MP के धार में बड़ा बवाल; सर्वे करने पहुंची टीम पर पथराव, जान बचाकर भागे अफसर और पुलिस

Feb 19, 2026 12:30 pm ISTGaurav Kala लाइव हिन्दुस्तान, धार
share Share
Follow Us on

एमपी के धार जिले में बड़ा बवाल हो गया। चूना पत्थर खदान में सर्वे करने पहुंची टीम पर ग्रामीण भड़क गए। तहसीलदार की गाड़ी को पलटाने की कोशिश की। जमकर पथराव किया। पुलिस और अफसर जान बचाकर भागे।

MP के धार में बड़ा बवाल; सर्वे करने पहुंची टीम पर पथराव, जान बचाकर भागे अफसर और पुलिस

मध्य प्रदेश के धार जिले में प्रशासन और ग्रामीणों के बीच जमकर बवाल हो गया। यहां चूना पत्थर खदान में सर्वे के लिए पहुंची प्रशासनिक टीम को ग्रामीणों के आक्रोश का सामना करना पड़ा। खनन के विरोध में जुटे ग्रामीणों ने कंपनी के वाहनों में तोड़फोड़ की और मौके पर थानों की पुलिस व अफसरों पर पथराव कर दिया ओर इस दौरान तहसीलदार की गाड़ी पलटाने की कोशिश की, पत्थरबाजी में पुलिस और प्रशासन के कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गए हैं। पूरी घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए है। स्थिति तनावपूर्ण होने पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को जान बचाकर भागना पड़ा है।

प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि चूना खदान और सीमेंट फैक्ट्री खुलने से उनकी जमीन बंजर हो जाएगी, विस्थापन का खतरा बढ़ जाएगा। घटना के बाद जयस के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष रविराज भी मौके पर पहुंचे। कहा कि जल, जंगल और जमीन की कानूनी दायरे में रहकर लड़ाई लड़ेंगे।

सर्वे शुरू होते ही भड़के ग्रामीण

धार जिले के कुक्षी क्षेत्र के ग्राम खेड़ली गांव में बुधवार को दोपहर में प्रशासनिक अमला नौ थानों के पुलिस बल के साथ गांव पहुंचा था। इस दौरान सीमेंट कंपनी को शासन से मिली माइनिंग की अनुमति और टेस्टिंग के तहत ड्रिलिंग की जा रही थी। चूना पत्थर सर्वे के लिए ड्रिलिंग शुरू होते ही ग्रामीण एकत्र हो गए ओर विरोध करने लगे।

जैसे ही खेतों में ड्रिलिंग मशीन खड़ी की गई, ग्रामीणों ने सड़क पर बैठकर पुलिस और प्रशासनिक काफिले को रोक दिया, धीरे-धीरे स्थिति तनावपूर्ण होती गई,बड़ी संख्या में तैनात फोर्स की मौजूदगी के बावजूद ग्रामीणों का आक्रोश कम नहीं हुआ। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ा कि भीड़ ने अधिकारियों की गाड़ियों और मशीनों पर पथराव शुरू कर दिया, जिससे अफरा-तफरी मच गई। हालात बिगड़ते देख प्रशासनिक टीम को बिना सर्वे किए वापस लौटना पड़ा।घटना के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है।

ग्रामीणों के आरोप

ग्रामीणों का कहना है कि वे लंबे समय से प्रस्तावित चूना फैक्ट्री और खनन कार्य का विरोध कर रहे हैं। इनके पहले कुक्षी के विजय स्तंभ चौराहा पर पहले भी चक्का जाम किया था। इसके बाद प्रशासन ने अस्थायी रूप से ड्रिलिंग कार्य स्थगित कर दिया था। उस समय कलेक्टर प्रियंका मिश्रा ने ग्राम मोगरा पहुंचकर ग्रामीणों से बातचीत की थी।उस दौरान कलेक्टर ने आश्वासन दिया था कि जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों की सहमति के बिना कोई कार्य नहीं किया जाएगा। लेकिन उनकी सहमति के बिना ही खनन प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। इससे क्षेत्र की खेती, पर्यावरण और जल स्रोतों पर इसका असर पड़ेगा।

पहले भी ग्रामीण कर चुके विरोध

प्रदर्शनकारियों ने बताया कि खनिज विभाग ने 11 मार्च 2025 से राजस्थान की श्री सीमेंट कंपनी को कुक्षी क्षेत्र के बामनबयड़ी गांव में 913 हेक्टेयर, ग्राम टकारी, तलावड़ी और घोड़ा में 815 हेक्टेयर भूमि चूना पत्थर खदान के लिए तीन साल की लीज पर दी है। इससे पहले भी कंपनी की ड्रिलिंग का ग्रामीणों ने विरोध किया था। खनन के बाद यहां सीमेंट फैक्ट्री स्थापित की जाएगी। सीमेंट फैक्ट्री की वजह से कृषि भूमि प्रभावित होगी। आसपास के लोगों को विस्थापन का खतरा बढ़ेगा। इसी वजह से कुक्षी, बाग और जोबट ब्लॉक के कई गांवों के लोग चूना खदान का विरोध कर रहे हैं।

जयस के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष रविराज बघेल ने कहा कि कलेक्टर प्रियंका मिश्रा ने आश्वासन के बाद भी ग्रामीणों की बिना सहमति के ड्रिलिंग के लिए टीम को भेजा। पुलिस बल का इस्तेमाल करके ड्रिलिंग की कोशिश क्यों की गई? जल, जंगल और जमीन की यह लड़ाई कानूनी दायरे में रहकर लड़ेंगे और जीतेंगे।

