पागलों की तरह बच्चे पर टूट पड़ा सांड; सींग घुसेड़े और उठाकर सड़क पर पटका, 25 टांके आए
मध्य प्रदेश के ग्वालियर में सड़क पर एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। गली-मोहल्लों में घूमने वाले एक आवारा सांड ने एक छह साल के मासूम पर उस समय हमला कर दिया, जब वह कोचिंग से वापस लौट रहा था। यह पूरी घटना पास ही में लगे एक सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई।

मध्य प्रदेश के ग्वालियर में सड़क पर एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। गली-मोहल्लों में घूमने वाले एक आवारा सांड ने एक छह साल के मासूम पर उस समय हमला कर दिया, जब वह कोचिंग से वापस लौट रहा था। सांड ने बच्चे को देखते ही उस पर हमला कर दिया। बच्चे ने बचकर भागने का प्रयास किया तो एक कार के सामने सांड ने फिर उसे घेर लिया और सींग मारे। इतना ही नहीं जमीन पर पटकर कर अपने सींगों से उस रौंदता रहा। इस दौरान मासूम डर के मारे बुरी तरह चीखता-चिल्लाता रहा। मासूस के साथ उसकी बहन भी थी, जो भाग वहां से गई और मदद के लिए लोगों को वहां बुलाकर लाई। लोगों ने सांड को भगाया तो मासूम की जान बच पाई, लेकिन सांड के सींग से उसका सिर फट गया। मासूम को अस्पताल ले जाया गया, जहां उसके सिर में 25 टांके आए हैं। यह पूरी घटना पास ही में लगे एक सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई। गुरुवार रात को सोशल मीडिया पर मासूम पर हमले का एक वीडियो भी सामने आया है।
कोचिंग से लौटते वक्त हुआ हमला
शहर के उपनगर मुरार स्थित त्यागी नगर में रहने वाला छह साल का गोविंद लक्षकार फर्स्ट क्लास का छात्र है। गोविंद को उसकी बड़ी बहन नंदिनी पास ही गली में कोचिंग से लेकर वापस घर लौट रही थी। जब वह घर वाली गली में दाखिल हुई तो वहां आवारा सांड घूम रहे थे। नंदिनी और गोविंद को देखते ही एक काले रंग का सांड उनकी तरफ दौड़ता हुआ आया।हड़बड़ाहट में मासूम गोविंद सड़क पर गिर पड़ा। बहन ने उसे उठाने का प्रयास किया, लेकिन वह नहीं उठ पाया तो सांड ने उस पर हमला कर दिया। खुद को बचाने और मदद के लिए नंदिनी ने दौड़ लगा दी।
मासूम ने बचने का प्रयास किया पर सांड बेकाबू हो गया
सांड ने मासूम को अपने सींगों में फंसा लिया और कई बार जमीन पर पटका। यह सब कुछ चंद पलों में हुआ। अपने भाई के साथ यह क्रूरता देख बहन नंदिनी घबरा गई, लेकिन उसने हिम्मत दिखाते हुए दौड़कर आसपास के लोगों को आवाज लगाकर मदद के लिए बुलाया। जब लोग वहां पहुंचे तो सांड मासूम को सींगों से मार रहा था। जब लोगों ने सांड को भगाया, तब जाकर मासूम की जान बस सकी। यदि कुछ सेकेंड और देर होती तो बच्चे की जान भी जा सकती थी।
गंभीर रूप से घायल मासूम को तत्काल जिला अस्पताल में बाल एवं शिशु रोग विभाग के पीआईसीयू में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों के अनुसार, बच्चे के सिर में 9 टांके समेत चेहरे पर 25 टांके आए हैं। उसे अब अस्पताल से तो छुट्टी दे दी गई है, लेकिन उसके मन से हादसे की दहशत बाहर नहीं निकल रही है।
रिपोर्ट : अमित कुमार


