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डुमरियागंज में जगदम्बिका पाल ने बसपा के आफताब को हराया

डुमरियागंज में साढ़े 11 बजे तक हुई मतगणना में भाजपा के जगदम्बिका पाल को 94692 मत और सपा-बसपा गठबंधन के आफताब आलम को 77126 मत मिले थे। 

डुमरियागंज संसदीय सीट पर भाजपा के दिग्‍गज नेता जगदम्बिका पाल अपने निकटतम प्रतिद्वंदी गठबंधन उम्‍मीदवार आफताब से आगे चले रहे हैं। सवा दस बजे तक हुई मतगणना में उन्‍हें कुल 34194 मत मिले थे तो आफताब को 29093 मत। 

सिद्धार्थनगर का डुमरियागंज संसदीय क्षेत्र पूर्वांचल की राजनीति में अपना अहम मुकाम रखता है। इस सीट पर एक तरफ दिग्‍गज जगदम्बिका पाल बतौर भाजपा प्रत्‍याशी हैं तो दूसरी तरफ सपा-बसपा गठबंधन के प्रत्‍याशी आफताब आलम। कांग्रेस ने डॉ. चंद्रेश उपाध्याय को मैदान में उतारा। भाजपा और गठबंधन प्रत्‍याशी के बीच सीधा मुकाबला है। मतगणना आज होने वाली है। 11 बजे तक रुझान और दो-तीन बजे तक परिणाम आने की सम्‍भावना है। आइए जानते हैं इस बार इस सीट पर क्‍या रहे मुददे और प्रत्‍याशियों ने कैसे लड़ी चुनावी जंग-

पिछड़ेपन का दंश झेलना सिद्धार्थनगर की नियति है। शिक्षा में बस्ती और गोरखपुर दोनों मंडलों में सबसे पिछड़ा है। महिला साक्षरता दर का और बुरा हाल है। उद्योग धंधों के लिहाज से पूरा जिला ही पिछड़ा है। बाढ़ सालाना विपत्ति की तरह आती है। आपदा प्रबंधन की कोई लंबी योजना नहीं। इस चुनाव में भी ये सारे मुद्दे गायब रहे। जाति के संख्याबल के आधार पर जय पराजय की गोटें बिछाई गईं। लोग मुद्दों के प्रति उदासीन दिखे। बहस छिड़ने पर अपने अपने नायकों की तरफदारी में मुखर होते रहे।

सिद्धार्थनगर का उदय तो कोई तीन दशक पहले ही हुआ है। पर इसका अस्तित्व छठी शताब्दी ईशा पूर्व से है। महात्मा गौतमबुद्ध की क्रीड़ास्थली कपिलवस्तु इसी जनपद का हिस्सा है। यही नहीं दुनिया के प्रथम गणतंत्र के अंखुए भी इसी कपिलवस्तु से फूटे थे। शाक्य गणराज्य की राजधानी रही है कपिलवस्तु। यह बात दीगर है कि इतनी समृद्ध विरासत को अपने अंतस्तल में संजोने वाले इस स्थान को उसका वाजिब हक नहीं मिल पाया। लोग भी इसके प्रति उदासीन हैं और इंतजामिया भी। उनकी यह गौरवबोध सिर्फ किताबों तक ही सीमित है।

इस लोकसभा क्षेत्र में पांच विधानसभा क्षेत्र (शोहरतगढ़, कपिलवस्तु, बांसी, इटवा और डुमरियागंज) शामिल हैं। संसदीय सीट पर भाजपा के जगदंबिका पाल काबिज हैं तो विधानसभा की चार सीटें भी भाजपा के हिस्से में ही हैं। सिर्फ शोहरतगढ विधानसभा क्षेत्र अपनादल के हिस्से में है। यहां छठे चरण में 12 मई को चुनाव हुए थे। मौसम की तुलना में यहां का सियासी पारा ज्‍यादा चढ़ा रहा। अपने-अपने लक्ष्य के संधान में सभी प्रमुख सियासी पार्टियां जुटी रहीं। जगदंबिका पाल हेट्रिक के लिए अपने काम, लंबे सियासी अनुभव और कौशल का इस्तेमाल करते रहे। दूसरी ओर उनके राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी महागठबंधन के आफताब आलम ( बसपा प्रत्याशी) बीते एक साल से इस क्षेत्र की जनता को साधने में लगे थे। इस साल 25 अप्रैल तक भाजपा का झंडा बुलंद करने वाले डॉ. चंद्रेश उपाध्याय ने पाला बदल कर कांग्रेस के टिकट पर ताल ठोंकी।

2014 का रिजल्ट
नाम                   पार्टी    वोट मिले
जगदंबिका पाल    भाजपा    2,98,845
मोहम्मद मुकीम   बसपा     1,95,257
माता प्रसाद          सपा     1,74,778
वसुंधरा               कांग्रेस     88,117  

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