एसडीएम प्रमोद गुर्जर ने बताया कि आक्रोशित भीड़ ने अधिकारियों की गाड़ियों और मशीनों पर पथराव शुरू कर दिया, हालात बेकाबू हो गए, घटना में कई वाहनों के कांच फूट गए, टैंकर-ट्रॉली पलटने के बाद पुलिस पर पत्थर बरसे। स्थिति के और बिगड़ने की आशंका को देखते हुए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने संयम बरतते हुए पीछे हटने का फैसला किया, काफी समझाइश के बाद हालात नियंत्रित हुए हैं और फिलहाल ड्रिलिंग कार्य रोक दिया गया है। कई घंटे चली गहमागहमी के बाद पूरी टीम को बिना सर्वे किए वापस लौटना पड़ा।

रिपोर्ट- विजेन्द्र यादव

Gaurav Kala

लेखक के बारे में

Gaurav Kala

गौरव काला: वरिष्ठ पत्रकार और स्टेट टीम सदस्य

संक्षिप्त विवरण: गौरव काला पिछले 15 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्टेट टीम का हिस्सा हैं। वह विशेष रूप से हिमालयी राज्य उत्तराखंड के अलावा, दिल्ली-एनसीआर, मध्यप्रदेश, झारखंड समेत कई हिंदी बेल्ट के राज्यों की खबरें कवर कर रहे हैं।


विस्तृत बायो

परिचय और अनुभव: गौरव काला का भारतीय डिजिटल मीडिया जगत में एक दशक से अधिक का अनुभव है। वह वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वर्तमान में, वह 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्टेट टीम सेक्शन का हिस्सा हैं। पिछले पांच वर्षों से वह पहले होम टीम का हिस्सा रहे और अब बड़ी बखूबी से स्टेट टीम में अपनी जिम्मेदारी को निभा रहे हैं। उन्हें डिजिटल पाठकों की पसंद और बदलती प्रवृत्तियों (Trends) को समझने में विशिष्ट महारत हासिल है। गौरव का करियर प्रिंट मीडिया से शुरू होकर टीवी जगत और डिजिटल मीडिया तक फैला हुआ है। यही वजह है कि उनकी खबरों में गहराई और सटीकता की झलक दिखती है।


शैक्षणिक पृष्ठभूमि और रिपोर्टिंग: गौरव मॉस कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट हैं और यही उनकी सबसे बड़ी विशेषता है। पहले बी. ए. इन मॉस कम्यूनिकेशन और फिर आधुनिक पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन होने के कारण उनके पास खबरों की ठोस समझ है। 2011 में दैनिक जनवाणी अखबार में क्राइम रिपोर्टिंग से पत्रकारिता शुरू करने के बाद उन्होंने ईटीवी भारत में बतौर एंकर और स्क्रिप्ट राइटर पर तौर पर काम किया। 2015 में डिजिटल पत्रकारिता में एंट्री लेते हुए अमर उजाला और दैनिक जागरण जैसे संस्थानों में काम किया। इस दौरान उन्होंने न सिर्फ राष्ट्रीय बल्कि अंतरराष्ट्रीय खबरों को भी कवर किया, बल्कि आकर्षक लेखनी से पाठकों के बीच लोकप्रियता बनाई।


सितंबर 2021 में गौरव लाइव हिन्दुस्तान की नेशनल टीम के साथ जुड़े। तब से वह न सिर्फ राष्ट्रीय बल्कि अंतरराष्ट्रीय, वायरल समाचार और मौसम संबंधी खबरों पर विशेष ध्यान दे रहे हैं, बल्कि राजनीतिक, रिसर्च बेस स्टोरीज भी कवर कर रहे हैं। अपनी मजबूत लेखनी के दम पर वह खबरों को आकर्षक नए कलेवर के साथ आम जनता तक पहुंचा रहे हैं।


डिजिटल ट्रेंड्स के साथ रिपोर्टिंग: डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बदलते ट्रेंड्स को समझना गौरव की बड़ी ताकत है। वायरल खबरों, सोशल मीडिया ट्रेंड्स और इंटरनेट कल्चर से जुड़े विषयों को वह तथ्यात्मक जांच और संतुलित प्रस्तुति के साथ सामने रखते हैं। उनकी यही क्षमता उन्हें क्लिक-बेस्ड नहीं, बल्कि कंटेंट-बेस्ड पत्रकार बनाती है। इसके अलावा वह राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय राजनीति से जुड़े मुद्दों को तथ्यात्मक गहराई और संतुलित दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत करते हैं।


पत्रकारिता का उद्देश्य: गौरव के लिए पत्रकारिता केवल खबर देने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी है। उनका मानना है कि पत्रकारिता का मूल उद्देश्य सत्य और जनहित को प्राथमिकता देते हुए पाठकों तक सही जानकारी पहुंचाना है। वह अपनी लेखनी से सत्ता, समाज और आम जनता के बीच एक मजबूत और भरोसेमंद सेतु बनाने में विश्वास रखते हैं।


विशेषज्ञता (Areas of Expertise):

राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय समाचार
वायरल और ट्रेंडिंग कंटेंट
राजनीतिक और रिसर्च-आधारित स्टोरीज
हेडलाइन और न्यूज़ प्रेजेंटेशन

और पढ़ें
लेटेस्ट एजुकेशन न्यूज़ , CBSE Board Result, MP Board 10th result, MP Board 12th result अपडेट हिंदी में हिंदुस्तान पर|