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सारण लोकसभा सीट: 1977 में कांग्रेसियों का गढ़ ढहा तो बाद में राजद का किला चरमराया

गंगा, सोन व सरयू के संगम तट को समेटे सारण जितना धार्मिक रूप से समृद्ध है उतना ही राजनीतिक और ऐतिहासिक रूप से उर्वर भी। छह मुख्यमंत्रियों की देन वाला जिला सारण 1967 के दशक में कांग्रेसियों का गढ हुआ करता था । 

इस गढ़ को लालू ने 1977 की जेपी लहर में ध्वस्त किया तो राजद सुप्रीमो के किले को 1996 में पहली बार पूर्व केन्द्रीय मंत्री रूडी ने  तोड़ डाला । लालू प्रसाद यहां से चार बार सांसद बने । इस दौरान उन्होंने  दो बार  राजीव प्रताप रूडी को हराया।  चारा घोटाले में सजायाफ्ता होने के बाद उनकी सदस्यता छिनी तो उस वक्त वे लोकसभा में सारण का ही प्रतिनिधित्व कर रहे थे। फिलहाल बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव प्रताप रूडी यहां के सांसद हैं।   तीन बार चुनाव में विजयी होने के बाद चौथी बार लालू के समधी चंद्रिका राय से लड़ कर जीत हासिल करने की जद्दोजहद में जुटे हैं।  पिछले संसदीय चुनाव में उन्होंने राजद नेत्री व पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को पराजित कर इस सीट पर कब्जा जमाया था।

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1957 के चुनाव में था प्रजा  सोशलिस्ट पार्टी का  कब्जा
सारण लोस 2008 के परिसीमन से पहले छपरा संसदीय क्षेत्र के नाम से जाना था। यह सीट 1957 में सबसे पहले प्रजा सोशलिस्ट पार्टी के खाते में गयी थी। दल के पहले सांसद राजेन्द्र सिंह निर्वाचित हुए थे। इसके बाद  1962 से 1971 तक लगातार तीन बार यहां से कांग्रेस का पताका फहरा। इसका झंडा तब रामशेखर सिंह ने बुलंद किया था। 1977 के बाद इस सीट पर आरजेडी व बीजेपी समय समय पर कामयाबी हासिल करती रही है। 

हर चुनाव में यदुवंशी और रघुवंशी होते हैं आमने-सामने 
यहां हर चुनाव में यदुवंशी और रघुवंशी ही आमने-सामने होते हैं। कोई तीसरे वर्ग का व्यक्ति भले ही लड़ाई को त्रिकोणात्मक बना दे लेकिन सांसद बनने का गौरव अब  तक इन्हीं दोनों में से किसी एक को हासिल होता रहा है।  2014 के लोकसभा चुनाव में जबर्दस्त जातीय गोलबंदी थी। वोटर इस लिहाज से दो खेमे में बंटे थे। राजद व जेडीयू खेमे के वोटरों में बिखराव का फायदा मोदी लहर को मिला और राजीव प्रताप रूडी चुनाव जीत गये। 

छह विधानसभाओं को समेटे हुए है सारण 
सारण  जिले में यूं तो 10 विधानसभा क्षेत्र हैं लेकिन  यहां के चार विधान सभा इलाके के वोटर महाराजगंज लोकसभा क्षेत्र से सांसद चुनने में भागीदारी निभाते हैं। ऐसे में सारण लोकसभा क्षेत्र छह विधानसभा क्षेत्रों को ही समेटे हुए है। इन छह विधान सभा क्षेत्रों का भौगोलिक रूप से  राजनीतिक परिदृश्य यह है कि परसा, सोनपुर, गड़खा और मढौरा में राजद का कब्जा है जबकि अमनौर और छपरा सदर की सीट भाजपा के कब्जे में है। 

वर्तमान सांसद : राजीव प्रताप रूडी
1990 में महज 26 साल की उम्र में बने विधायक

ए-320 विमान  के कप्तान और लड़ाकू विमान उड़ाने में अनुभवी राजीव प्रताप रूडी ने छात्र राजनीति से निकलकर 1985 में सारण की सियासत में कदम रखा। 1990 में महज 26 साल की उम्र में विधायक बने। 1996 में पहली बार छपरा संसदीय सीट से बीजेपी के सांसद निर्वाचित हुये। वाजपेयी और नरेंद्र मोदी सरकार में  राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रहे। 2017 में कैबिनेट मंत्री से उन्हें इस्तीफा   देना पड़ा।  

कौन जीते कौन हारे 
2014

जीते:राजीव प्रताप रूडी, बीजेपी,35512
हारीं : राबड़ी देवी, आरजेडी,314172

2009
जीते :लालू प्रसाद, आरजेडी,274209
हारे:राजीव प्रताप रूडी, बीजेपी,222394

2004 
जीते : लालू प्रसाद, आरजेडी,228882
हारे : राजीव प्रताप, बीजेपी,168459

1999
जीते:राजीव प्रताप रूडी,बीजेपी, 390477
हारे: डॉ. हीरा लाल राय,राजद,346924 

कुल मतदाता 1661620
पुरुष मतदाता 891476
महिला मतदाता 770114
थर्ड जेंडर 27
मतदान केंद्र 1729
06 मई को चुनाव पांचवें चरण में

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  • Web Title:Saran Lok Sabha seat In 1977 Congress stronghold collapsed and later RJDs fort spread