

अर्चना तिवारी जो बीते 12 दिन से रहस्यमय तरीके से यात्रा के दौरान ट्रेन से कथित तौर पर लापता हो गई थीं, उन्हें पुलिस ने खोज निकाला है। भोपाल जीआरपी के एसपी राहुल कुमार लोढ़ा ने इस बात की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि सिविल जज की तैयारी कर रही अर्चना तिवारी को यूपी के लखीमपुर खीरी में नेपाल बॉर्डर के पास से बरामद किया गया है। उनको लेकर टीम रवाना हो गई है। पुलिस बीते 12 दिनों से तलाश कर रही थी।
जीआरपी की रानी कमलापति थाने की टीम दिन-रात शिद्दत से अर्चना तिवारी को तलाश कर रही थी। अर्चना तिवारी के लिए जंगलों में भी तलाशी अभियान चलाया गया था। भोपाल रेलवे एसपी राहुल लोढ़ा ने यह जानकारी एक्स पर अपने वीडियो पोस्ट में दी। पुलिस की एक टीम अर्चना को वापस लेकर आ रही है।
भोपाल रेलवे एसपी राहुल लोढ़ा ने कहा- आपको पता होगा कि 7 और 8 अगस्त की दरम्यानी रात को इंदौर बिलासपुर नर्मदापुरम एक्सप्रेस ट्रेन के एसी कोच से अर्चना तिवारी नाम की युवती गायब हो गई थी। लड़की के लापता होने के बारे में जीआरपी रानी कमलापति थाने में प्रथमिकी दर्ज हुई थी। इसी दिन से पुलिस अर्चना की खोजबीन में जुटी थी।
एसपी राहुल लोढ़ा ने आगे बताया कि बीते 12 दिनों से हम कई जंगलों में उसकी तलाश कर रहे थे। इस दौरान बड़ी संख्या में सीसीटीवी फुटेज की भी छानबीन की गई। आज हमारी टीम को अर्चना को बरामद करने में सफलता मिली है। अर्चना तिवारी को यूपी के लखीमपुर जिले में नेपाल सीमा के पास से बरामद किया गया है। उसे यहां लाकर उसके बयान लिए जाएंगे। फिर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
मध्य प्रदेश के कटनी जिले में रहने वाली इंदौर में सिविल जज की तैयारी कर रही 29 वर्षीय अर्चना तिवारी 7 अगस्त की सुबह इंदौर से कटनी के लिए निकली थी। वह ट्रेन नंबर 18233 इंदौर बिलासपुर नर्मदा एक्सप्रेस के बी-3 कोच में सीट नंबर 3 पर सफर कर रही थी। इस दौरान वह रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गई थीं।
उसका बैग उमरिया स्टेशन पर मिला था। ट्रेन में सफर के दौरान उसकी परिवार वालों से आखिरी बार बात सुबह तब हुई थी जब ट्रेन भोपाल के आसपास थी। इसके बाद से उसका मोबाइल फोन बंद हो गया था। मामले को लेकर पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई थी। पुलिस मोबाइल लोकेशन और सीसीटीवी फुटेज की छानबीन के साथ उसकी काल ट्रेस करने की कोशिशें भी कर रही थी।
इस दौरान पुलिस को ग्वालियर के भंवरपुरा थाने में पदस्थ आरक्षक राम तोमर से बातचीत करने के सुराग मिले। इसके बाद पुलिस को पता चला कि आरक्षक ने अपनी आईडी का इस्तेमाल कर अपने ही मोबाइल से अर्चना के लिए इंदौर से कटनी का टिकट बुक किया था।
मंगलवार को सुबह अर्चना के मुंह बोले भाई अंशु मिश्रा ने दावा किया था कि अर्चना की अपनी मां सुनीता तिवारी से फोन पर बात हुई है। वह सुरक्षित है। बहुत जल्द अर्चना अपने परिवार के पास पहुंच जाएगी। इसी बीच अर्चना के चाचा राजू तिवारी ने भी बड़ा बयान देते हुए कहा कि तीन से चार दिन बाद पूरी घटना के बारे में पता चल जाएगा। वहीं पुलिस का कहना है कि पहले अर्चना के बयान दर्ज किए जाएंगे उसके बाद आगे की कार्रवाई होगी।
कृष्ण बिहारी सिंह वरिष्ठ पत्रकार और स्टेट टीम का हिस्सा (दिल्ली-NCR, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, राजस्थान और गुजरात )
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