
MP में किसानों शून्य ब्याज पर ऋण, 810 नए पदों का सृजन, 5 अस्पतालों को सौगात; कैबिनेट बैठक में इतने फैसले
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि जिला अस्पतालों में बिस्तरों की संख्या बढ़ाने के बाद लगभग 810 नए पद सृजित होंगे, जिनमें से 543 पद नियमित होंगे, संविदा के चार पद रहेंगे और आउटसोर्सिंग के 263 पदों का सृजन होगा।
मध्य प्रदेश में गुरुवार को मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक संपन्न हुई, जिसमें कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में सरकार ने इस साल भी किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज पर लोन देने का फैसला लिया। इसके अलावा प्रदेश के पांच जिलों के सरकारी अस्पतालों में बिस्तरों की कुल संख्या 1000 से बढ़ाकर 1800 करने का निर्णय भी लिया गया। कैबिनेट बैठक में सागर जिले के मालथौन में एक सिविल जज न्यायालय की स्थापना को भी मंजूरी दी गई।

बैठक में लिए गए निर्णयों की जानकारी देते हुए राज्य के उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने बताया कि राज्य मंत्रिमंडल ने किसानों को सरकारी बैंकों के माध्यम से शून्य प्रतिशत ब्याज पर ऋण देने की योजना को इस वित्तीय वर्ष (2025-26) में भी जारी रखने का फैसला लिया है। उन्होंने बताया कि इस योजना के अंतर्गत किसानों को 3 लाख रुपए तक का ऋण शून्य प्रतिशत ब्याज पर दिया जाता है और वर्तमान वर्ष में इस योजना के अंतर्गत 23 हजार करोड़ रुपए का ऋण वितरण का लक्ष्य रखा गया है।
इसके अलावा इस बैठक में प्रदेश के पांच जिलों टीकमगढ़, नीमच, सिंगरौली, श्योपुर और डिंडौरी के जिला अस्पतालों में मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए बेड की संख्या 1000 से बढ़ाकर 1800 करने का निर्णय लिया गया है। इस दौरान टीकमगढ़ के जिला अस्पताल में बेड संख्या को 300 से बढ़ाकर 500, नीमच और सिंगरौली जिला अस्पताल में 200 की बेड संख्या को बढ़ाकर 400, श्योपुर जिला चिकित्सालय में 200 से बढ़ाकर 300 बिस्तर और डिंडौरी जिला अस्पताल में बेड संख्या को 100 से बढ़ाकर 200 किया जाएगा।
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि नए फैसले के बाद सभी जिला अस्पतालों में लगभग 810 नए पद सृजित होंगे, जिनमें से 543 पद नियमित होंगे, संविदा के चार पद रहेंगे जबकि आउटसोर्सिंग के 263 पदों का सृजन होगा। उन्होंने कहा कि इस बदलाव के लिए सरकार वार्षिक रूप से अनुमानित 39 करोड़ 50 लाख रुपए वहन करेगी।
कैबिनिट की बैठक में हुए एक अन्य महत्वपूर्ण निर्णय की जानकारी देते हुए उपमुख्यमंत्री ने बताया कि सागर जिले के मालथौन में एक सिविल जज न्यायालय की स्थापना को स्वीकृति दी गई है। जिसके चलते वहां कुल 7 नवीन पदों का सृजन होगा। उन्होंने बताया कि लंबे समय से मालथौन में न्यायालय के एक नए खंड की स्थापना की मांग की जा रही थी।





