
एमपी के बगलामुखी मंदिर में धरने पर पुजारी, SDM से लिया गया प्रभार; क्या था विवाद?
मध्य प्रदेश के आगर मालवा के प्रसिद्ध मां बगलामुखी मंदिर के पुजारियों से विवाद के बाद और मंदिर के सभी अनुष्ठान और हवन अनिश्चितकाल के लिए बंद किए जाने के बाद सुसनेर एसडीएम सर्वेश यादव से मंदिर संबंधी प्रभार ले लिया गया है।
मध्य प्रदेश के आगर मालवा के प्रसिद्ध मां बगलामुखी मंदिर के पुजारियों से विवाद के बाद सुसनेर एसडीएम सर्वेश यादव से मंदिर संबंधी प्रभार ले लिया गया है। मंदिर में हवन पूजन कराने वाले पुरोहित समाज का आरोप था कि एसडीएम उन्हें धमकाते थे। विरोध में पुरोहित समूह ने मंदिर के सभी अनुष्ठान और हवन अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिए थे। विवाद बढ़ने पर कलेक्टर ने एक्शन लेते हुए एसडीएम से मंदिर समिति का प्रभार वापस ले लिया और डिप्टी कलेक्टर को सौंप दिया। हालांकि एसडीएम ने आरोपों को गलत बताया है।
एसडीएम सर्वेश यादव के खिलाफ मोर्चा
बताया जाता है कि मां बगलामुखी मंदिर में गुरुवार को हवन पूजन कराने वाले पुरोहित समूह ने सुसनेर एसडीएम सर्वेश यादव के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए जमकर हंगामा किया। पुजारी समूह ने आरोप लगाया कि एसडीएम उन्हें धमकाते हैं और मंदिर में मनमाने नियम थोप रहे हैं। एसडीएम से आक्रोशित ब्राह्मण समाज ने मंदिर के सभी हवन और अनुष्ठान अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिए। यही नहीं एसडीएम को हटाने की मांग पर भी अड़ गए।
रसीद की नई व्यवस्था से नाराजगी
पुरोहित समूह के पंडित योगेश शर्मा ने बताया कि मंदिर में करीब 200 ब्राह्मण पिछले 25 वर्षों से लगातार हवन और अनुष्ठान कर रहे हैं। अब उन्हें अचानक काम से रोक दिया गया है। इतना ही नहीं एसडीएम सर्वेश यादव के फरमान पर रसीद की नई व्यवस्था लागू कर दी गई है। हवन और अनुष्ठान की दान दक्षिणा से ही उनकी रोजी रोटी चलती है। इससे उनके परिवार पर संकट आ गया है।
बिना रजिस्ट्रेशन वालों को हवन पूजन कराने से रोका
योगेश शर्मा ने कहा कि पुरानी व्यवस्था में 2100 रुपये के हवन के लिए 350 रुपये 5100 रुपये के लिए 500 रुपये और 11 हजार रुपये के हवन के लिए 700 रुपये की रसीद कटती थी। अब केवल 2100 रुपये की रसीद अनिवार्य करने से पूजन कराने वाले पुजारी समूह को नुकसान हो रहा है। बिना रजिस्ट्रेशन के किसी भी पंडित को हवन पूजन और अनुष्ठान कराने रोक दिया गया है। बहुत से पंडित अब भी रजिस्ट्रेशन से वंचित हैं जबकि उनकी पीढ़ियां मंदिर में सेवा देती आ रही हैं।
एसडीएम के खिलाफ नारेबाजी
आक्रोशित मंदिर के पुजारियों ने परिसर में एसडीएम के खिलाफ नारेबाजी की शुरू कर दी। पुजारी समूह ने धरना प्रदर्शन भी शुरू कर दिया। वहीं विवाद पर एसडीएम सर्वेश यादव ने कहा कि हमारी ओर से किसी तरह की अभद्र भाषा का इस्तेमाल नहीं किया गया है। हमने किसी के साथ कोई अभद्र व्यवहार नहीं किया है। मामले की सूचना मिलने पर तहसीलदार प्रियंक श्रीवास्तव और थाना प्रभारी नागेश यादव मंदिर परिसर पहुंचे और पुजारी समूह से बातचीत की।
सर्वेश यादव से मंदिर प्रभार लिया
इसके बाद माता के मंदिर में हवन पूजन बंद करने के पुरोहित समूह के फैसले की जानकारी उच्चाधिकारियों तक पहुंची। इस मामले पर आगर मालवा के अपर कलेक्टर आरपी वर्मा ने आदेश जारी कर एसडीएम सर्वेश यादव से मंदिर संबंधी प्रभार ले लिया। जारी आदेश में कहा गया है कि प्रशासनिक कार्य सुविधा के लिए सर्वेश यादव अध्यक्ष बगलामुखी मंदिर समिति का समस्त प्रभार कमल मंडलोई डिप्टी कलेक्टर आगर मालवा को सौंपा जाता है।
रिपोर्ट- विजेन्द्र यादव

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