तेरी हर डिटेल मेरे पास है, 10 करोड़ पहुंचा दे वर्ना...; MP के कारोबारी को लॉरेंस बिश्नोई के नाम पर धमकी
मध्य प्रदेश के एक कारोबारी को लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर धमकी देने का मामला सामने आया है। कारोबारी से 2 दिन के भीतर 10 करोड़ रुपए देने को कहा गया है। धमकी देने वाले ने कहा कि हमने एक बार जिसे फोन कर दिया उसे बगैर पैसे लिए नहीं छोड़ा। उसे मारा है या पैसे लिए हैं। तेरी हर डिटेल मेरे पास है।

मध्य प्रदेश के एक कारोबारी को लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर धमकी देने का मामला सामने आया है। कारोबारी से 2 दिन के भीतर 10 करोड़ रुपए देने को कहा गया है। धमकी देने वाले ने कहा कि हमने एक बार जिसे फोन कर दिया उसे बगैर पैसे लिए नहीं छोड़ा। उसे मारा है या पैसे लिए हैं। तेरी हर एक डिटेल मेरे पास है।
मध्य प्रदेश के अशोकनगर जिले के बिल्डर और कारोबारी अंकित अग्रवाल को लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर धमकी मिली है। अंकित से 10 करोड़ रुपए की रंगदारी मांगी गई है। धमकाने वाले व्यक्ति ने खुद को गैंग का सदस्य 'हरि बॉक्सर' बताया।
व्हाट्सएप वॉयस नोट के जरिए उसने कहा कि हमने एक बार जिसे फोन कर दिया उसे बगैर पैसे लिए नहीं छोड़ा। उसे मारा है या पैसे लिए हैं। तेरी हर एक डिटेल मेरे पास है। कोई गलतफहमी मत पालना। पीड़ित की शिकायत के बाद पुलिस और साइबर सेल ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
गूगल पर नाम सर्च कर लो, सब पता चल जाएगा
कारोबारी अंकित अग्रवाल के मुताबिक उन्हें तीन अलग अलग इंटरनेशनल नंबरों से व्हाट्सएप कॉल और मैसेज मिले। फोन नहीं उठाने पर वॉयस नोट भेजे गए। कॉल करने वाला लगातार संपर्क करने की कोशिश कर रहा था। कॉलर ने खुद को लॉरेंस बिश्नोई गैंग का सदस्य बताते हुए अपना नाम ‘हरि बॉक्सर’ बताया। उसने कहा कि गूगल पर नाम सर्च कर लो, सब पता चल जाएगा। धमकी देने वाले ने सीधे 10 करोड़ रुपए देने की मांग रखी। उसने कहा कि यह रकम दो दिन के अंदर पहुंच जानी चाहिए।
तेरी गलतफहमी निकाल देंगे
धमकाने वाले वॉट्सएप पर दो मिनट का वॉयस नोट छोड़ा। इसमें उसने अंकित अग्रवाल को धमकाते हुए 10 करोड़ रुपए की मांग की। नहीं देने पर जान से मारने की धमकी दी। पढ़िए उसने क्या कुछ कहा-वॉयस नोट में कहा अंकित अग्रवाल है… मैं हरि बॉक्सर बोल रहा हूं लॉरेंस बिश्नोई गैंग से। फोन उठा कर बात कर ले… ठीक है… नहीं तो तेरी जो गलतफहमी हो रही है न दिमाग में फोन ना उठाने की तो तेरी गलतफहमी निकाल देंगे।
तेरी हर एक चीज की मेरे पास डिटेल है
तेरी हर एक चीज की मेरे पास डिटेल है। मेसी ट्रैक्टर की एजेंसी है, बंसल कैपिटल ग्रुप के नाम से, घर स्टेशन रोड पर है तेरे पास तीन गाड़ियां हैं फॉर्च्यूनर, बीआईडी और थार। साथ ही एक तो रॉयल ग्रीन के नाम से कॉलोनी काट रहा है। मेन सिटी में पेट्रोल पंप भी है। परिवार के सभी लोगों का पता है। पत्नी मां-बाप, तू कब घर से बाहर जाता है और परिवार के लोग कब घर से बाहर जाते हैं। कहां आते-जाते है और कौन सी गाड़ी से जाते है। यहां तक की घर की लोकेशन पता होने के साथ घर की फोटो भी है।
बाद में 20 करोड़ लेंगे
