
इंदौर के बाद अब उज्जैन में दूषित पानी की शिकायत से हड़कंप, 265 परिवारों के स्वास्थ्य पर खतरा
मध्य्प्रदेश के इंदौर में दूषित पानी से हुई मौत के बाद धार्मिक नगरी उज्जैन में भी लोगों के बीच डर का माहौल है। शहर के कई इलाकों में गंदे पानी की शिकायतें मिल रही है। लोगों का आरोप है कि एक तरफ लोग बूंद-बूंद स्वच्छ पानी को तरस रहे हैं।
मध्य्प्रदेश के इंदौर में दूषित पानी से हुई मौत के बाद धार्मिक नगरी उज्जैन में भी लोगों के बीच डर का माहौल है। शहर के कई इलाकों में गंदे पानी की शिकायतें मिल रही है। लोगों का आरोप है कि एक तरफ लोग बूंद-बूंद स्वच्छ पानी को तरस रहे हैं। वहीं दूसरी ओर जर्जर पाइपलाइन के कारण हजारों लीटर पानी सड़कों पर बहकर बर्बाद हो रहा है। गौरतलब है कि गुरुवार को पीएचई के कंट्रोल रूम में 5 जगह से शिकायतें आई थीं, वहीं शुक्रवार को यह बढ़कर 9 तक पहुंच गई है। शहरवासी पाइपलाइन लीकेज और मटमैला पानी की लगातार शिकायत दर्ज करवा रहे हैं। इनमें प्रमुख महाश्वेतानगर, दमदमा, विक्रमनगर, सेठीनगर, श्रीकृष्ण कॉलोनी सहित कई क्षेत्र में फिलहाल गंदा या मटमैला पानी आ रहा है। इनमें से अधिकांश ऐसे क्षेत्र हैं, जहां निर्माण कार्य चल रहा है।
उज्जैन के जयसिंहपुर क्षेत्र भगत सिंह मार्ग पर करीब 265 परिवारों के स्वास्थ्य पर गंभीर संकट मंडरा रहा है। यहां के लोग पिछले कई दिनों से नलों से आ रहे नाली जैसे काले और दूषित पानी को पीने को मजबूर हैं। स्थिति इतनी भयावह है कि क्षेत्र के नल 24 घंटे इसी तरह खुले रहते हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में जलभराव और गंदगी का अंबार लगा है। लेकिन प्रशासन और पीएचई विभाग मूकदर्शक बना बैठा है। स्थानीय पार्षद विजय चौधरी और निगम अधिकारियों के खिलाफ जनता का गुस्सा चरम पर है। लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हुई। गंदा पानी पीने से बच्चे और बुजुर्ग बीमार पड़ रहे हैं।
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क्यों लोगों तक पहुंच रहा दूषित पानी?
जयसिंहपुरा निवासी रामचंद्र ने आरोप लगाया है कि पिछले 2 महीने से क्षेत्र में सड़क चौड़ीकरण कार्य चल रहा है। इस दौरान पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई है। इसकी जानकारी कई बार क्षेत्रीय पार्षद को दी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। नाली के पास से गुजर रही पाइपलाइन के कारण बदबूदार और मटमैला पानी पेयजल के रूप में मिल रहा है। यह समस्या केवल एक-दो परिवारों की नहीं, बल्कि पूरे मोहल्ले की है। बार-बार शिकायत करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। मजबूरी में छोटे-छोटे बच्चों तक को दूषित पानी पिलाना पड़ रहा है। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि ऐसा लगता है जैसे जिम्मेदार अधिकारी किसी बड़ी घटना के होने का इंतजार कर रहे हैं।
नागझिरी क्षेत्र स्थित आदर्शनगर में शुक्रवार को भी नल से गंदा पानी ही आया। यही नहीं शहर की पॉश कॉलोनी महाश्वेतानगर सहित नौ जगह भी ऐसी स्थिति रही। यहां भी लोगों को गंदा पानी ही मिला है। अफसर इसका कारण निर्माण कार्य और पाइपलाइन लीकेज बता रहे हैं। इसके अलावा पांड्याखेड़ी और जयसिंहपुरा में भी सुधार जारी है। गंदे पानी के अलावा कई क्षेत्रों में तो जल आपूर्ति भी प्रभावित रही, पीएचई विभाग ने सुभाषनगर, चकोर पार्क, लक्ष्मीनगर, मिर्ची नाला, भैरवगढ़ और रविशंकर नगर पंवासा, नागझिरी, सिंधी कॉलोनी, छत्री चौक समेत अन्य इलाकों में भी गंदे पानी की शिकायतें सामने आ रही हैं। शहर में चल रहे निर्माण कार्यों के कारण कई स्थानों पर पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने की बात भी सामने आई है। नगर निगम ने लोगों से अपील की है कि पानी की समस्या या लीकेज की जानकारी तुरंत हेल्पलाइन पर दें, ताकि समय पर कार्रवाई की जा सके।
निगम अधिकारियों के साथ जनप्रगिनिधियो का निरीक्षण
महापौर मुकेश टटवाल, निगम अध्यक्ष कलावती यादव, निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा और जलकार्य समिति प्रभारी प्रकाश शर्मा ने गऊघाट फिल्टर प्लांट का निरीक्षण किया और बताया कि सभी पंप चालू और कार्यरत हैं। कैलोरी, केमिकल और ब्लीचिंग पाउडर पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। पानी की नियमित जांच के लिए लैब तकनीशियन तैनात हैं। टंकियों की सफाई के दौरान दिनांक अंकित की जा रही है और फीडबैक रजिस्टर में दर्ज किया जा रहा है। पेयजल सप्लाई के दौरान सब इंजीनियर और टंकी प्रभारी अपने क्षेत्रों में भ्रमण कर पानी की गुणवत्ता की जांच करते हैं। किसी भी शिकायत का समाधान तय समय में किया जा रहा है।
महापौर मुकेश टटवाल ने बताया कि जयसिंहपुरा क्षेत्र में सड़क चौड़ीकरण कार्य के चलते पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हुई है। ठेकेदार से इसे शीघ्र सुधारने के निर्देश दिए गए हैं। यदि तय समय में कार्य नहीं हुआ तो संबंधित ठेकेदार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल क्षेत्रवासियों को साफ पानी मिलने का इंतजार है और प्रशासन से जल्द समाधान की उम्मीद की जा रही है।
dनिगमायुक्त अभिलाष मिश्र ने कहा कि सभी पानी की टंकियों की नियमित सफाई और पाइपलाइन लीकेज को तुरंत ठीक करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि पीएचई कार्यालय में मिलने वाली शिकायतों की वास्तविक स्थिति जानने के लिए खुद फोन कर फीडबैक लिया गया है। निगम प्रशासन का दावा है कि दूषित जल प्रदाय की शिकायतों पर अब त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी, ताकि किसी भी तरह की अनहोनी से बचा जा सके।
रिपोर्ट विजेन्द्र यादव





