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गुरुग्राम लोकसभा सीट : दिग्गजों को मिले वोट तय करेंगे दावेदारों का कद

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गुरुग्राम लोकसभा क्षेत्र की नुमाइंदगी मतदाता किसे सौंपेगे? वे इसका फैसला 12 मई करेंगे। उसका पता 23 मई को चुनाव परिणाम के साथ चल जाएगा। चुनाव प्रचार थमने के बाद अब उन दिग्गजों की परीक्षा शुरू हो गई है जो अगले विधानसभा में चुनाव लड़ने के इच्छुक हैं। 

गुरुग्राम लोकसभा क्षेत्र में कुल नौ विधानसभा सीटें हैं। इनमें सात सीटों पर भाजपा कब्जा है। एक सीट पर कांग्रेस और एक पर इनेलो का कब्जा है। भाजपा-कांग्रेस के साथ इनेलो प्रत्याशियों के साथ घूमे इन दावेदारों और मौजूदा विधायकों का कद उनके क्षेत्रों में मिले मतों से तय होगा? गुरुग्राम विधानसभा क्षेत्र की बात करें तो यहां पर सीधे-सीधे शहर विधायक उमेश अग्रवाल की प्रतिष्ठा दांव पर हैं। वे 2014 के लोकसभा चुनाव के बाद हुए विधानसभा चुनावों में बड़े अंतर से जीते थे और कीर्तिमान बनाया था। चुनाव प्रचार के दौरान विधायक उमेश अग्रवाल सीधे तौर पर प्रचार अभियान का मोर्चा संभाले रहे। वहीं पटौदी में मौजूदा विधायक बिमला चौधरी, सोहना में तेजपाल तंवर और बादशाहपुर में कैबिनेट मंत्री राव नरबीर सिंह का साख दांव पर है। इसी प्रकार मेवात में इनेलो के विधायक जाकिर हुसैन की प्रतिष्ठ प्रत्याशी विरेंद्र राणा को मिलने वाले मतों से जुड़ी हुई है। कुछ ऐसी ही स्थिति भाजपा में आए निर्दलीय विधायक रहीशा खान और इनेलो से कांग्रेस में गए नसीम अहमद की है। रेवाड़ी में दोनों भाजपा विधायकों का कद भी इस चुनाव में आंका जाएगा।

प्रचार के दौरान राव इंद्रजीत बोले- हो सकता है यह मेरा आखिरी चुनाव हो

गुरुग्राम लोकसभा में देखा जाए तो विधानसभा सीटों, नगर निगम और नगर परिषदों पर भाजपा का कब्जा है। दूसरे स्थान पर कांग्रेस है, इसके बाद इनेलो है। जेजेपी और आप की स्थिति काफी दयनीय है। राजनीतिक विश्लेषकों को अनुमान है कि लोकसभा चुनाव के वोट पैटर्न से आगे की राजनीति तय होगी। 

विधायकों और कुछ बड़े नेताओं के अलावा जिन नेताओं की प्रतिष्ठा दांव पर हैं। उनमें खादी ग्रामोद्योग की चेयरमैन गार्गी कक्कड़, जीएल शर्मा, गौसेवा आयोग के चेयरमैन भानीराम मंगला, समय सिंह भाटी, मनीष यादव, मेयर मधु आजाद, डिप्टी मेयर सुनीता यादव समेत भाजपा के निगम पार्षद इसमें सूची में शामिल हैं। इसी प्रकार कांग्रेस प्रत्याशी को मिलने वाले मतों से कांग्रेस नेताओं का साख जुड़ी हुई है। इनमें पूर्व पार्षद गजे सिंह कबलाना, पार्षद सीमा पाहुआ, यशपाल बत्रा, पवन पाहुआ, प्रदीप जैलदार, पंडित मुकेश शर्मा, खजान सिंह, इंद्र सिंह सैनी, पूर्व मंत्री धर्मपाल, पूर्व विधायक धर्मवीर गाबा का नाम प्रमुख है।

इन नेताओं का कद होगा तय

विधायकों और कुछ बड़े नेताओं के अलावा जिन नेताओं की प्रतिष्ठा दांव पर हैं। उनमें खादी ग्रामोद्योग की चेयरमैन गार्गी कक्कड़, जीएल शर्मा, गौसेवा आयोग के चेयरमैन भानीराम मंगला, समय सिंह भाटी, मनीष यादव, मेयर मधु आजाद, डिप्टी मेयर सुनीता यादव समेत भाजपा के निगम पार्षद इसमें सूची में शामिल हैं। इसी प्रकार कांग्रेस प्रत्याशी को मिलने वाले मतों से कांग्रेस नेताओं का साख जुड़ी हुई है। इनमें पूर्व पार्षद गजे सिंह कबलाना, पार्षद सीमा पाहुआ, यशपाल बत्रा, पवन पाहुआ, प्रदीप जैलदार, पंडित मुकेश शर्मा, खजान सिंह, इंद्र सिंह सैनी, पूर्व मंत्री धर्मपाल, पूर्व विधायक धर्मवीर गाबा का नाम प्रमुख है।

निगम में भाजपा का वर्चस्व

गुरुग्राम लोकसभा में देखा जाए तो विधानसभा सीटों, नगर निगम और नगर परिषदों पर भाजपा का कब्जा है। दूसरे स्थान पर कांग्रेस है, इसके बाद इनेलो है। जेजेपी और आप की स्थिति काफी दयनीय है। राजनीतिक विश्लेषकों को अनुमान है कि लोकसभा चुनाव के वोट पैटर्न से आगे की राजनीति तय होगी।

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  • Web Title:Votes Will decide the height of claimants on Gurugram Lok Sabha seat