एंबुलेंस नहीं मिली तो लोडर में पिता को लेकर दौड़ा बेटा, मौत; कांग्रेस बोली- जनता मरे तो मरे, नेताओं की मौज

Feb 28, 2026 05:03 pm ISTMohit लाइव हिन्दुस्तान, छतरपुर
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बताया जा रहा है कि पिता और बेटे छतरपुर की ओर जा रहे थे मगर बरकोंहा ग्राम के पास पिता को अचानक सीने में दर्द महसूस होने लगी और सांस लेने में भी तकलीफ हुई। तालगांव निवासी राजनगर बाईपास के पास ही गिर पड़े थे।

एंबुलेंस नहीं मिली तो लोडर में पिता को लेकर दौड़ा बेटा, मौत; कांग्रेस बोली- जनता मरे तो मरे, नेताओं की मौज

मध्य प्रदेश एक बेटे ने अपने बुजुर्ग पिता की जान बचाने के लिए एंबुलेंस न मिलने पर लोडर वाहन का सहारा लिया मगर रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। मृतक का नाम जगदीश विश्वकर्मा है और उनकी उम्र 65 वर्ष थी। बताया जा रहा है कि पिता को हार्ट अटैक आया था और बेटे ने जब एंबुलेंस को कॉल की तो वह मौके पर नहीं पहुंची। आनन-फानन में बेटा पिता को लोडर में ले जाने लगा।

इस दौरान जाम में फंसने से पिता ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। जब बेटा पिता को लोडर में ले जा रहा था तो किसी ने इसका वीडियो बना लिया जो कि अब सोशल मीडिया पर वायरल है। वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि बेटा पिता की जान बचाने के लिए उन्हें सीपीआर देते हुए भी नजर आ रहा है। बेटे को न तो एंबुलेंस नसीब हुई और न ही खुला रास्ता, अंत में मिली तो सिर्फ निराशा।

छतरपुर की ओर जा रहे थे दोनों

बताया जा रहा है कि पिता और बेटे छतरपुर की ओर जा रहे थे मगर बरकोंहा ग्राम के पास पिता को अचानक सीने में दर्द महसूस होने लगा और सांस लेने में भी तकलीफ हुई। तालगांव निवासी जगदीश राजनगर बाईपास के पास ही गिर पड़े थे। इसके बाद बेटे ने पिता की बिगड़ी हालात देख एंबुलेंस को कॉल किया मगर एंबुलेंस मौके पर नहीं पहुंची। मजबूरी में बेटे को लोडर वाहन की मदद लेनी पड़ी। बताया जा रहा है कि दोनों बाइक पर सवार थे।

कांग्रेस ने मोहन सरकार को घेरा

वहीं वीडियो वायरल होने के बाद कांग्रेस ने मोहन यादव सरकार पर सवार खड़े किए हैं। कांग्रेस ने वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर कर लिखा 'मध्य प्रदेश में जगदीश विश्वकर्मा को हार्ट अटैक आया। बेटे संतोष ने एंबुलेंस के लिए कॉल की, लेकिन एंबुलेंस नहीं आई। आखिर में संतोष ने पिता को अस्पताल ले जाने के लिए एक लोडर में लिटाया और रास्ते भर CPR देते रहे, लेकिन जाम लगने से जगदीश की जान चली गई।'डबल इंजन' में स्वास्थ्य व्यवस्था का यही असल सच है। बीजेपी सरकारों में सिर्फ उनके नेताओं-मंत्रियों की मौज है, जनता मरे तो मरे।'

पोस्टमार्टम से किया इनकार

पिता की मौत के बाद बेटे का कहना है कि अगर एंबुलेंस समय पर मिल जाती तो पिता की जान बचाई जा सकती थी। पिता की मौत के बाद परिजनों ने पोस्टमार्टम करने से इनकार कर दिया। जगदीश की मौत के बाद परिवार में मातम छाया हुआ है।

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