DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:
asianpaints

हरीश ने दूसरी बार बनाई संसद की राह, रामप्रसाद को हराया

बस्‍ती में साढ़े 11 बजे तक हुई मतगणना में भाजपा के हरीश द्विवेदी को 56058 मत और सपा-बसपा गठबंधन के रामप्रसाद चौधरी को 52352 मत मिले थे। 

बस्‍ती में भाजपा प्रत्‍याशी हरीश द्विवेदी और गठबंधन उम्‍मीदवार रामप्रसाद चौधरी के बीच कांटे की टक्‍कर है। फिलहाल हरीश मामूली वोटों के अंतर से आगे चले रहे हैं। सुबह दस बजे हुई मतगणना में उन्‍हें 9362 मत मिले थे तो रामप्रसाद चौधरी को 8560 मत। 

सर्वेश्‍वर दयाल सक्‍सेना की धरती बस्‍ती में इस बार लोकसभा के महासंग्राम का मुकाबला भाजपा प्रत्‍याशी हरीश द्विवेदी, सपा-बसपा गठबंधन के प्रत्याशी रामप्रसाद चौधरी और कांग्रेस प्रत्‍याशी राजकिशोर के बीच रहा। आज पता चल जाएगा कि इनमें से किसने बाजी मारी। जानते हैं इस बार क्‍या रहा बस्‍ती का चुनावी मिजाज-

यदुवंशी.. क्षत्रिय.... राजपूत.. जय भीम ... के स्टिकर डंडे पर लटक रहे थे। फेरीवाले को पता ही नहीं कि उस एक डण्डे में ही चुनाव का सारा गणित लटका है। रोडवेज तिराहे पर इन सबसे उदासीन फेरीवाला डंडे को देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की मूर्ति पर टिका कर सुर्ती मल रहा था। बस्‍ती में ये नेहरू की संभवत अकेली ऐसी मूर्ति है जिसमें वह घोड़े पर सवार हैं और गोल्फ खेल रहे हैं। भले ही उनकी मूर्ति में एक्शन दिख रहा हो, कांग्रेस यहां लंबे समय से चर्चा से भी गायब रही। पर, इस बार ऐसा नहीं है, यहां की त्रिकोणीय लड़ाई में बाकी पार्टियों के साथ कांग्रेस का भी भरपूर हिस्सा है।

भाजपा ने अपने सांसद हरीश द्विवेदी पर भरोसा जताया। हालांकि उनके टिकट कटने की अफवाहें खूब सुर्खियां बनी लेकिन भाजपा ने दोबारा उन पर दांव आजमाया। गठबंधन में यहां से बसपा के प्रत्याशी राम प्रसाद चौधरी रहे और कांग्रेस ने सपा से बागी राजकिशोर सिंह को मैदान में उतारा। राजकिशोर कप्तानगंज से 3 बार विधायक व सपा सरकार में मंत्री रह चुके हैं तो राम प्रसाद चौधरी कप्तानगंज से 5 बार विधायक और मंत्री रहे।

मोदी बनाम विपक्ष की लड़ाई : सपा से टिकट की आस लगाए राज किशोर सिंह यहां का टिकट बसपा के खाते में जाने से नाराज हो गए और उन्होंने पार्टी का दामन ही छोड़ दिया। 'हिन्‍दुस्‍तान' की चुनावी यात्रा के दौरान उन्‍हीं के गांव के रामकिशन ने कहा- दमदार तो हैं, लेकिन पार्टी फुस्स है तो करे क्या। वो फुसफुसा कर बताते है कि उनके गांव का वोट तो मोदी को जाएगा। सांसद के काम की बात को वो गोल कर गए और बोले उससे क्या। हम मोदी को वोट देंगें।