बॉक्सर ने आगे कहा अभी 10 करोड़ चाहिए, बाद में 20 करोड़ लेंगे। नहीं तो फिर तेरे को मारेंगे और हमने जिसको फोन कर दिया उसे पैसे लिए बगैर छोड़ा नहीं है। अब आगे तेरी मर्जी है। तुझे नुकसान चाहिए या फायदा। धमकी मिलने के बाद अंकित अग्रवाल ने पूरे मामले की लिखित शिकायत पुलिस थाने में दी। आवेदन में उन्होंने कॉल आने वाले तीनों नंबरों का जिक्र किया है। पुलिस ने शिकायत मिलते ही साइबर सेल की मदद ली है। कॉल करने और वालों की लोकेशन और इस्तेमाल किए गए नेटवर्क का पता लगाया जा रहा है।
एएसपी गजेंद्र सिंह कंवर ने बताया कि शुरुआती जांच में यह संभावना सामने आ रही है कि किसी ने लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर डर पैदा करने और वसूली की कोशिश की हो। पुलिस अब तकनीकी साक्ष्य जुटाने में लगी है। कॉल डिटेल, इंटरनेट रूट और डिजिटल ट्रेल के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।
लेखक के बारे में
Subodh Kumar Mishraसुबोध कुमार मिश्रा पिछले 19 साल से हिंदी पत्रकारिता में योगदान दे रहे हैं। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' में स्टेट डेस्क पर बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। दूरदर्शन के 'डीडी न्यूज' से इंटर्नशिप करने वाले सुबोध ने पत्रकारिता की विधिवत शुरुआत 2007 में दैनिक जागरण अखबार से की। दैनिक जागरण के जम्मू एडीशन में बतौर ट्रेनी प्रवेश किया और सब एडिटर तक का पांच साल का सफर पूरा किया। इस दौरान जम्मू-कश्मीर को बहुत ही करीब से देखने और समझने का मौका मिला। दैनिक जागरण से आगे के सफर में कई अखबारों में काम किया। इनमें दिल्ली-एनसीआर से प्रकाशित होने वाली नेशनल दुनिया, नवोदय टाइम्स (पंजाब केसरी ग्रुप), अमर उजाला और हिन्दुस्तान जैसे हिंदी अखबार शामिल हैं। अखबारों के इस लंबे सफर में खबरों को पेश करने के तरीकों से पड़ने वाले प्रभावों को काफी बारीकी से समझने का मौका मिला।
ज्यादातर नेशनल और स्टेट डेस्क पर काम करने का अवसर मिलने के कारण राजनीतिक और सामाजिक विषयों से जुड़ी खबरों में दिलचस्पी बढ़ती गई। कई लोकसभा और विधानसभा चुनावों की खबरों की पैकेजिंग टीम का हिस्सा रहने के कारण भारतीय राजनीति के गुणा-भाग को समझने का मौका मिला।
शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो सुबोध ने बीएससी (ऑनर्स) तक की अकादमिक शिक्षा हासिल की है। साइंस स्ट्रीम से पढ़ने के कारण उनके पास चीजों को मिथ्यों से परे वैज्ञानिक तरीके से देखने की समझ है। समाज से जुड़ी खबरों को वैज्ञानिक कसौटियों पर जांचने-परखने की क्षमता है। उन्होंने मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा किया है। इससे उन्हें खबरों के महत्व, खबरों के एथिक्स, खबरों की विश्वसनीयता और पठनीयता आदि को और करीब से सीखने और लिखने की कला में निखार आया। सुबोध का मानना है कि खबरें हमेशा प्रमाणिकता की कसौटी पर कसा होना चाहिए। सुनी सुनाई और कल्पना पर आधारित खबरें काफी घातक साबित हो सकती हैं, इसलिए खबरें तथ्यात्मक रूप से सही होनी चाहिए। खबरों के चयन में क्रॉस चेकिंग को सबसे महत्वपूर्ण कारक मानने वाले सुबोध का काम न सिर्फ पाठकों को केवल सूचना देने भर का है बल्कि उन्हें सही, सुरक्षित और ठोस जानकारी उपलब्ध कराना भी है।


