इंदौर में 100 करोड़ की जमीन कब्जामुक्त, 2 एकड़ में चला प्रशासन का बुलडोजर; क्या थी वजह
मध्य प्रदेश के इंदौर में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। प्रशासन ने इंदौर में कान्ह नदी के किनारे करीब 95 अवैध निर्माण पर कार्रवाई करते हुए उन्हें जमींदोज कर दिया है। अधिकारियों ने अतिक्रमणमुक्त करवाई गई जमीन की कीमत करीब 100 करोड़ बताई है।

मध्य प्रदेश के इंदौर में लगातार बुलडोजर ऐक्शन जारी है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के आदेश पर कान्ह नदी के किनारे करीब 100 करोड़ रुपए की जमीन कब्जामुक्त करवाई गई है। इस दौरान अतिक्रमण हटाने का विरोध करने और उसमें बाधा डालने का आरोप में कई लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इस दौरान पुलिसकर्मियों के साथ हाथापाई भी हुई है। इस दौरान प्रशासन ने करीब 95 अवैध निर्माण को ढहाकर जमींदोज कर दिया है।
क्या-क्या तोड़ा गया
अतिक्रमणरोधी अभियान को लेकर जानकारी देते हुए अधिकारियों ने बताया कि कान्ह नदी के किनारे अवैध रूप से बनी दुकानों और 50 से ज्यादा फैक्ट्रियों पर ऐक्शन लिया गया है। इस दौरान इन सभी फैक्ट्रियों और दुकानों पर बुलडोजर कार्रवाई की गई है। अधिकारी ने बताया कि इन सभी अवैध निर्माण को जमींदोज कर दिया गया है। प्रशासन का कहना है कि शहर में अवैध निर्माण पर इस तरह की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
दो एकड़ सरकारी जमीन पर हुआ ता अतिक्रमण
बुलडोजर ऐक्शन के बाद इस मामले की जानकारी देते हुए अधिकारियों ने बताया कि सरकार की दो एकड़ जमीन पर अतिक्रमण किया गया था। अधिकारियों ने बताया कि बाजार के हिसाब से इस जमीन की कीमत करीब 100 करोड़ रुपए आंकी गई है। प्रशासन ने बताया कि यह कार्रवाई एनजीटी के आदेश पर की गई है, जिसमें कहा गया था कि नदी के किनारे 30 मीटर के दायरे में अवैध निर्माण को ढहाया जाए। एसडीएम घनश्याम धनगर ने बताया कि कान्ह नदी के किनारे हुए अतिक्रमण से नदी के प्राकृतिक बहाव में रुकाटव आ रही थी, जिस वजह से एनजीटी ने यह आदेश दिया, जिसका पालन किया गया। उन्होंने कहा कि हमने कान्ह नदी के किनारे हुए सभी अवैध निर्माण को ढहा दिया है और सरकारी जमीन को कब्जे में ले लिया है। धनगर ने कहा कि अब नदी के किनारों को ठीक किया जाएगा और आसपास के इलाकों को सुंदर बनाया जाएगा।
हंगामे के बाद 6 गिरफ्तार
इस मामले की जानकारी देते हुए प्रशासन ने बताया कि जब अतिक्रमण हटाने के लिए प्रशासन का अमला वहां पहुंचा तो लोगों की भीड़ जुटना शुरू हो गई। इस दौरान प्रशासन की कार्रवाई में बाधा डालने का प्रयास किया गया। एसीपी विजय चौधरी ने बताया कि अतिक्रमण हटाने के दौरान सरकारी काम में बाधा डालने और शांति भंग करने के साथ ही दूसरे आरोपों में करीब 15 लोगों को खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने बताया कि इनमें से 6 लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है।


