
राहुल गांधी प्रधानमंत्री बनें या नहीं, हमारा मकसद वह नहीं: रॉबर्ट वाड्रा
कांग्रेस की वरिष्ठ नेता प्रियंका गांधी के पति और कारोबारी रॉबर्ट वाड्रा ने कहा है कि प्रधानमंत्री कोई भी बने लेकिन देश सेक्युलर और एकजुट रहना चाहिए। लोकतंत्र कायम रहे और चुनाव निष्पक्ष हो। उन्होंने कहा कि उनका लड़ाई इस बात की नहीं है कि राहुल गांधी प्रधानमंत्री बनें या नहीं।
कांग्रेस की वरिष्ठ नेता प्रियंका गांधी के पति और कारोबारी रॉबर्ट वाड्रा ने कहा है कि प्रधानमंत्री कोई भी बने लेकिन देश सेक्युलर और एकजुट रहना चाहिए। लोकतंत्र कायम रहे और चुनाव निष्पक्ष हो। उन्होंने कहा कि उनका लड़ाई इस बात की नहीं है कि राहुल गांधी प्रधानमंत्री बनें या नहीं। मध्य प्रदेश के इंदौर में वाड्रा ने यह भी कहा कि यदि बिहार में बैलेट पेपर से दोबारा चुनाव कराया जाए तो परिणाम बदल जाएंगे।
न्यूज एजेंसी एएनआई से बिहार चुनाव को लेकर बातचीत करते हुए वाड्रा ने कहा कि यदि बैलेट पेपर से दोबारा चुनाव कराए जाएं तो नतीजा बदल जाएगा। हालांकि, उन्होंने कहा कि ऐसा होगा नहीं। वाड्रा ने ईवीएम से चुनाव में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए कहा, ‘मैं कुछ कह रहा हूं वह लोगों के बीच रहकर अनुभव से है। यदि आज हम बैलेट पेपर से (चुनाव) करते हैं तो परिणाम अलग आएंगे। यदि दोबारा चुनाव हो... पर मुझे पता है कि दोबारा चुनाव कभी नहीं होगा। क्योंकि वह चाहेंगे कि आगे बढ़ें। अब वह तैयार करेंगे जहां दूसरे राज्यों में चुनाव है, तो जो उनकी टीम है, बीजेपी, चुनाव आयोग और एजेंसियां, वह अगले चुनाव की तैयारी करेगी।’
वाड्रा ने कहा कि इस तरह की जो सरकार होगी कुछ ही लोगों को फायदा होगा जैसे अंबानी-अडानी। सारे बंदरगाह, सारे एयरपोर्ट, सब जगह अडानी-अडानी दिख रहा है। कोई जवाबदेही होनी चाहिए कि कितना पैसा खर्च किया जा रहा है। गौरतलब है कि राहुल गांधी भी देश के दो उद्योगपतियों का नाम लेकर केंद्र सरकार पर हमलावर रहते हैं और आरोप लगाते हैं कि देश के संसाधन इन्हें दिए जा रहे हैं।
वाड्रा ने आगे कहा कि लड़ाई लोकतंत्र के लिए है। उन्होंने कहा, ‘हम लोग लड़ते रहेंगे लोकतंत्र के लिए, देश के लोगों के लिए, देश के हित के लिए, चाहे राहुल प्रधानमंत्री बनें या नहीं, हमारा मकसद वह नहीं है। देश को सेक्युलर रखना है, एकजुट रखना है। लोकतंत्र होनी चाहिए, हमारी सोच यह है और यह नेहरू जी के टाइम से चला आ रहा है। कोई भी पार्टी आगे बढ़े जो गठबंधन में है और कोई भी प्रधानमंत्री बने निष्पक्ष चुनाव होना बहुत जरूरी है।’





