MP में नाबालिग छात्रा से दरिंदगी के बाद ब्लैकमेलिंग का खौफनाक खेल, इंस्टाग्राम पर जाल में फंसाया
मध्य प्रदेश में एक नाबालिग छात्रा के साथ दरिंदगी करने के बाद ब्लैकमेलिंग का खौफनाक मामला सामने आया है। आरोपी ने इंस्टाग्राम पर खुद को होटल कारोबारी बताकर छात्रा को जाल में फंसाया। फिर नशीला जूस पिलाकर अश्लील वीडियो बना लिए और लाखों के गहने हड़प लिए।

मध्य प्रदेश में एक नाबालिग छात्रा के साथ दरिंदगी करने के बाद ब्लैकमेलिंग का खौफनाक मामला सामने आया है। आरोपी ने इंस्टाग्राम पर खुद को होटल कारोबारी बताकर छात्रा को जाल में फंसाया। फिर नशीला जूस पिलाकर अश्लील वीडियो बना लिए और लाखों के गहने हड़प लिए।
मध्य प्रदेश में मैहर जिले के अमरपाटन में एक नाबालिग छात्रा के साथ ब्लैकमेलिंग का बेहद खौफनाक मामला सामने आया है। एक युवक ने खुद को बड़ा होटल कारोबारी बताकर 12वीं की छात्रा से दोस्ती की, फिर उसे नशीला जूस पिलाकर उसके साथ अश्लील हरकतें कीं। इतना ही नहीं, आरोपी ने वीडियो वायरल करने की धमकी देकर छात्रा से लाखों के गहने भी ऐंठ लिए। पुलिस ने मुख्य आरोपी को हिरासत में ले लिया है, जबकि तीन अन्य की तलाश जारी है।
मीठी बातों में आकर दोस्त बन गई
पुलिस के मुताबिक करीब डेढ़ महीने पहले छात्रा की मां के मोबाइल पर संचालित इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक अनजान व्यक्ति के मैसेज आने शुरू हुए। पहले तो छात्रा ने विरोध किया, लेकिन आरोपी की मीठी बातों में आकर वह उसकी दोस्त बन गई। आरोपी ने अपना नाम शिवाय सिंह रघुवंशी बताया और दावा किया कि रीवा सहित कई शहरों में उसके आलीशान होटल और रेस्टोरेंट हैं।
जूस में नशा और रीवा के होटल में दरिंदगी
23 फरवरी को जब छात्रा अमरपाटन में अपनी सहेलियों से मिलने पहुंची, तो आरोपी शिवाय वहां अपनी स्कॉर्पियो लेकर आ धमका। उसने तीनों लड़कियों को जूस पीने के लिए दिया। जूस पीते ही छात्रा की तबीयत बिगड़ने लगी। आरोपी ने उसे घर छोड़ने का झांसा देकर गाड़ी में बैठाया, लेकिन वह उसे रीवा के एक होटल ले गया। जब छात्रा को होश आया तो वह निर्वस्त्र हालत में थी। आरोपी ने पहले ही उसकी अश्लील वीडियो और फोटो खींच ली थी।
25 लाख की डिमांड और घर में चोरी
आरोपी ने वीडियो वायरल करने की धमकी देकर छात्रा से 25 लाख रुपए की मांग की। डर के मारे छात्रा ने घर पर कुछ नहीं बताया। अंततः 26 फरवरी को उसने घर से अपनी मां के 5 लाख रुपए कीमत के गहने चुराए और रीवा जाकर आरोपी को सौंप दिए।
दोस्तों के साथ मिलकर की छेड़छाड़
गहने लेने के बाद भी आरोपी का मन नहीं भरा। उसने छात्रा को नाश्ते में फिर से नशीला पदार्थ दिया और अपने तीन अन्य दोस्तों को बुला लिया। चारों ने मिलकर बेहोशी की हालत में छात्रा के साथ अश्लील हरकतें कीं और उसे रात में गांव के बाहर सड़क पर फेंककर भाग गए। जाते-जाते आरोपियों ने उसका मोबाइल भी छीन लिया।
मुख्य आरोपी पुलिस की गिरफ्त में
11 मार्च को पीड़ित परिवार ने हिम्मत जुटाई और अमरपाटन थाने में शिकायत दर्ज कराई। एसडीओपी ख्याति मिश्रा ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने शिवाय सिंह रघुवंशी को हिरासत में ले लिया है। पुलिस ने बीएनएस की विभिन्न धाराओं, पॉक्सो एक्ट और आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। वारदात में शामिल अन्य तीन आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस टीमें रवाना की गई हैं। फिलहाल पुलिस मामले पर आंगे की जांच कर रही है।
लेखक के बारे में
Subodh Kumar Mishraसुबोध कुमार मिश्रा पिछले 19 साल से हिंदी पत्रकारिता में योगदान दे रहे हैं। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' में स्टेट डेस्क पर बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। दूरदर्शन के 'डीडी न्यूज' से इंटर्नशिप करने वाले सुबोध ने पत्रकारिता की विधिवत शुरुआत 2007 में दैनिक जागरण अखबार से की। दैनिक जागरण के जम्मू एडीशन में बतौर ट्रेनी प्रवेश किया और सब एडिटर तक का पांच साल का सफर पूरा किया। इस दौरान जम्मू-कश्मीर को बहुत ही करीब से देखने और समझने का मौका मिला। दैनिक जागरण से आगे के सफर में कई अखबारों में काम किया। इनमें दिल्ली-एनसीआर से प्रकाशित होने वाली नेशनल दुनिया, नवोदय टाइम्स (पंजाब केसरी ग्रुप), अमर उजाला और हिन्दुस्तान जैसे हिंदी अखबार शामिल हैं। अखबारों के इस लंबे सफर में खबरों को पेश करने के तरीकों से पड़ने वाले प्रभावों को काफी बारीकी से समझने का मौका मिला।
ज्यादातर नेशनल और स्टेट डेस्क पर काम करने का अवसर मिलने के कारण राजनीतिक और सामाजिक विषयों से जुड़ी खबरों में दिलचस्पी बढ़ती गई। कई लोकसभा और विधानसभा चुनावों की खबरों की पैकेजिंग टीम का हिस्सा रहने के कारण भारतीय राजनीति के गुणा-भाग को समझने का मौका मिला।
शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो सुबोध ने बीएससी (ऑनर्स) तक की अकादमिक शिक्षा हासिल की है। साइंस स्ट्रीम से पढ़ने के कारण उनके पास चीजों को मिथ्यों से परे वैज्ञानिक तरीके से देखने की समझ है। समाज से जुड़ी खबरों को वैज्ञानिक कसौटियों पर जांचने-परखने की क्षमता है। उन्होंने मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा किया है। इससे उन्हें खबरों के महत्व, खबरों के एथिक्स, खबरों की विश्वसनीयता और पठनीयता आदि को और करीब से सीखने और लिखने की कला में निखार आया। सुबोध का मानना है कि खबरें हमेशा प्रमाणिकता की कसौटी पर कसा होना चाहिए। सुनी सुनाई और कल्पना पर आधारित खबरें काफी घातक साबित हो सकती हैं, इसलिए खबरें तथ्यात्मक रूप से सही होनी चाहिए। खबरों के चयन में क्रॉस चेकिंग को सबसे महत्वपूर्ण कारक मानने वाले सुबोध का काम न सिर्फ पाठकों को केवल सूचना देने भर का है बल्कि उन्हें सही, सुरक्षित और ठोस जानकारी उपलब्ध कराना भी है।


