MP में 10वीं का पेपर देकर लौट रही नाबालिग छात्रा से रेप, घर छोड़ने के बहाने पहाड़ी पर ले गया आरोपी
मध्य प्रदेश में एक नाबालिग छात्रा से रेप करने का मामला सामने आया है। आरोपी ने स्कूल से पेपर देकर निकली छात्रा को घर छोड़ने के बहाने पहाड़ी पर ले जाकर उसके साथ रेप किया। आरोपी ने किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी और पीड़िता को घर के बाहर छोड़कर फरार हो गया।

मध्य प्रदेश में एक नाबालिग छात्रा से रेप करने का मामला सामने आया है। आरोपी ने स्कूल से पेपर देकर निकली छात्रा को घर छोड़ने के बहाने पहाड़ी पर ले जाकर उसके साथ रेप किया। आरोपी ने किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी और पीड़िता को घर के बाहर छोड़कर फरार हो गया।
मुरैना कोतवाली थाना क्षेत्र में 10वीं का आखिरी पेपर देकर लौट रही नाबालिग छात्रा के साथ उसके परिचित भोला गुर्जर ने घर छोड़ने के बहाने बाइक पर ले जाकर सुनसान पहाड़ी पर रेप किया। शनिवार रात को परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कर फरार आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। महिला पुलिस अधिकारी पीड़िता के बयान दर्ज कर रही हैं।
जानकारी के अनुसार, माध्यमिक शिक्षा मंडल की कक्षा 10वीं का आखिरी पेपर था। छात्रा परीक्षा सेंटर से अपना पेपर देकर घर जा रही थी। इसी दौरान एमएस रोड पर एसपी बंगले के पास उसे अपना पूर्व परिचित भोला गुर्जर मिला। उसने छात्रा को घर छोड़ने का झांसा दिया और अपनी बाइक पर बैठा लिया। आरोपी बाइक को घर की तरफ ले जाने के बजाय नेशनल हाईवे 44 होते हुए टेकरी के एक सुनसान इलाके में ले गया। वहां पहाड़ी पर वारदात को अंजाम दिया।
पीड़िता के अनुसार आरोपी ने उसे दोपहर 1 बजे से लेकर शाम 7 बजे तक उसी टेकरी पर बंधक बनाकर रखा। इस दौरान आरोपी ने उसे धमकाया कि अगर उसने घर पर किसी को इस घटना के बारे में बताया तो वह उसे और उसके परिवार को जान से मार देगा।
दिनभर पहाड़ी पर रखने और डराने-धमकाने के बाद आरोपी रात करीब 8 बजे पीड़िता को उसके घर की गली के बाहर छोड़कर भाग गया। जब छात्रा रात 8 बजे अपने घर पहुंची तो परिजनों ने उससे घर लेट आने का कारण पूछा। इसके बाद पीड़िता ने अपने माता-पिता को अपने साथ हुई पूरी घटना की जानकारी दी।
घटना की जानकारी मिलने के बाद पीड़िता अपने माता-पिता को साथ लेकर कोतवाली थाने पहुंची और शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने पीड़िता और परिजनों की शिकायत के आधार पर तुरंत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी।
कोतवाली थाना प्रभारी टीआई अमित भदौरिया ने बताया पीड़िता दसवीं कक्षा की छात्रा है। उसके साथ परिचित आरोपी भोला गुर्जर ने गलत काम किया है। पॉक्सो के तहत मामला दर्ज किया गया है। आरोपी की तलाश जारी है। महिला अधिकारी पीड़िता के बयान ले रही है।
लेखक के बारे में
Subodh Kumar Mishraसुबोध कुमार मिश्रा पिछले 19 साल से हिंदी पत्रकारिता में योगदान दे रहे हैं। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' में स्टेट डेस्क पर बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। दूरदर्शन के 'डीडी न्यूज' से इंटर्नशिप करने वाले सुबोध ने पत्रकारिता की विधिवत शुरुआत 2007 में दैनिक जागरण अखबार से की। दैनिक जागरण के जम्मू एडीशन में बतौर ट्रेनी प्रवेश किया और सब एडिटर तक का पांच साल का सफर पूरा किया। इस दौरान जम्मू-कश्मीर को बहुत ही करीब से देखने और समझने का मौका मिला। दैनिक जागरण से आगे के सफर में कई अखबारों में काम किया। इनमें दिल्ली-एनसीआर से प्रकाशित होने वाली नेशनल दुनिया, नवोदय टाइम्स (पंजाब केसरी ग्रुप), अमर उजाला और हिन्दुस्तान जैसे हिंदी अखबार शामिल हैं। अखबारों के इस लंबे सफर में खबरों को पेश करने के तरीकों से पड़ने वाले प्रभावों को काफी बारीकी से समझने का मौका मिला।
ज्यादातर नेशनल और स्टेट डेस्क पर काम करने का अवसर मिलने के कारण राजनीतिक और सामाजिक विषयों से जुड़ी खबरों में दिलचस्पी बढ़ती गई। कई लोकसभा और विधानसभा चुनावों की खबरों की पैकेजिंग टीम का हिस्सा रहने के कारण भारतीय राजनीति के गुणा-भाग को समझने का मौका मिला।
शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो सुबोध ने बीएससी (ऑनर्स) तक की अकादमिक शिक्षा हासिल की है। साइंस स्ट्रीम से पढ़ने के कारण उनके पास चीजों को मिथ्यों से परे वैज्ञानिक तरीके से देखने की समझ है। समाज से जुड़ी खबरों को वैज्ञानिक कसौटियों पर जांचने-परखने की क्षमता है। उन्होंने मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा किया है। इससे उन्हें खबरों के महत्व, खबरों के एथिक्स, खबरों की विश्वसनीयता और पठनीयता आदि को और करीब से सीखने और लिखने की कला में निखार आया। सुबोध का मानना है कि खबरें हमेशा प्रमाणिकता की कसौटी पर कसा होना चाहिए। सुनी सुनाई और कल्पना पर आधारित खबरें काफी घातक साबित हो सकती हैं, इसलिए खबरें तथ्यात्मक रूप से सही होनी चाहिए। खबरों के चयन में क्रॉस चेकिंग को सबसे महत्वपूर्ण कारक मानने वाले सुबोध का काम न सिर्फ पाठकों को केवल सूचना देने भर का है बल्कि उन्हें सही, सुरक्षित और ठोस जानकारी उपलब्ध कराना भी है।


