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नारी शक्ति : पहली लोकसभा में हिंदूवादी लहर ने जीत दिलाई

shakuntala nayar

शकुंतला नायर हिंदू महासभा के टिकट पर चुनाव जीतकर उत्तर प्रदेश से लोकसभा में पहुंचीं। पहली लोकसभा में वे हिंदू महासभा की एकमात्र महिला सांसद थीं। मूल रूप से उत्तराखंड की रहने वाली शकुंतला ने दक्षिण भारतीय चर्चित आईसीएस अधिकारी केके नायर से विवाह किया था।

शकुंतला के पिता दिलीप सिंह बिष्ट देहरादून जिले में रहते थे। शकुंतला की स्कूली पढ़ाई मसूरी के विंडबर्ग गर्ल्स हाईस्कूल में हुई। 1946 में 20 अप्रैल को उनका विवाह आईसीएस अफसर केके नायर के साथ हुआ। पति-पत्नी दोनों ही हिंदूवादी विचारों के थे। शकुंतला हिंदू महासभा में सक्रिय हुईं तो पति नायर भारतीय जनसंघ से जुड़े।

तीन बार लोकसभा में : शकुंतला नायर ने हिंदू महासभा के गोंडा पश्चिम सीट से 1952 में कांग्रेस उम्मीदवार लाल बिहारी टंडन को पराजित किया था। तब शकुंतला की उम्र 26 साल थी। वे 1962 से 1967 तक उत्तर प्रदेश विधानसभा की भी सदस्य रहीं। बाद में शकुंतला नायर को भारतीय जन संघ ने कैसरगंज लोकसभा क्षेत्र से चुनाव मैदान में उतारा। यहां पर उन्होंने 1967 का चुनाव त्रिकोणीय मुकाबले में स्वतंत्र पार्टी और कांग्रेस के उम्मीदवार को हरा कर जीता। वे 1971  में भी कैसरगंज से कड़े मुकाबले में जीतीं। 

पति-पत्नी दोनों एक साथ संसद में : शकुंतला के पति केके नायर मूल रूप से केरल के अलेप्पी के रहने वाले थे। पर आईसीएस के तौर पर उनकी ज्यादा समय पोस्टिंग यूपी में रही। पर 1952 में वे आईसीएस छोड़कर वकालत करने लगे। बाद में वे राजनीति में आ गए। सन 1967 में केके नायर ने भी बहराइच से लोकसभा का चुनाव भारतीय जन संघ के टिकट पर जीता था। इस तरह चौथी लोकसभा में पति और पत्नी दोनों ही संसद में पहुंचे थे।

रामलला को विराजमान करने में भूमिका : 1949 में 22-23 दिसंबर की रात को अयोध्या के बाबरी मस्जिद में रामलला की मूर्तियां आश्चर्यजनक ढंग से प्रकट हो गईं। तब केके नायर फैजाबाद के जिलाधिकारी थे। कहा जाता है कि मंदिर में रामलला की मूर्तियां स्थापित करने में उनकी पत्नी की भी भूमिका थी। इसके बाद लोकसभा चुनाव में शकुंतला को हिंदू महासभा ने गोंडा वेस्ट ( अब कैसरगंज) से अपना उम्मीदवार बनाया।

फैजाबाद को बनाया घर : नायर दंपति ने यूपी के देवीपाटन व फैजाबाद क्षेत्र को अपनी कर्मभूमि बनाया। वे लोग अपने समय में उत्तर प्रदेश मंं हिंदुत्व का प्रतीक बन गए थे। उन्होंने फैजाबाद में अपना घर बनाया था।

सफरनामा
1926 में जनवरी में देहरादून में जन्म हुआ
1946 में 20 अप्रैल को केके नायर के साथ विवाह हुआ 
1952 में गोंडा वेस्ट से चुनाव जीत कर संसद में पहुंचीं 
1967 और 1971 में कैसरगंज से लोकसभा का चुनाव जीता

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  • Web Title:women power shakuntala nayar hindu mahasabha 1952 gonda west loksabha candidate beat congress lal bihari tandon