बस्‍ती में राजकिशोर सिंह बनाम राम प्रसाद चौधरी की लड़ाई पुरानी है। 2009 में रामप्रसाद चौधरी के भतीजे अरविंद चौधरी बसपा के टिकट पर बस्ती के सांसद बने थे और दूसरे नंबर पर सपा के राजकिशोर सिंह रहे थे। 2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा सांसद हरीश द्विवेदी ने राजकिशोर के भाई बृजकिशोर सिंह डिंपल को 33 हजार वोटों मात दी थी। इससे पहले के चुनावों में सपा तीसरे-चौथे नंबर पर रहती थी। राजकिशोर पिछले चुनाव में पार्टी को नंबर दो पर पहुंचाने के चलते टिकट मिलने की आस लगाए थे लेकिन टिकट नहीं मिला। 

वह सपा में रहते हुए जिला पंचायत चुनाव में गोरखपुर जिले के प्रभारी रहे और उन्होंने अपने सियासी समीकरणों के बलबूते पार्टी के लिए गेम चेंजर की भूमिका निभाते हुए गोरखपुर जिला पंचायत की सीट पार्टी की झोली में डाल दी। उनकी दमदारी को देखते हुए ही कांग्रेस ने उन पर दांव लगाया है। सपा-बसपा गठबंधन में वोट ट्रांसफर में राजकिशोर सिंह सेंध लगा सकते हैं। यही कारण था कि इस बार यहां राम प्रसाद चौधरी के कार्यकर्ता भी गांव-गांव घूमे और गठबंधन की बारीकियां समझाते रहे। रामप्रसाद की स्थिति बसपा के बेस वोट के कारण मजबूत है। वहीं उन्हें कुर्मी बिरादरी का साथ मिलता दिखा।

विकास नहीं, वोटों का गणित है कुछ और
बस्ती में प्रधानमंत्री मोदी की रैली भी हुई। यहां और आसपास की सीटें गठबंधन में बसपा को मिली हैं लिहाजा प्रधानमंत्री ने बसपा मुखिया मायावती को ही निशाने पर रखा। 

बस्‍ती में बंद चीनी मिल भी रहा मुद्दा 
1927 में स्थापित बस्ती चीनी मिल छह साल से बंद है। 300 कर्मचारी तीन साल से बगैर वेतन के मिल चालू होने के इंतजार में हाजिरी दे रहे हैं। कर्मचारी आहत हैं कि कोई जनप्रतिनिधि उन्हें 2016 से बकाया वेतन नहीं दिला पाया। वहीं वॉल्टरगंज की मिल भी 2016 से बंद है। यहां किसानों का पैसा फंसा हुआ है। किसान अपनी पर्ची दिखा कर पैसा दिलाने का अनुरोध करते हैं। 

विधानसभा सीटें
हरैया, बस्ती सदर, रुधौली, महादेवा और कप्तानगंज 

2014 का रिजल्‍ट

नाम    पार्टी    वोट मिले
हरीश द्विवेदी    भाजपा    3,57,680.
ब्रजकिशोर सिंह    सपा 3,24,118.
रामप्रसाद चौधरी    बसपा 2,83,747.
अंबिका सिंह    कांग्रेस 27,673.

सांसद की छवि पर भारी दिखे मोदी
सांसद हरीश द्विवेदी की छवि यहां आम आदमी की है। बस्‍ती में मेडिकल कॉलेज मिलने का श्रेय लोग उन्हें देते हैं। हरीश द्विवेदी ने यहां निजी कम्पनियों के सीएसआर (कॉरपोरेट सोशल रिसपांसबिलिटी) के तहत कई तरह के काम करवाए हैं। मसलन सरकारी स्कूलों में वाईफाई, सोलर सिस्टम जैसे कई परियोजनाओं पर काम हुआ है।

प्रत्‍याशी के चलते चर्चा में रही कांग्रेस
सपा-बसपा गठबंधन के चलते कांग्रेस लंबे अरसे बाद लड़ाई में दिखी। जिला कांग्रेस कार्यालय की हलचल भी बढ़ी रही।

कुल मतदाता
18,31,996
9,91,527 पुरुष 
8,40,331 महिला
138 थर्ड जेंडर 

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:Up lok Sabha election result 2019 live update live coverage Basti loksabha seat result