
भोपाल गैस त्रासदी: फैक्ट्री की साइट पर मेमोरियल बनाने की तैयारी, CM ने किया दौरा; मारे गए थे हजारों लोग
भोपाल में दो और तीन दिसंबर 1984 की दरमियानी रात यूनियन कार्बाइड कारखाने से बेहद जहरीली मिथाइल आइसोसाइनेट गैस का रिसाव हुआ था। इससे कम से कम 5,479 लोग मारे गए थे और हजारों लोग अपंग हो गए थे।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शनिवार को भोपाल के आरिफ नगर स्थित यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री का दौरा किया। इसके बाद सीएम ने जानकारी दी कि राज्य सरकार यहां पर गैस त्रासदी में मारे गए लोगों की याद में मेमोरियल बनाने की प्लानिंग में है। अपने दौरे के दौरान सीएम ने भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास विभाग के अधिकारियों संग भी इस संबंध में बातचीत की।
उन्होंने कहा कि समाज के सभी वर्गों को विश्वास में लेकर और हाई कोर्ट के सुझाव पर इस जगह पर मेमोरियल बनाएंगे। भोपाल में दो और तीन दिसंबर 1984 की दरमियानी रात यूनियन कार्बाइड कारखाने से बेहद जहरीली मिथाइल आइसोसाइनेट गैस का रिसाव हुआ था। इससे कम से कम 5,479 लोग मारे गए थे और हजारों लोग अपंग हो गए थे। इसे दुनिया की सबसे बड़ी औद्योगिक आपदाओं में गिना जाता है।
राहुल को माफी मांगनी चाहिए
सीएम ने कहा कि तब की सरकार ने इस एरिया को लावारिस छोड़ दिया और साथ ही फैक्ट्री में मौजूद जहरीले कचरे को भी हटाने में दिलचस्पी नहीं दिखाई, नतीजन डरावने कांड ने फैक्ट्री को भूतिया बनाकर छोड़ दिया। वहीं भोपाल गैस त्रासदी के मुख्य आरोपी वॉरेन एंडरसन को भगाकर कांग्रेस ने लोगों को मरने के लिए छोड़ दिया था। राहुल गांधी को इसके लिए देश से मांफी मांगनी चाहिए।'

विश्व के लिए एक मिसाल पेश
सीएम ने कहा 'राज्य सरकार हर कदम पर गैस पीड़ितों के साथ खड़ी है और उनके कल्याण के लिए कोई कसर नहीं छोड़ेगी। हमारी सरकार ने कोर्ट के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए आधुनिक वैज्ञानिक तरीकों के जरिए फैक्ट्री में मौजूद यूनियन कार्बाइड के जहरीले कचरे को हटाया है जो कि विश्व के लिए एक मिसाल पेश करता है।' मोहन यादव ने बताया कि भोपाल और इंदौर को मेट्रोपॉलिटन सिटी बनाने के साथ ही शहर के अंदर भी विकास कार्य तेजी से हो रहे हैं।





