली में ले गए ग्रामीण, गर्भ में बच्चे की मौत
छिंदवाड़ा में गर्भवती को 8 किमी डोली में ले गए ग्रामीण, गर्भ में बच्चे की मौत

मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में सड़क की सुविधा नहीं होने का दर्दनाक मामला सामने आया है। जुन्नारदेव ब्लॉक के एक गांव में प्रसव पीड़ा शुरू होने के बाद गर्भवती महिला को ग्रामीणों ने करीब 8 किलोमीटर तक डोली में बैठाकर सड़क तक पहुंचाया। इसके बाद 108 एंबुलेंस से उसे स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। डॉक्टरों ने जांच के बाद गर्भस्थ शिशु की मौत की पुष्टि की। महिला की हालत गंभीर होने के कारण उसे ICU में भर्ती किया गया है।

जानकारी के मुताबिक, जुन्नारदेव ब्लॉक के कुस्तरिया इलाके में गुरुवार सुबह एक गर्भवती महिला को अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हुई। परिजनों और ग्रामीणों ने एंबुलेंस को सूचना दी, लेकिन गांव तक पक्की सड़क नहीं होने के कारण 108 एंबुलेंस मौके तक नहीं पहुंच सकी।

इसके बाद सरपंच, परिजनों और ग्रामीणों ने लकड़ी और कपड़े की मदद से डोली तैयार की। महिला को डोली में बैठाकर ग्रामीण पैदल ही गांव से बाहर निकले। करीब 8 किलोमीटर का दुर्गम रास्ता तय करने के बाद उसे गोप गांव तक पहुंचाया गया। यहां से 108 एंबुलेंस की मदद से महिला को दमुआ स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया।

महिला की हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। परिजनों के अनुसार, अस्पताल पहुंचने से पहले महिला को काफी दूरी तक खराब और दुर्गम रास्ते से डोली के सहारे ले जाना पड़ा। जिला अस्पताल में जांच के बाद डॉक्टरों ने गर्भ में पल रहे बच्चे की मौत की पुष्टि की। महिला को गंभीर हालत में ICU में भर्ती कर उसका इलाज किया जा रहा है।

2016 से सड़क की मांग, अब तक नहीं बनी

ग्रामीणों का कहना है कि आजादी के कई दशक बाद भी उनके टोले तक पक्की सड़क जैसी बुनियादी सुविधा नहीं पहुंची है। ग्रामीणों के मुताबिक, 2016 से सड़क निर्माण के लिए प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के सामने प्रस्ताव रखे जा रहे हैं, लेकिन अब तक सड़क का निर्माण नहीं हो सका।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि सड़क नहीं होने के कारण किसी के बीमार पड़ने या अन्य आपात स्थिति में अस्पताल तक पहुंचना बेहद मुश्किल हो जाता है। ग्रामीणों ने दावा किया कि पहले भी गर्भवती महिलाओं को समय पर स्वास्थ्य सुविधा नहीं मिलने के कारण जान गंवानी पड़ी है।

बारिश में और बढ़ जाती है परेशानी

ग्रामीणों के मुताबिक, बारिश के मौसम में कच्चे रास्ते की स्थिति और खराब हो जाती है। रास्ते में पानी भर जाने के कारण आवाजाही मुश्किल हो जाती है। कई बार ग्रामीणों को अपनी गाड़ियों को भी उठाकर या किसी तरह रास्ते से निकालना पड़ता है।

ग्रामीणों ने प्रशासन से टोले तक जल्द से जल्द पक्की सड़क बनाने और आपात स्थिति में एंबुलेंस की पहुंच सुनिश्चित करने की मांग की है। उनका कहना है कि सड़क बनने से गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और गंभीर मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाया जा सकेगा और ऐसी घटनाओं से बचने में मदद मिलेगी।

Ratan Gupta

लेखक के बारे में

Ratan Gupta

रतन गुप्ता एक डिजिटल हिंदी जर्नलिस्ट/ कॉन्टेंट प्रोड्यूसर हैं। वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान की स्टेट न्यूज टीम के साथ काम कर रहे हैं। वह क्राइम, राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर न्यूज आर्टिकल और एक्सप्लेनर स्टोरीज लिखते हैं।


रतन गुप्ता वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में कंटेंट प्रोड्यूसर के तौर पर स्टेट न्यूज टीम में काम करते हैं। इस टीम में हिंदी पट्टी के 8 राज्यों दिल्ली-एनसीआर, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, गुजरात से जुड़ी खबरों की कवरेज करते हैं। उनका लेखन खास तौर से क्राइम, राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर केंद्रित रहता है।


लाइव हिंदुस्तान में बीते 2 साल से काम करते हुए रतन ने ब्रेकिंग न्यूज, राजनीतिक घटनाक्रम और कानून-व्यवस्था से जुड़ी खबरों पर लगातार लेखन किया है। इसके साथ ही वह एक्सप्लेनर स्टोरीज लिखने में भी विशेष रुचि रखते हैं, जहां जटिल मुद्दों को सरल और तथ्यपरक भाषा में पाठकों के सामने रखते हैं।


रतन गुप्ता ने बायोलॉजी में ग्रेजुएशन किया है, जिसके बाद उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान, नई दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता की पढ़ाई की है। साइंस बैकग्राउंड होने के कारण उनकी न्यूज और एनालिसिस स्टोरी में साइंटिफिक टेंपरामेंट, लॉजिकल अप्रोच और फैक्ट-बेस्ड सोच साफ दिखाई देती है। वह किसी भी मुद्दे पर रिपोर्टिंग करते समय दोनों पक्षों की बात, मौजूद तथ्यों और आधिकारिक स्रोतों को प्राथमिकता देते हैं, ताकि यूजर तक संतुलित और भरोसेमंद जानकारी पहुंचे।


इसके साथ ही आईआईएमसी की एकेडमिक पढ़ाई ने उन्हें रिपोर्टिंग, न्यूज प्रोडक्शन, मीडिया एथिक्स और पब्लिक अफेयर्स की गहरी समझ दी है। इसका सीधा असर उनके लेखन की विश्वसनीयता और संतुलन में दिखाई देता है।

और पढ़ें
लेटेस्ट Hindi News, Bhopal News, Indore News, Jabalpur News, Gwalior News, Ujjain News के साथ-साथ MP Board Result 2026 Live और MP News अपडेट हिंदी में पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।
Hindi Newsमध्य प्रदेश न्यूज़छिंदवाड़ा में गर्भवती को 8 किमी डोली में ले गए ग्रामीण, गर्भ में बच्चे की मौत