लौंडियाबाजी के लिए बनते हैं चेले; बाबा बागेश्वर ने सेवादारों की ही खोल दी 'पर्ची'
बाबा बागेश्वर ने सेवादारों और चेलों को जमकर फटकार भी लगाई। उन्होंने बताया धाम में चेलों के बात करने का तौर-तरीका बहुत खराब है, कई चेले यहां सिर्फ लौंडियाबाजी करने आते हैं। उन्हें बाबा के आसपास के भौकाल से मतलब है।

अपने भक्तों की पर्चियां निकालकर उनके जीवन से जुड़ी बातें बताने वाले पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने इस बार अपने सेवादारों की पर्चियां खोल दी हैं। इसका जिक्र करते हुए बाबा बागेश्वर ने सेवादारों और चेलों को जमकर फटकार भी लगाई। उन्होंने बताया धाम में चेलों के बात करने का तौर-तरीका बहुत खराब है, कई चेले यहां सिर्फ लौंडियाबाजी करने आते हैं। उन्हें बाबा के आसपास के भौकाल से मतलब है।
सेवादारों का बात करने का तरीका घटिया
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में पंडित धीरेंद्र शास्त्री अपने चेलों पर बरसते हुए कहते हैं- हमारे यहां के सेवादारों की टोन बहुत खराब है। बात करने का तरीका बहुत घटिया है। ऐसे बात करते हैं, जैसे एहसान जता रहे हों। ऐसे धक्का देते हैं, जैसे ये आर्मी वाले हों। इनकी मानसिकता ऐसी हो गई है कि हमारे पीठ देते ही ये खुद गुरु बन जाते हैं। बात भी सही है कि चाय से ज्यादा केतली गरम होती है।
कुछ लौंडे लौंडियाबाजी के चक्कर में चेले बन रहे
इन्हें गुरु दिख ही नहीं रहा है। इन्हें गुरु के आस-पास का भौकाल दिख रहा है। इनकी नजर गुरु पर थोड़े है। इनकी नजर इस पर है कि इनका गुरु सीधा पीएम से जुड़ा है। सीएम से सीधी बात होती है। आधे सेवादार तो इसलिए बन रहे हैं, क्योंकि यहां बढ़िया माल-पानी है। कुछ लौंडे लौंडियाबाजी के चक्कर में चेले बन रहे हैं। कुछ माताएं और बच्चियां भी विचित्र होती हैं, हमसे मिलने के बहाने उनसे मिलने आती हैं।
बाबा बागेश्वर बोले, मुझे सबकी सच्चाई पता है
इसके बाद पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने अपने चेलों और सेवादारों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि उन्हें सबकी सच्चाई पता है। उन्होंने कहा कि कई लोग बिना उनसे मिले ही उनके नाम का इस्तेमाल कर सेवादार बन गए हैं। शास्त्री ने कहा कि आधे से ज्यादा लोग उनके नाम का सहारा लेकर पहचान बना रहे हैं। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि जैसे वे भक्तों की पर्ची निकालकर सच बताते हैं, वैसे ही जरूरत पड़ी तो सेवादारों की सच्चाई भी सबके सामने ला सकते हैं।
दरबार के अंत में उन्होंने सफलता को लेकर अपनी सोच भी साझा की। शास्त्री ने कहा कि धाम का नाम दुनिया भर में होना या बड़े नेताओं का यहां आना असली सफलता नहीं है। उनके अनुसार सच्ची सफलता वही है, जब व्यक्ति का जीवन ईमानदारी और बिना किसी दाग के बीते और वह अपनी छवि को साफ रख सके।
लेखक के बारे में
Ratan Guptaरतन गुप्ता एक डिजिटल हिंदी जर्नलिस्ट/ कॉन्टेंट प्रोड्यूसर हैं। वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान की स्टेट न्यूज टीम के साथ काम कर रहे हैं। वह क्राइम, राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर न्यूज आर्टिकल और एक्सप्लेनर स्टोरीज लिखते हैं।
रतन गुप्ता वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में कंटेंट प्रोड्यूसर के तौर पर स्टेट न्यूज टीम में काम करते हैं। इस टीम में हिंदी पट्टी के 8 राज्यों दिल्ली-एनसीआर, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, गुजरात से जुड़ी खबरों की कवरेज करते हैं। उनका लेखन खास तौर से क्राइम, राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर केंद्रित रहता है।
लाइव हिंदुस्तान में बीते 2 साल से काम करते हुए रतन ने ब्रेकिंग न्यूज, राजनीतिक घटनाक्रम और कानून-व्यवस्था से जुड़ी खबरों पर लगातार लेखन किया है। इसके साथ ही वह एक्सप्लेनर स्टोरीज लिखने में भी विशेष रुचि रखते हैं, जहां जटिल मुद्दों को सरल और तथ्यपरक भाषा में पाठकों के सामने रखते हैं।
रतन गुप्ता ने बायोलॉजी में ग्रेजुएशन किया है, जिसके बाद उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान, नई दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता की पढ़ाई की है। साइंस बैकग्राउंड होने के कारण उनकी न्यूज और एनालिसिस स्टोरी में साइंटिफिक टेंपरामेंट, लॉजिकल अप्रोच और फैक्ट-बेस्ड सोच साफ दिखाई देती है। वह किसी भी मुद्दे पर रिपोर्टिंग करते समय दोनों पक्षों की बात, मौजूद तथ्यों और आधिकारिक स्रोतों को प्राथमिकता देते हैं, ताकि यूजर तक संतुलित और भरोसेमंद जानकारी पहुंचे।
इसके साथ ही आईआईएमसी की एकेडमिक पढ़ाई ने उन्हें रिपोर्टिंग, न्यूज प्रोडक्शन, मीडिया एथिक्स और पब्लिक अफेयर्स की गहरी समझ दी है। इसका सीधा असर उनके लेखन की विश्वसनीयता और संतुलन में दिखाई देता है।
और पढ़ें

