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लोकसभा चुनाव 2019: पूनम सिन्हा के आने से लखनऊ का मुकाबला हुआ रोचक 

poonam sinha and rajnath singh

समाजवादी पार्टी ने सिनेस्टार शत्रुघ्न सिन्हा की पत्नी पूनम सिन्हा को राजनाथ सिंह के नामांकन के रोज़ ही मैदान में उतार कर लखनऊ के मुकाबले को रोचक बना दिया है। लखनऊ की सियासी नब्ज़ को समझने वाले इससे चिंतित तो कतई नहीं हैं, लेकिन इतना जरूर मान रहे हैं कि लड़ाई पहले जैसी आसान नहीं रह गई। वह भी तब जबकि दबी जुबान चर्चा है कि कांग्रेस पूनम को समर्थन दे सकती है। 

सोची-समझी रणनीति के तहत बनाया प्रत्याशी
लखनऊ से वैसे तो पूनम सिन्हा के चुनाव लड़ने की चर्चा तब से ही थी जब शत्रुघ्न सिन्हा ने लखनऊ में अखिलेश यादव से मुलाकात की थी। पूनम के प्रत्याशी के रूप में उतारने का फैसला कोई अचानक नहीं लिया गया। सपा के सूत्रों का दावा है कि पूनम ने लखनऊ सीट पर लड़ने पर तभी अपनी सहमति दी जब यह तय हो गया कि वह विपक्ष की संयुक्त प्रत्याशी रहेंगी। हालांकि यह अभी देखने की बात है कि कांग्रेस यहां से प्रत्याशी उतारती है या समर्थन की घोषणा करती है। 

सपा देना चाहती है संदेश
दरअसल, पिछले चार चुनावों से समाजवादी पार्टी का प्रत्याशी लखनऊ सीट पर भाजपा को टक्कर नहीं दे सका। सिर्फ 2004 में सपा की मधु गुप्ता एक लाख छह हजार से अधिक वोटों के साथ दूसरे नंबर पर रहीं थी। इसके अलावा वर्ष 1999, 2009 और 2014 में कांग्रेस ने भाजपा के प्रत्याशियों को करारी टक्कर दी। सपा इस बार ऐसा प्रत्याशी चाहती थी जो भाजपा को टक्कर दे सके। पूनम को लाने के पीछे ऐसी ही रणनीति वजह रही।

समीकरणों पर जोर
पूनम की इंट्री के जरिए समाजवादी पार्टी ने बड़ा दाव चलने की कोशिश की है। दरअसल, पूनम के चेहरे को आधार बनाकर पार्टी लखनऊ में उनकी जाति के सिंधी समाज, कायस्थ समाज के अलावा दलित और मुख्य रूप से मुस्लिमों की आबादी को लुभाने की कोशिश में है। वहीं कन्नौज से सांसद डिंपल यादव के जरिए ज्वाइनिंग करवा कर सपा ने महिला का संदेश भी देने की कोशिश की है। कहना गलत न होगा कि कुछ ऐसे ही समीकरण के बलबूते कांग्रेस की रीता बहुगुणा जोशी वर्ष 2014 के चुनाव में राजनाथ सिंह को जबरदस्त टक्कर देती दिखीं थीं। लेकिन नतीजे आए तो रीता लगभग उतने ही वोट के अंतर से हारीं जितने वोट उन्हें मिले थे। रीता को 288357 मत मिले थे जबकि राजनाथ सिंह 561106 पाए थे।

संयुक्त प्रत्याशी होने पर भी मुकाबला आसान नहीं
लखनऊ सीट पर वर्ष 2014 के आंकड़ों पर गौर करें तब भी संयुक्त प्रत्याशी के तौर पर पूनम के सामने कड़ी चुनौती होगी। वर्ष 2014 में अगर सपा, बसपा और कांग्रेस के मतों को भी मिला लिया जाए तो भी राजनाथ सिंह को करीब 35.59 फीसदी वोट ज्यादा मिले थे। इसी तरह वर्ष 2009 में भी भाजपा के लालजी टंडन को 35 फीसदी वोट मिले थे और विपक्ष यानी सपा,बसपा व कांग्रेस को कुल मिलाकर 61.33 फीसदी मत मिले थे।

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  • Web Title:Shatrughan Sinha wife Poonam Sinha joins SP to contest against Rajnath Singh